जहांगीर खान (Jahangir Khan) पश्चिम बंगाल के एक नेता हैं. वे टीएमसी के सदस्य हैं. 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वह दक्षिण 24 परगना जिले की हाई-प्रोफाइल सीट फलता से टीएमसी प्रत्याशी हैं. चुनावी धांधली के आरोपों के चलते फलता सीट पर 29 अप्रैल 2026 को हुई वोटिंग को रद्द कर दिया गया था और 21 मई को पुनर्मतदान होना है. लेकिन 19 मई 2026 को उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया. जहांगीर खान ने ऐलान किया है कि अब वह चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे.
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को री-पोलिंग से पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी प्रक्रिया से हटने का फैसला किया है. यह कदम टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. चुनाव आयोग ने ईवीएम गड़बड़ी के चलते री-पोलिंग का आदेश दिया था.
पश्चिम बंगाल के फलता से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने प्रचार खत्म होने से कुछ घंटे पहले ही चुनावी मैदान से पीछे हटने का ऐलान किया है.
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान पर मतदाताओं को धमकाने के आरोप लगे हैं. चुनाव ड्यूटी पर तैनात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत दोबारा मिली तो सख्त कार्रवाई होगी. जांच के दौरान जहांगीर के घर पर 14 पुलिसकर्मी तैनात मिले.
पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा की कार्रवाई से नाराज टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने उन्हें खुली चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि खेल उन्होंने शुरू किया है, लेकिन खत्म टीएमसी करेगी. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी रात में छापेमारी कर रहे हैं और महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया. निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विरोध जताया. आयोग को मतदाताओं को धमकाने और पहचान पत्र जमा कराने की शिकायत मिली थी. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं.' वहीं तृणमूल नेताओं ने शर्मा पर अधिकार सीमा लांघने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया.
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित यू-टर्न देखने को मिला, जब दक्षिण 24 परगना जिले की हाई-प्रोफाइल सीट फलता से टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए. इससे बीजेपी की राह आसान हो गई है, लेकिन जीत-हार वोटिंग से तय होगी.
पश्चिम बंगाल की सत्ता बदल चुकी है. इस बदले हुए सियासी माहौल में फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को मतदान है, जहां टीएमसी के जहांगीर खान और बीजेपी के देवांग्शु पांडे के बीच मुकाबला है. जहांगीर खान को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वे जीत पाएंगे?
पश्चिम बंगाल के फलता में री-पोलिंग से ठीक 72 घंटे पहले सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में सुरक्षात्मक राहत की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
फलता उपचुनाव से पहले पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी और अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने टीएमसी को 'वनवास' भेज दिया है और अभिषेक बनर्जी को फलता आकर प्रचार करने की चुनौती दी.
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता री-पोलिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विधायक चुनने का चुनाव नहीं बल्कि संविधान बहाली की लड़ाई है. TMC उम्मीदवार जाहंगीर खान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 'तथाकथित पुष्पा' अब उनकी जिम्मेदारी है.
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में बीजेपी समर्थकों ने टीएमसी के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की. समर्थकों ने दफ्तर से टीएमसी का झंडा हटाकर बीजेपी का झंडा भी फहरा दिया.
चुनाव आयोग ने बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भी दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है. गड़बड़ी की शिकायतों के बाद यहां के सभी 285 बूथों पर फिर से वोटिंग होगी.