नंदीग्राम (Nandigram) पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यह क्षेत्र कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर है. नंदीग्राम का नाम प्राचीन काल के एक शिवभक्त ऋषि "नंदी" के नाम पर पड़ा, जिनके कारण यहां भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है.
नंदीग्राम की अधिकांश आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है. यह कृषि प्रधान इलाका माना जाता है. यहां लोग कृषि, मत्स्य पालन और लघु व्यवसायों पर निर्भर करते हैं.
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल का एक शहर है जिसका का नाता कंट्रोवर्सी से रहा है. 2007 में, पश्चिम बंगाल सरकार ने सलीम समूह को विशेष आर्थिक क्षेत्र नीति के तहत नंदीग्राम में एक रासायनिक केंद्र स्थापित करने की अनुमति दी. इसके कारण ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस के साथ झड़प हुई जिसमें 14 ग्रामीण मारे गए. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान माओवादियों की संलिप्तता भी थी.
2021 चुनाव में वहा हिंसा देखा गया था और 2024 लोकसभा चुनाव में भी वहां बीजेपी और टीएमसी आपस में भिड़ गई. इस हिंसा में काफी तोड़-फोड़ और आगजनी जैसे घटनाओं को अंजाम दिया गया.
देश की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर बाय-इलेक्शन खत्म हो गया है. अब इसके नतीजे 9 अक्टूबर को सामने आएंगे. पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में छिटपुट हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए हैं.
देश के चार राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी की 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम और रेजी नगर सीटों की है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच वोट डाले गए. नंदीग्राम में शाम तक लगभग 79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि रेजी नगर में शाम 5 बजे तक करीब 7 प्रतिशत मतदान होने की खबर है. इन चुनावों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे. नंदीग्राम सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया था.
उपचुनाव में इस बार वोटरों का रुझान काफी मजबूत नजर आया. पांच विधानसभा सीटों पर मतदान को लेकर सामने आए ताजा आंकड़ों में कई सीटों पर दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली. किस सीट पर सबसे ज्यादा वोट पड़े और कहां मुकाबला सबसे करीबी रहा, जानिए पूरी जानकारी.
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराया गया और उसके पोलिंग एजेंटों को बूथों से जबरन बाहर निकाला गया.
तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर आज सुबह से मतदान जारी है. इस चुनावी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों की हो रही है. सुबह 7.00 बजे से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. नंदीग्राम सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है.
पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर आज उपचुनाव है. असम की नगांव लोकसभा सीट, बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीट और पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर मंगलवार को मतदान किया जाएगा.
6 अक्टूबर को भारत के छह राज्यों की छह प्रमुख विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं. असम की नगांव लोकसभा सीट, पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटें, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें और पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर मतदान होगा.
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए रविवार शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा. नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान और BJP उम्मीदवार हसीराई राठ समेत कई दलों के उम्मीदवार प्रचार में जुटे हैं. रेजीनगर में BJP, कांग्रेस, AJUP और TMC के दोनों धड़े मैदान में हैं. दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग और 9 अक्टूबर को काउंटिंग होगी.
कोलकाता हाईकोर्ट ने नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलान प्रधान को अंतरिम जमानत दे दी है. ये जमानत 20 अक्टूबर तक मान्य है और उन्हें 21 अक्टूबर को हल्दिया कोर्ट में सरेंडर करना होगा. मिलान प्रधान पर 2007 से छह मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या के आरोप भी शामिल हैं.
कलकत्ता हाई कोर्ट ने बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ की उम्मीदवारी रद्द करने की कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया है. कांग्रेस ने याचिका में जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता में गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. जस्टिस कृष्णा राव ने इस याचिका को अस्वीकार करते हुए हसीरानी रथ को नंदीग्राम उपचुनाव लड़ने की अनुमति दी है.
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले पुलिस ने TMC नेता शेख शहाबुद्दीन के नंदीग्राम स्थित घर की तलाशी ली. यह तलाशी 15-20 साल पुराने मामलों के सिलसिले में की गई.
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर उनके पति की गिरफ्तारी को लेकर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. जेल में बंद मिलन प्रधान प्रचार नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए उनकी पत्नी चुनाव प्रचार करेंगी.
नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के हलफनामे में उम्र और शिक्षा को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है. उन्होंने अपनी उम्र "60 साल से ऊपर" बताई, लेकिन दसवीं पास करने का साल 1965 लिखा, जो हिसाब से मेल नहीं खाता. अगर उम्र 60 साल मानें तो वे 1965 में पैदा भी नहीं हुई थीं.
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है. प्रधान के खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले हैं, जिनमें से पांच में उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है. कांग्रेस ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा था, जबकि बीजेपी ने आरोपों को खारिज किया था. अब हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी.
रेजीनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को पांच साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था.
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में राजनीतिक घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है.
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया था. अब मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इस बीच 4 अक्टूबर चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है.
सांसद सयानी घोष ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को राजनितिक कार्रवाई बताया है. उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में दोनों पार्टियों के बीच तालमेल की उम्मीद जताई. कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं. वहीं पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है.
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. इससे पहले ही नंदीग्राम में बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. शुक्रवार को ममता खेमे की उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी वापस ले ली. इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया और इसके कुछ ही देर बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बंगाल पुलिस ने प्रधान को गिरफ्तार कर लिया.
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. दरअसल, नंदीग्राम के चुनाव में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की घोषित उम्मीदवार संचिता दे ने अपना नामांकन वापस ले लिया. सूत्रों के अनुसार, संचिता दे ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने के बाद अपना नाम वापस लिया था.