कोलकाता के उत्तरी इलाके स्थित प्रसिद्ध चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया. पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MCH) में भर्ती कराया गया है. चश्मदीदों के रोंगटे खड़े कर देने वाले बयानों ने इस पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने भयावह मंजर को याद करते हुए बताया, "कई लोग बेहोश हो गए थे; कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर लादकर ले जाया जा रहा था. मैंने अपने आस-पास यही सब होते देखा. जब लोग बेहोश हुए, तो उन्हें बाइकों पर बैठाकर अस्पताल ले जाया गया. वहां भारी भीड़ थी और चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी."
एक अन्य चश्मदीद ने व्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए कहा, "प्रवेश द्वार बहुत संकरा था और निकास द्वार भी बेहद संकरा था. सबसे बड़ी बात यह है कि उस जगह पर रोशनी का कोई इंतजाम नहीं था. इस लापरवाही ने स्थिति को और बिगाड़ दिया. मेरी अपनी बेटी और पोती इस हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती हैं." देखें VIDEO:-
कोलकाता पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम लगभग 19:40 बजे, अचानक हुई बारिश के दौरान पूजा पंडाल देखने पहुंचे लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इस दबाव के चलते गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शारदा पार्क (चोर बागान) पूजा पंडाल के निकास द्वार पर भगदड़ मच गई.
सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस (KP), कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप (DMG) की टीमें और मेडिकल अमला एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचा. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MCH) भेजा.
एहतियात के तौर पर इस पूजा पंडाल को अब दर्शकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 40 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है.
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया, हेल्पलाइन जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने सीधे कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. देखें VIDEO:-
TMC नेता कुणाल घोष ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "उत्तरी कोलकाता के चोरबागन पूजा पंडाल में एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. जो श्रद्धालु घायल हुए हैं, उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया है. हमारा साफ मानना है कि यह हादसा क्यों और कैसे हुआ, इसकी जांच बाद में होगी, लेकिन इस वक्त सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना और गंभीर रूप से घायलों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराना है. हमने प्रशासन से अनुरोध किया है और हमारे कार्यकर्ता भी पूरी तरह मदद में जुटे हैं."
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने चिंतित परिजनों की सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18003455678) जारी किया है, ताकि दुर्घटना से जुड़ी सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके. (इनपुट: एजेंसी से भी)