यूपी में दो अगस्त (रविवार) को सभी 75 जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के के मुताबिक प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है. इसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेशभर में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं.
IMD के अनुसार, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बना दबाव क्षेत्र कमजोर होकर दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है. इसके प्रभाव से मानसूनी ट्रफ धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसक रही है. इसी वजह से गंगा के मैदानी क्षेत्रों में नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले सप्ताह में उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है.
2 अगस्त को कैसा रहेगा उत्तर प्रदेश का मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 2 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी और कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना है. यही वजह है कि पूर्वी यूपी के लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है.
पूरे प्रदेश में बदलेगा मौसम
हालांकि 2 अगस्त के लिए IMD ने जिलावार भारी बारिश की सूची जारी नहीं की है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की संभावना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान पूरे प्रदेश में मौसम के बदलाव का संकेत देता है. ऐसे में राजधानी लखनऊ से लेकर कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली, मेरठ, आगरा, झांसी और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. जिलावार चेतावनी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है.
अगस्त के पहले सप्ताह में बढ़ेगी बारिश
IMD ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 3 अगस्त से 7 अगस्त तक भी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. कई दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा के संकेत दिए गए हैं. इससे साफ है कि अगस्त का पहला सप्ताह मानसूनी गतिविधियों के लिहाज से काफी सक्रिय रह सकता है.
क्यों बढ़ रही है बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी ट्रफ की उत्तर की ओर बढ़ती स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश में नमी लगातार बढ़ रही है. यही मौसम प्रणाली अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को मजबूत बनाए रख सकती है.
अब तक सामान्य से कम हुई बारिश
हालांकि मानसून अब सक्रिय हो रहा है, लेकिन इस सीजन में उत्तर प्रदेश अभी भी सामान्य वर्षा से पीछे है. 1 जून से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी 35 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 प्रतिशत रही है. यदि अगस्त के पहले सप्ताह में अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो इस कमी की कुछ भरपाई हो सकती है. मौसम विभाग ने अगस्त और मानसून के उत्तरार्ध का आउटलुक भी जारी किया है. इसके अनुसार प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में औसत मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है. इसके साथ ही अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना भी जताई गई है.
लोगों के लिए सलाह
बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें. जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग का ताजा अपडेट जरूर देख लें. किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखकर खेती से जुड़े कार्य करने चाहिए.