Kal Ka Mausam: यूपी के कई जिलों में झमाझम बारिश होगी या निकलेगी धूप. हर किसी की नजर अगस्त के पहले दिन के मौसम पर है. क्या 1 अगस्त को भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा या मानसून कुछ धीमा पड़ेगा? इस सवाल का जवाब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में दिया है. मौसम विभाग के अनुसार 1 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है.
हालांकि राहत की बात यह है कि 1 अगस्त के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है. यानी फिलहाल अत्यधिक या बहुत भारी बारिश जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है. इसके बावजूद मौसम विभाग ने मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. आईएमडी लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक अगस्त की शुरुआत मानसून के असर के साथ होगी.
प्रदेश के दोनों हिस्सों पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा या बौछारें पड़ने की संभावना है. कई जिलों में दिन की शुरुआत बादलों के साथ हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर दोपहर या शाम के समय बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त को प्रदेश में कोई विशेष मौसम चेतावनी लागू नहीं रहेगी. इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश नहीं होगी, बल्कि बारिश का स्वरूप सामान्य मानसूनी रहेगा.
इन जिलों में बरस सकते हैं बादल
आईएमडी के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), हापुड़, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, संभल, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, एटा और कासगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती समेत अनेक जिलों में भी रुक-रुक कर बारिश हो सकती है.
बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा
भले ही किसी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आईएमडी ने मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. इसलिए खेतों में काम कर रहे किसानों, खुले मैदान में मौजूद लोगों और यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग का कहना है कि गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, बिजली के खंभों या खुले मैदान में रुकने से बचें. यदि तेज गर्जना सुनाई दे तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें.
किसानों के लिए राहत की खबर
अगस्त की शुरुआत में होने वाली यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. धान, मक्का, बाजरा, तिल, उड़द और अरहर जैसी फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी. हालांकि जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव है, वहां किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और मौसम साफ होने के बाद ही कृषि कार्य करें.
जुलाई में बारिश की कमी, लेकिन आखिर में मिली राहत
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक 28 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई. हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में कई जिलों में हुई अच्छी बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक कम हुई है और खरीफ फसलों को भी राहत मिली है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और मेघगर्जन के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. यदि यात्रा जरूरी हो तो मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही निकलें. सड़कों पर जलभराव होने पर वाहन धीमी गति से चलाएं और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें.
आगे कैसा रहेगा मौसम
आईएमडी के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है. हालांकि 1 अगस्त के लिए किसी भी जिले में येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे अत्यधिक बारिश जैसी स्थिति की संभावना फिलहाल कम है. अगस्त की शुरुआत उत्तर प्रदेश में मानसून के साथ होगी. इसलिए अगर आप शुक्रवार को घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर होगा. मौसम भले ही सामान्य रहे, लेकिन बादल कब बरस पड़ें और कब बिजली चमकने लगे, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं होगा. यही वजह है कि मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और समय-समय पर मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी है.