डायमंड हार्बर (Diamond Harbour) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित एक प्रमुख तटीय नगर है, जो हुगली नदी के किनारे बसा हुआ है. यह कोलकाता से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण में पड़ता है और अपने रणनीतिक लोकेशन, प्राकृतिक सौंदर्य तथा ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. 2011 की जनगणना के अनुसार, डायमंड हार्बर की कुल आबादी लगभग 41,000 के आसपास है. यहां शिक्षित युवाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है.
डायमंड हार्बर समुद्री और नदी परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु माना जाता है. यहां हुगली नदी का चौड़ा विस्तार देखने लायक होता है, जो इसे पर्यटन के लिहाज से खास बनाता है. शहर में ब्रिटिश काल के कुछ अवशेष, पुरानी इमारतें और बंदरगाह क्षेत्र पर्यटन आकर्षण बढ़ाते हैं.
डायमंड हार्बर के आसपास कई प्रमुख शहर और कस्बे स्थित हैं, जिनमें कोलकाता, बरुईपुर, कुलपी, फाल्टा, मैथन, और राजपुर-सोनारपुर प्रमुख हैं. कोलकाता से बेहतरीन सड़क और रेल कनेक्टिविटी इसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है. फाल्टा एसईजेड (Special Economic Zone) भी पास होने के कारण यह क्षेत्र व्यापार और उद्योग के लिए तेजी से विकसित हो रहा है.
डायमंड हार्बर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक विकास का संतुलित मेल है, जो इसे दक्षिण बंगाल के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करता है.
पश्चिम बंगाल के फलता क्षेत्र से जुड़े चुनाव धांधली के आरोपी और टीएमसी के पूर्व नेता जहांगीर खान को भारी सुरक्षा के बीच डायमंड हार्बर कोर्ट में पेश किया गया. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी की हार के बाद से अभिषेक बनर्जी निशाने पर हैं. ममता बनर्जी से ज्यादा उनके भतीजे को विरोध का सामने करना पड़ा रहा है. इसकी वजह अभिषेक बनर्जी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप और I-PAC से जुड़ी है.
बंगाल में री-पोलिंग के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि डायमंड हार्बर के बागदा में री-पोलिंग के दौरान एक शख्स नशे की हालत में मतदान केंद्र में घुसने की कोशिश कर रहा था. तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और डिटेन कर लिया. ये शख्स खुद को जॉइंट बीडीओ बता रहा था. देखें ये रिपोर्ट.
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर री-पोलिंग का काम पूरा हो गया है. दरअसल, चुनावी धांधली और गड़बड़ी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने इन बूथों पर फिर से मतदान कराने का फैसला लिया था.