उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर जिले में 692 करोड़ रुपये लागत की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा और कांग्रेस पर राष्ट्रनायकों का सम्मान करने के बजाय विदेशी आक्रांता सालार मसूद को महिमामंडित करने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए की डबल इंजन सरकार महाराजा सुहेलदेव जैसे वीरों को पूरा सम्मान दे रही है.
सपा-कांग्रेस पर आक्रांताओं के महिमामंडन का आरोप
सीएम योगी ने कहा कि बहराइच के चितौड़ा में महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद को रौंदकर सजा दी थी. इसके बावजूद सपा और कांग्रेस ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर कोई आयोजन नहीं होने दिया. ये लोग आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला लगवाते थे.
गाजीपुर की समृद्ध सैन्य परंपरा का जिक्र
मुख्यमंत्री ने गाजीपुर को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि 1965 युद्ध में पैटन टैंक ध्वस्त करने वाले वीर अब्दुल हमीद और 1971 युद्ध के महावीर चक्र विजेता शहीद रामनुग्रह पांडे इसी धरा के थे. गाजीपुर ने हमेशा आतंक, लूट और अराजकता के खिलाफ शंखनाद किया है.
गहमर गांव और राष्ट्ररक्षा में योगदान
उन्होंने एशिया के सबसे बड़े गहमर गांव की सराहना करते हुए कहा कि यहां 12 हजार से अधिक सैनिक व सेनाधिकारी रहते हैं. इस गांव ने देश की आजादी, 1962, 1965, 1999 की लड़ाइयों और पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है.
बकौल सीएम योगी- गाजीपुर क्यो गुमनाम होता गया? इसका नाम क्यों डूब गया, क्यो गाजीपुर का नाम लेने से लोग डरते थे? पहचान का संकट किसने खड़ा किया? ये सब काम विपक्ष ने किया. ये वही लोग हैं, जिन्होंने किया कुछ नही बल्कि आपके सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया. ये वही लोग हैं जिन्होंने राष्ट्रनायको जो सम्मान देने की बजाय विदेशी आक्रांताओं को महिमामंडित किया था. आज डबल इंजन की एनडीए की सरकार राष्ट्र नायकों को सम्मान देती है.
सीएम ने आगे कहा कि 1000 वर्ष पहले भारत को रौंदने आया सालार मसूद, उसे बहराइच के चितौड़ा स्थान पर भारत के जिस महापुरुष राष्ट्रनायक ने रौंदकर इस्लाम के अनुरूप सबसे कड़ी सजा दी थी, वह कोई और नही महाराजा सुहेलदेव थे. मगर महराज सुहेलदेव के नाम पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कभी कोई आयोजन नही होने दिया. इसके उलट उन्होंने राष्ट्र नायकों का अपमान किया. ये लोग आक्रांता सालार मसूद गाजी का मेला लगाते थे.