हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर से न्यायालय के आदेश पर हटाई गई अवैध मस्जिद के मामले पर प्रतिक्रिया दी है. मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद स्थल पर प्राचीन ऐतिहासिक कुआं मिलने से वहां प्राचीन मंदिर होने की आशंका जताई जा रही है. साध्वी प्राची ने कहा कि ध्वस्तीकरण स्थल की खुदाई होनी चाहिए, क्योंकि जहां भी खुदाई होती है वहां शिव मिलते हैं. यदि खुदाई में शव मिले तो तुम्हारे और शिव मिले तो हमारे होंगे. इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में काफी राजनीति हो रही है. सपा समेत दूसरे विपक्षी दलों का डेलिगेशन आज सहारनपुर जाएगा लेकिन उससे पहले कई नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है.
अवैध निर्माण हटाने और राजनीति पर प्रहार
साध्वी प्राची ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर से अवैध मस्जिद को प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए हटाया है. इसलिए इस कानूनी प्रक्रिया पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो लोग इस मामले में राजनीति कर रहे हैं, वे सड़ी-गली मानसिकता के लोग हैं और ऐसे लोग कभी सुधर नहीं सकते. हिंदूवादी नेताओं का साफ तौर पर कहना है कि न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले कभी अदालत का सम्मान नहीं करते हैं.
मुगलकाल और ऐतिहासिक संदर्भ पर बयान
इस मामले पर मुजफ्फरनगर के स्वामी यशवीर महाराज का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई से यदि मुस्लिम समाज को पीड़ा हो रही है, तो उन्हें उस दौर को भी याद करना चाहिए जब मुगल शासन के दौरान मंदिरों को तोड़ा गया था. मस्जिद हटने के बाद मिले ऐतिहासिक कुएं ने इस स्थान पर प्राचीन मंदिर होने के दावों को और बल दे दिया है.
मदरसा शिक्षा और अपराध पर टिप्पणी
साध्वी प्राची ने मुजफ्फरनगर में जन्माष्टमी की रात एक नाबालिग युवती के अपहरण और बलात्कार की घटना को बेहद शर्मनाक बताया. उन्होंने इसके लिए मदरसों में दी जाने वाली तालीम को जिम्मेदार ठहराया. साध्वी प्राची का आरोप है कि मदरसों में ऐसी तालीम दी जाती है जहां पाक हूरों के दर्शन कराए जाते हैं, जिससे इस तरह की शर्मनाक घटनाएं बढ़ रही हैं.
विकास त्यागी का बयान
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध मस्जिद हटाए जाने के बाद मलबा सफाई के दौरान एक प्राचीन कुआं मिला है. इसके बाद बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जिला प्रशासन से मामले की गहन जांच की मांग की है.
उन्होंने एएसआई (ASI) की टीम बुलाकर कुएं की उम्र और ऐतिहासिक स्थिति की जांच कराने, पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करने तथा वीडियोग्राफी कराने की मांग रखी. विकास त्यागी का कहना है कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं में कुआं पूजनीय है और जहां कुआं होता है, वहां देवस्थल होने की संभावना रहती है. उन्होंने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है.