उत्तर प्रदेश में सहारनपुर में कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए शायान मसूद पहुंचे. यहां उन्होंने कांग्रेस से सपा में जाने की वजह बताई.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में BJP को रोकने के लिए फिलहाल समाजवादी पार्टी ही सबसे मजबूत विकल्प है. उन्होंने अखिलेश यादव पर भरोसा जताया. साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी प्राथमिकता भी साफ की.
शायान मसूद ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी पद या कुर्सी के लिए नहीं है. उनका मेन मकसद BJP को रोकना है. उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव बहुत अहम है. ऐसे में व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा से ज्यादा जरूरी BJP को हराना है.
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'2027 में BJP को हराना सबसे बड़ा टारगेट'
शायान मसूद ने कहा कि वह 2014 से राजनीति में सक्रिय हैं. सपा में शामिल होने का फैसला उन्होंने खुद लिया है. यह फैसला राजनीतिक और वैचारिक सोच के आधार पर लिया गया है.
उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन चुनावों में सपा ने उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रदर्शन किया. मौजूदा समय में BJP को चुनौती देने की सबसे बड़ी क्षमता सपा के पास है.
शायान ने कहा कि चुनाव में पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसे पूरी मजबूती से निभाएंगे. उन्होंने साफ किया कि उनकी पहली प्राथमिकता खुद चुनाव लड़ना नहीं है. वह BJP को रोकने को ज्यादा जरूरी मानते हैं.
गौरतलब है, शायान मसूद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद हैं. कांग्रेस छोड़ने के फैसले पर उनसे इमरान मसूद को लेकर भी सवाल किया गया.
उन्होंने कहा कि उनके और इमरान मसूद के बीच विचारधारा को लेकर मतभेद हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने इमरान मसूद का पूरी ताकत से साथ दिया था. इमरान मसूद की जीत के लिए उन्होंने मेहनत की थी.
शायान ने कहा कि अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई हैं. उनके लिए BJP को रोकना सबसे जरूरी है. इसलिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ जाने का फैसला किया है.
शायान मसूद ने सरकार पर युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने पेपर लीक और युवाओं के प्रदर्शनों का जिक्र किया. उन्होंने किसान आंदोलन का भी मुद्दा उठाया. उनका कहना था कि देश में ऐसे कई हालात बने हैं, जिनसे वह सहमत नहीं हैं. इन्हीं परिस्थितियों ने उनके राजनीतिक फैसले को प्रभावित किया.
शायान ने सहारनपुर की जामा मस्जिद से जुड़े युवाओं पर कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने प्रशासन पर ज्यादती करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि ऐसे मामलों ने भी उन्हें कांग्रेस छोड़ने के फैसले पर पहुंचाया.
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अखिलेश यादव पर जताया भरोसा
सपा में शामिल होने के बाद शायान मसूद ने अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि 2027 में BJP को हराने के लिए सपा ही सबसे प्रभावी राजनीतिक ताकत है.
उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उसका पूरी ईमानदारी से साथ देंगे. उनके लिए इस समय सबसे बड़ा मुद्दा BJP को रोकना है. उन्होंने दोहराया कि उनकी राजनीति का लक्ष्य किसी कुर्सी को हासिल करना नहीं है. उनकी प्राथमिकता 2027 में BJP को हराना है.