scorecardresearch
 

बंगाल: नेपाल बॉर्डर पर गिरफ्तार जहांगीर खान की कोर्ट में हुई पेशी

पश्चिम बंगाल के फलता क्षेत्र से जुड़े चुनाव धांधली के आरोपी और टीएमसी के पूर्व नेता जहांगीर खान को भारी सुरक्षा के बीच डायमंड हार्बर कोर्ट में पेश किया गया. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं.

Advertisement
X
जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था. (Photo- ITGD)
जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था. (Photo- ITGD)

पश्चिम बंगाल के फलता से जुड़े मामले में आरोपी टीएमसी के पूर्व नेता जहांगीर खान को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था अब मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें डायमंड हार्बर कोर्ट में पेश किया गया. भारी सुरक्षा घेरे में ही आरोपी को जज के सामने लाया गया.

जहांगीर खान पर चुनाव में धांधली, रंगदारी, जमीन कब्जाने और भारत से भागने की कोशिश जैसे आरोप हैं. ऐसे में उन्हें अदालत में पेश करते समय एक विशेष पुलिस एस्कॉर्ट टीम और केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था. 

पुलिस ने आरोपी जहांगीर खान के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस ने जहांगीर खान पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 117(2), 118(2), 305(B), 109, 308(5), 324(4), 304(5) और 3(5) के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं. इन धाराओं में हमला करने, गंभीर चोट पहुंचाने और साजिश रचने जैसे कई संगीन अपराध शामिल हैं.

क्या है पूरा मामला?

टीएमसी के पूर्व नेता जहांगीर खान पर हालिया बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फलता में पोलिंग बूथों पर गड़बड़ी करने और ईवीएम पर बीजेपी के चुनाव चिन्ह के ऊपर टेप चिपकाने का गंभीर आरोप लगा था. इसके बाद चुनाव आयोग ने वहां दोबारा मतदान का आदेश दिया, लेकिन जहांगीर खान ने ऐन वक्त पर अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली जिससे नाराज होकर टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: उधर नेपाल बॉर्डर पर जहांगीर खान की गिरफ्तारी, इधर लोगों ने तोड़ दिया दफ्तर

नेपाल सीमा से STF ने किया गिरफ्तार

जहांगीर खान पर जमीन कब्जाने और रंगदारी के कई मामले दर्ज हैं. फलता थाने में उसके खिलाफ रंगदारी और हिंसा समेत कम से कम 7 एफआईआर (FIR) दर्ज थीं. कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले जहांगीर खान को गिरफ्तारी से प्रोटेक्शन दी थी, लेकिन 26 मई को कोर्ट ने ये सुरक्षा हटा ली. इसके बाद से वो लगातार फरार चल रहा था. पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसे भारत-नेपाल सीमा के पास से उस समय गिरफ्तार किया था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement