श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र को मंदिर के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी संभालने के लिए अपना पहला CEO नियुक्त किया है. नियुक्ति के दो दिन बाद शुक्रवार को मिश्र ने कहा कि अब राम मंदिर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है. अयोध्या की दो दिन की यात्रा के बाद दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने PTI Videos से बातचीत में कहा, 'मैंने अब CEO के तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली है. राम मंदिर की जिम्मेदारी अब मेरे कंधों पर आ गई है.'
बता दें, जितेंद्र मिश्र बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO नियुक्त किए गए थे. इसके साथ ही ट्रस्ट में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था. वह 30 अप्रैल 2026 को इस पद से सेवानिवृत्त हुए. CEO की जिम्मेदारी मिलने के बाद मिश्र ने इससे पहले खुद को 'सबसे भाग्यशाली व्यक्ति' बताया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला. पहली बार देश की सेवा करने का और अब भगवान राम और उनके भक्तों की सेवा करने का.
अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर उनकी नई जिम्मेदारी मंदिर की व्यवस्था और संचालन से जुड़ी है. CEO बनने के बाद अपनी पहली अयोध्या यात्रा के बारे में मिश्रा ने कहा कि वह अभी सिर्फ एक दिन ही वहां रहे थे और यह शुरुआती परिचयात्मक दौरा था. उन्होंने बताया कि वह दो-तीन दिन बाद फिर अयोध्या आएंगे. उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान उनका मुख्य उद्देश्य मंदिर की कार्यप्रणाली और व्यवस्था को समझना था. अभी वह मंदिर के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को जानने की प्रक्रिया में हैं. मिश्र ने कहा कि जैसे-जैसे उन्हें मंदिर की कार्यप्रणाली के बारे में ज्यादा जानकारी मिलेगी, उसी के आधार पर आगे की योजनाएं तैयार की जाएंगी.
CEO बनने के बाद पहली अयोध्या यात्रा
उन्होंने कहा कि यह एक परिचयात्मक दौरा था, जिसमें उन्हें मंदिर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मिली. धीरे-धीरे जब वह पूरी व्यवस्था को समझेंगे, तब योजनाएं बनाई जाएंगी. मिश्र की नियुक्ति के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कई अन्य बदलाव भी किए गए हैं. ट्रस्ट ने गोविंद देव गिरि को महासचिव, महेश भगचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है. मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है. मिश्र की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब मंदिर के चंदे में कथित गबन को लेकर विवाद सामने आया था. इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था.
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य मंदिर की बढ़ती गतिविधियों के साथ प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत करना भी है. 62 वर्षीय एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र 30 अप्रैल 2026 को पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए थे. CEO के पद के लिए कुल 5,585 आवेदन मिले थे. इनमें से तीन उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट तैयार की गई थी और इसी प्रक्रिया के बाद मिश्रा का चयन हुआ.
गुरुवार को ट्रस्ट के सदस्यों ने मिश्रा को ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी. इसमें लेखा प्रक्रिया भी शामिल थी. मिश्रा ने ट्रस्ट के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की. उन्होंने ट्रस्ट के कामकाज और मंदिर की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली. सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में ट्रस्ट CEO के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार कर सकता है. इसमें CEO की जिम्मेदारियों और उनके कामकाज को विस्तार से तय किया जाएगा.
30 अप्रैल को पश्चिमी वायु कमान से रिटायर हुए थे मिश्र
फिलहाल मिश्र मंदिर की व्यवस्थाओं और ट्रस्ट के कामकाज को समझने पर ध्यान दे रहे हैं. उनका कहना है कि यह अभी शुरुआती चरण है. पूरी व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद ही आगे की योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा. दो दिन की अयोध्या यात्रा पूरी करने के बाद मिश्रा शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो गए. उन्होंने संकेत दिया कि वह जल्द ही दोबारा अयोध्या आएंगे और मंदिर की व्यवस्था को और करीब से समझेंगे. पहली बार CEO के तौर पर अयोध्या पहुंचे मिश्र के सामने अब राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी है. वह फिलहाल मंदिर की मौजूदा व्यवस्था, प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को समझ रहे हैं. इसके बाद उनकी योजनाओं और CEO की जिम्मेदारियों को लेकर ट्रस्ट की ओर से SOP तैयार किए जाने की उम्मीद है.