scorecardresearch
 

कलकत्ता हाईकोर्ट से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत: भवानीपुर-कालीघाट FIR मामले में 6 अगस्त तक गिरफ्तारी पर रोक

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से नई राहत मिली है. भवानीपुर, कालीघाट और बिष्णुपुर थानों में दर्ज एफआईआर पर कोर्ट ने 6 अगस्त तक कोई सख्त कार्रवाई न करने का आदेश दिया है और राज्य को सभी एफआईआर की सूची पेश करने को कहा है.

Advertisement
X
हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज सभी FIR की जानकारी मांगी (Photo: PTI)
हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज सभी FIR की जानकारी मांगी (Photo: PTI)

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है. भवानीपुर, कालीघाट और बिष्णुपुर थानों में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य ने पुलिस को फिलहाल 6 अगस्त तक कोई सख्त कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 6 अगस्त की अगली सुनवाई तक बनर्जी के खिलाफ अब तक दर्ज सभी एफआईआर की सूची कोर्ट में पेश की जाए.

यह मामला विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद शुरू हुआ था. नतीजे आने के बाद राज्य के अलग अलग थानों में बनर्जी के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई जाने लगीं, जिन्हें पुलिस एफआईआर के रूप में दर्ज कर रही थी. इससे परेशान होकर बनर्जी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर पूरी सुरक्षा और इन एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. आज उसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें अस्थायी सुरक्षा दे दी.

इससे पहले अभिषेक बनर्जी सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुके हैं. उन्होंने हाईकोर्ट के 20 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत नहीं दी गई थी. उस मामले की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है.

यह भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी, TMC के 20 बागी सांसदों पर कार्रवाई की मांग

Advertisement

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बनर्जी के कथित धमकी भरे बयानों से जुड़े मामले में भी उनकी सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ाई थी, लेकिन विदेश यात्रा की इजाजत नहीं दी थी. 

कोर्ट ने कहा था कि जांच जारी है, इसलिए फिलहाल विदेश जाना ठीक नहीं होगा और कोलकाता में ही अच्छे अस्पतालों में इलाज संभव है. कोर्ट ने उन्हें एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र रोग विभाग से जांच कराने की सलाह भी दी थी. यह विवाद 27 अप्रैल को एक सार्वजनिक सभा में विपक्षी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दिए गए बनर्जी के बयान से जुड़ा है, जिसकी एफआईआर रद्द करने की मांग वे पहले से कर रहे हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement