उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. 13 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 25 जिलों में येलो वार्निंग जारी होने के बाद मौसम विभाग ने लोगों को अगले 24 घंटे बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और उत्तर भारत में मजबूत हुई मानसूनी धारा के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कई जिलों में कम समय में अत्यधिक बारिश हो सकती है. इससे जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी, सड़क यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है. साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा.
इन 13 जिलों में रेड अलर्ट, अत्यधिक भारी बारिश का खतरा
आईएमडी ने बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं तथा आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) हो सकती है. ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों से भी अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें.
30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और जालौन में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़कें बंद होने और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है.
25 जिलों में येलो वार्निंग
प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश को लेकर येलो वार्निंग जारी की गई है. इन जिलों में लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों पर नजर रखने और बिजली गिरने की चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है.
क्यों अचानक सक्रिय हुआ मानसून
लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवाएं उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं. इसके साथ ही उत्तर भारत में मानसूनी धारा भी मजबूत हुई है. यही वजह है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की घनी आवाजाही और तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है. मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार और मंगलवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी मंडलों में गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश होगी. इसके बाद बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन 24 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है.
बिजली गिरने का भी खतरा
आईएमडी ने बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है. किसानों, खुले मैदान में काम करने वाले लोगों और ग्रामीण इलाकों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने या बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए. गरज सुनाई देते ही सुरक्षित पक्के भवन में चले जाना सबसे सुरक्षित उपाय है. लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी पड़ेगा. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहेगा. इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि, जहां बारिश रुक जाएगी वहां हवा में नमी अधिक रहने के कारण हल्की उमस बनी रह सकती है.
बारिश बढ़ी, लेकिन अब भी सामान्य से कम
बारिश के बावजूद उत्तर प्रदेश में मानसून सीजन की कुल वर्षा अभी भी सामान्य से कम है. आईएमडी के अनुसार, प्रदेश में अब तक 204.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 266.2 मिलीमीटर होती है. यानी पूरे राज्य में अभी भी 23 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी 33 प्रतिशत दर्ज की गई है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य 226.8 मिलीमीटर के मुकाबले 214 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो करीब 6 प्रतिशत कम है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही तो मानसून की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है.
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने कहा है कि जिन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी है वहां लोग अनावश्यक यात्रा से बचें. नदियों, नालों और जलभराव वाले इलाकों में जाने से परहेज करें. वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर होगा. किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है. वहीं जिला प्रशासन को संभावित जलभराव, पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
अगले 24 घंटे क्यों हैं अहम
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. कई जिलों में कम समय में अत्यधिक बारिश हो सकती है. ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए केवल मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए. फिलहाल संकेत यही हैं कि मानसून पूरी तरह सक्रिय है और आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.