Gujarati Chorafali Recipe: इस ट्रिक से 1 कप बेसन से बनाएं फूली-फूली और क्रिस्पी गुजराती चोराफली, स्वाद में है लाजवाब
बारिश या त्योहार के मौसम में चाय के साथ कुछ चटपटा और कुरकुरा खाना चाहते हैं? तो ट्राई करें गुजरात की मशहूर चोराफली. 1 कप बेसन और उड़द दाल से बनी यह हल्की और खस्ता नमकीन मुंह में डालते ही घुल जाती है. जानिए इसे एकदम फूली-फूली और क्रिस्पी बनाने का सीक्रेट तरीका.
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नमकीन में चोराफली भी लोग बहुत खाते हैं. (PHOTO:AI)
Gujarati Chorafali Recipe: बारिश के मौसम में नाश्ते में चाय के साथ कुछ चटपटा खाने का मन करने लगता है, ऐसे में अक्सर घरों में लोग नमकीन, पकौड़े, कचौड़ी और सैंडविच बनाने लगते हैं. मगर हर बार एक जैसा स्वाद काफी बोरिंग हो जाता है और अगर आपको कुरकुरे, चटपटे और हल्के स्नैक्स पसंद हैं, तो गुजरात की पारंपरिक चोराफली जरूर ट्राई करें.
यह एक ऐसी गुजराती नमकीन है, जो स्वाद में पापड़ और चिप्स का मजेदार कॉम्बिनेशन लगती है. खासतौर पर त्योहारों पर बनाई जाने वाली चोराफली को चाय के साथ भी खूब पसंद किया जाता है. चोराफली की खासियत है इसका बेहद हल्का, कुरकुरा और मुंह में घुल जाने वाला टेक्सचर.
ऊपर से लाल मिर्च, काला नमक और अमचूर का चटपटा मसाला इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है. हालांकि, घर पर चोराफली बनाते समय कई बार यह अच्छी तरह फूलती नहीं है या फिर नरम रह जाती है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे फॉलो करके आप हर बार एकदम परफेक्ट चोराफली बना पाएंगे.
सबसे पहले एक छोटे पैन में पानी, एक चुटकी नमक और 1 बड़ा चम्मच तेल डालकर हल्का गर्म करें. इसे करीब 1 से 2 मिनट तक गर्म करें. पानी को बहुत ज्यादा उबालना नहीं है, बस हल्का गुनगुना होना चाहिए.
अब एक बड़े बाउल में बेसन, उड़द दाल का आटा और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसमें गुनगुना पानी थोड़ा-थोड़ा करके डालें और मिलाते हुए सख्त आटा गूंथ लें.
आटे को मुलायम नहीं, बल्कि काफी सख्त रखना है. आटे को मलमल के कपड़े से ढककर करीब 10 मिनट के लिए रख दें.
यह है चोराफली को फूली-फूली बनाने का सीक्रेट
अब आटे को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें. लकड़ी के बोर्ड या किसी साफ, समतल सतह पर थोड़ा तेल लगाएं और आटे का एक हिस्सा रखें. इसके ऊपर कुछ बूंदें तेल की डालकर मूसल या बेलन के पिछले हिस्से से आटे को अच्छी तरह कूटें.
अब आटे को मोड़ें, फिर कुछ बूंदें तेल डालकर दोबारा कूटें. इस प्रोसेस को तब तक दोहराएं, जब तक आटा लचीला न हो जाए और उसका रंग थोड़ा हल्का न दिखने लगे. यही प्रोसेस चोराफली को हल्का और फूला हुआ बनाने में मदद करती है.
आप चाहें तो आटे के छोटे हिस्से को मोटे जिप लॉक बैग या ओखली में रखकर भी मूसल से कूट सकते हैं. सभी हिस्सों को इसी तरह तैयार कर लें और कपड़े या प्लेट से ढककर रखें, ताकि आटा सूख न जाए.
चोराफली को कैसे बेलें?
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अब आटे का नींबू के शेप का एक हिस्सा लें और इसे गोल कर लें. इस पर थोड़ा तेल लगाकर बेलन से दबाकर चपटा करें. अब इसे बिना किसी सूखे आटे की मदद के बहुत पतला बेलें.
चोराफली की शीट फुल्के से भी पतली होनी चाहिए और हल्की पारदर्शी नजर आनी चाहिए. बेलते समय आटे पर सूखा आटा बिल्कुल न लगाएं, बल्कि थोड़ा तेल लगाकर ही बेलें.
बेली हुई शीट को प्लेट में रखें और कपड़े या प्लेट से ढक दें. इसी तरह बाकी आटे की भी पतली शीट तैयार कर लें.
अब एक बेली हुई शीट लें और चाकू से करीब 2 इंच चौड़ी पट्टियां काटें. इसके बाद हर पट्टी को बीच से काट लें.
ऐसे तलें चोराफली
एक कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल को मध्यम गर्म रखें. इस बीच एक कटोरी में लाल मिर्च पाउडर, काला नमक और अमचूर पाउडर मिलाकर मसाला तैयार कर लें.
अब गर्म तेल में एक बार में 2 से 3 चोराफली की पट्टियां डालें. इन्हें कुछ ही सेकंड में फूलते हुए देखेंगे. चोराफली को हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें.
तली हुई चोराफली को झारे की मदद से निकालकर अतिरिक्त तेल निकाल दें. अब इसके ऊपर तैयार किया हुआ चटपटा मसाला छिड़कें.
आपकी कुरकुरी और स्वादिष्ट गुजराती चोराफली तैयार है. इसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें. सही तरीके से स्टोर करने पर यह करीब 8 से 10 दिनों तक आसानी से खाई जा सकती है.
चोराफली के साथ क्या परोसें?
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चोराफली को आप चाय या कॉफी के साथ शाम के स्नैक के रूप में परोस सकते हैं. त्योहारों पर इसे काजू कतली, बेसन के लड्डू और दूसरी मिठाइयों के साथ भी सर्व किया जाता है. इसका चटपटा और कुरकुरा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब पसंद आएगा.