इमैनुएल मैक्रों, राजनेता
इमैनुएल जीन-मिशेल फ्रेडेरिक मैक्रों (Emmanuel Jean-Michel Frédéric Macron) एक फ्रांसीसी राजनीतिज्ञ हैं, जो 14 मई 2017 से फ्रांस के राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत हैं (President of France).
इमैनुएल मैक्रों का जन्म 21 दिसंबर 1977 को एमिएन्स में हुआ था (Emmanuel Macron Age). उनके पिता फ्रेंकोइस मैक्रों, एक चिकित्सक (Emmanuel Macron Father), और उनकी मां जीन-मिशेल मैक्रों, पिकार्डी विश्वविद्यालय में न्यूरोलॉजी की प्रोफेसर थीं (Emmanuel Macron Mother). उनके दो भाई-बहन हैं, लॉरेंट और एस्टेल (Emmanuel Macron Siblings).
मैक्रों ने पेरिस विश्वविद्यालय-ऑएस्ट नान्टेरे ला डेफेंस में दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया और डीईए की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद, मैक्रों साहित्यिक पत्रिका एस्प्रिट के संपादकीय बोर्ड के सदस्य बने. 2004 में, उन्होंने इकोले नेशनेल डी प्रशासन से स्नातक की उपाधि प्राप्त की (Emmanuel Macron Education). उन्होंने वित्त महानिरीक्षक के दफ्तर में एक वरिष्ठ सिविल सेवक के रूप में काम किया और बाद में रोथ्सचाइल्ड एंड कंपनी में एक निवेश बैंकर बन गए (Macron Investment Banker).
फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद (François Hollande) ने मई 2012 के चुनाव के तुरंत बाद मैक्रों को उप महासचिव नियुक्त किया, जिससे मैक्रों हॉलैंड के वरिष्ठ सलाहकारों में से एक बन गए. बाद में, उन्हें अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री मैनुअल वाल्स ने अर्थव्यवस्था, उद्योग और डिजिटल मामलों के मंत्री के रूप में फ्रांसीसी कैबिनेट में नियुक्त किया (Macron Ministries). उन्होंने 2017 के फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक अभियान शुरू करते हुए अगस्त 2016 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. हालांकि मैक्रों 2006 से 2009 तक सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य रहे, लेकिन उन्होंने ला रिपब्लिक एन मार्चे! के बैनर तले चुनाव लड़ा (Macron Political Party).
मैक्रों ने पहले दौर के मतदान में शीर्ष स्थान हासिल किया, और 7 मई 2017 को दूसरे दौर में 66.1% वोट के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गए. 39 साल की उम्र में मैक्रों फ्रांस के इतिहास में सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति बने (Macron Vote Percent). अपने कार्यकाल में, मैक्रों ने श्रम कानूनों और कराधान में कई सुधारों की देखरेख की. 2020 से, उन्होंने COVID-19 महामारी और टीकाकरण रोलआउट के लिए फ्रांस की चल रही प्रतिक्रिया का नेतृत्व किया है (Macron Presidential Tenure).
मैक्रों का विवाह ब्रिगिट ट्रोग्नेक्स से हुआ है. वह उनसे 24 साल बड़ी हैं (Macron Wife Brigitte Trogneux). उनकी पत्नी अमीन्स में ला प्रोविडेंस हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान उनकी शिक्षका थीं. वे एक थिएटर वर्कशॉप के दौरान मिले थे तब वे 15 साल के छात्र थे और उनकी पत्नी 39 साल की शिक्षिका थीं. मैक्रों और ट्रोग्नेक्स ने 2007 में शादी की.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन के दौरान मैक्रों ने औपचारिक रूप से पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी.
पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत की GDP, एयरपोर्ट और विश्वविद्यालयों की संख्या दोगुनी हुई है, जबकि एक्सपोर्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई. उन्होंने डिजिटल हेल्थ आईडी, आधार और यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का डिजिटल मॉडल दुनिया के कई देशों के लिए अध्ययन का विषय बन रहा है.
अपनी दो देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच गए हैं. वहां भारतीय प्रवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पीएम मोदी ने वैश्विक प्रगति के लिए भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को पूरी दुनिया के लिए अत्यंत आवश्यक बताया है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार शाम को दिल्ली के दरगाह निजामुद्दीन औलिया पहुंचे. मैक्रों 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हुए 75वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे. उन्होंने कहा कि वह देश में सूफी संस्कृति के 700 वर्ष पुराने केंद्र में रात पौने दस बजे पहुंचे और आधे घंटे से अधिक समय तक वहां पर रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों यूरोप दौरे पर हैं. फ्रांस के नीस शहर से उनके दौरे का आगाज हुआ, जहां उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते किए गए वहां से प्रधानमंत्री स्लोवाकिया पहुंचे… यहां जहां प्रधानमंत्री मोदी का शानदार स्वागत हुआ. पीएम मोदी फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
ईरान-अमेरिका युद्ध और रूस यूक्रेन युद्ध के बीच इस साल की G7 बैठक फ्रांस के एवियां शहर में शुरु हो चुकी है.15 से 17 जून के बीच होने वाली इस बैठक में उन मुद्दों पर बातचीत संभव है जो फिलहाल दुनिया में तनाव का कारण बन रहे हैं . फ्रांस के खूूबसूरत शहर एवियां में इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये बातें ऐसे समय कही हैं, जब रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की तमाम कूटनीतिक कोशिशें लगातार नाकाम हो चुकी हैं. इस बीच जेलेंस्की इस उम्मीद के साथ G-7 में पहुंचे कि उन्हें पश्चिमी देशों से और ज्यादा राजनीतिक और सैन्य समर्थन मिलेगा.
PM मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को लेकर क्या बोले?
फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत हुई. इस दौरान भारत इनोवेट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की बदलती तकनीकी ताकत पर विस्तार से चर्चा की. यह समिट भारत की नवाचार क्षमता और भविष्य की तकनीकी उन्नति को उजागर करता है. दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग और तकनीकी क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ बैठक करेंगे. ये यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने कई अहम फैसले लिए हैं. इस बातचीत के बाद वार्षिक व्यापार को अगले पांच सालों में मौजूदा 16 अरब डॉलर से दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है.
PM इस वक्त फ्रांस के नीस शहर में हैं. दरअसल पीएम मोदी दोे देशों के दौरे पर हैं जहां वो कुछ देर बाद ही स्लोवाकिया जाने वाले हैं. वहां से दो दिन बाद वो वापस फ्रांस आएंगे और G7 देशों के सम्मेलन में शामिल होंगे. लेकिन सबसे बड़ी खबर ये है कि वो 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. फिलहाल फ्रांस में पीएम ने भारत इन्नोवेट्स कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जहां राष्ट्रपति मैक्रों ने उनका गले लगाकर स्वागत किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे की शुरुआत करते हुए फ्रांस के नीस शहर पहुंचे. इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेताओं ने मिलकर 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
भारत के पीएम मोदी फ्रांस गए हैं. वहां फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने उनके साथ मिलकर 'भारत इनोवेट्स' नाम का एक बड़ा इवेंट का उद्धाटन किया. इस इवेंट में भारत की नई तकनीक वाली कंपनियों को दुनिया के सामने दिखाया गया. मैक्रों ने भारत की खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत नई सोच और नई तकनीक का देश है.
फ्रांस के नीस शहर में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की नवाचार क्षमता और तकनीकी प्रगति की सराहना की. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन और भविष्य की साझेदारियों पर चर्चा की. इस दौरान भारत और फ्रांस के बीच सहयोग को नई दिशा देने और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया.
PM Modi meets Emmanuel Macron: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के नीस शहर पहुंचे. जहां उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच गर्मजोशी देखने को मिली. मैक्रों ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए गले लगाया. देखें वीडियो.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस पहुंचकर अपने यूरोप दौरे की शुरुआत की है. यहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया. मिली जानकारी के मुताबिक, स्लोवाकिया जाने से पहले प्रधानमंत्री एवियन और पेरिस का दौरा भी करेंगे.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं. इसी बीच फ्रांस ने भारत को एक महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा पहल में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है. जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान इस विषय पर उच्चस्तरीय चर्चा होने की संभावना है. समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दे इस बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर जाएंगे और G7 समिट में शामिल होंगे. इस यात्रा का फोकस AI, रक्षा, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग रहेगा.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को उनकी पत्नी ने पिछले साल थप्पड़ जड़ा था. उस घटना का वीडियो काफी वायरल हुआ है. अब उसी मामले से जुड़ा एक और पहलू सुर्खियों में है और सोशल मीडिया पर उसकी काफी चर्चा हो रही है.
फ्रांस ने अमेरिका में रखे सोने से रणनीतिक लेनदेन कर बड़ा वित्तीय लाभ दर्ज किया. वहीं भारत भी बदलते वैश्विक हालातों के बीच विदेशों से अपना स्वर्ण भंडार तेजी से वापस ला रहा है.