संसद की विभाग संबंधी स्थायी समितियों का पुनर्गठन किया गया है. इसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) को दो अहम समितियों की चेयरपर्सनशिप गंवानी पड़ी है. दरअसल, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को समितियों का पुनर्गठन किया.
कॉमर्स से जुड़ी संसदीय समिति के नए चेयरपर्सन बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी बनाए गए हैं. उन्होंने TMC की डोला सेन की जगह ली है. वहीं, केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स समिति की चेयरपर्सन काकोली घोष दस्तीदार बनी हैं. उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी सहयोगी कीर्ति आजाद की जगह ली है.
TMC में टूट के बाद बदली तस्वीर
दरअसल, संसदीय समितियों में यह बदलाव TMC में हुई टूट के बाद हुआ है. TMC के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है. इन सांसदों का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. इन सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी का दामन थामा है. साथ ही NDA को समर्थन देने की बात कही है.
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TMC ने राज्यसभा के तहत आने वाली आठ समितियों में से किसी की भी चेयरपर्सनशिप नहीं मिलने पर आपत्ति जताई है. पार्टी के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने इसे लेकर राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखा है.
डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि राज्यसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. इसके बाद कांग्रेस और TMC का स्थान है. उन्होंने कहा कि TMC को 2024-25 और 2025-26 में समितियों की चेयरपर्सनशिप मिली थी. अब ये जिम्मेदारियां उससे ले ली गई हैं.
ओ'ब्रायन ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. उन्होंने 2019 का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी TMC को चेयरपर्सनशिप से वंचित किया गया था. बाद में इसमें सुधार हुआ था. अब फिर वही स्थिति बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद को एक गहरा और अंधेरा कक्ष बनाया जा रहा है. यह सभी बातें उन्होंने अपने लेटर में लिखी हैं]
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पुनर्गठन के दौरान कई समितियों के चेयरपर्सन को बरकरार रखा गया है. DMK के तिरुचि शिवा को फिर से उद्योग समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है. कनिमोझी को खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण समिति की जिम्मेदारी मिली है.
कांग्रेस के शशि थरूर विदेश मामलों की समिति के चेयरपर्सन बने रहेंगे. कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी भी कृषि समिति के चेयरपर्सन पद पर बने रहेंगे. कांग्रेस के मुकुल वासनिक को शिक्षा, महिला, बाल और युवा मामलों की समिति की जिम्मेदारी फिर मिली है. समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव पहले की ही तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभालेगें
BJP समेत सहयोगी दलों के नेताओं को भी जिम्मेदारी
बीजेपी के राधा मोहन सिंह रक्षा समिति की कमान संभालेंगे. अनुराग ठाकुर को कोयला, खान और इस्पात समिति का चेयरपर्सन फिर बनाया गया है. बीजेपी के भरतृहरि महताब वित्त समिति के प्रमुख बने रहेंगे. राधा मोहन दास अग्रवाल गृह मामलों की समिति के चेयरपर्सन बने रहेंगे. निशिकांत दुबे को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति की जिम्मेदारी फिर मिली है.
JD(U) के संजय कुमार झा को परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति का चेयरपर्सन फिर बनाया गया है. शिवसेना के श्रीरंग बारणे ऊर्जा समिति के प्रमुख बने रहेंगे. NCP के सुनील तटकरे को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है.
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दरअसल, संसद में विभाग संबंधी कुल 24 स्थायी समितियां हैं. इनमें आठ समितियां राज्यसभा के सभापति के तहत काम करती हैं. बाकी 16 समितियां लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशन और नियंत्रण में रहती हैं.
इन समितियों का कार्यकाल एक साल का होता है. इसके बाद इनका दोबारा गठन किया जाता है. इस बार हुए पुनर्गठन में कई नए चेयरपर्सन बनाए गए हैं, जबकि कई पुराने चेयरपर्सन को फिर जिम्मेदारी दी गई है.