नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीमावर्ती इलाकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ने से उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा बाढ़ आने की प्रबल संभावना बनी हुई है. संभावित खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने, लगातार निगरानी रखने और समय से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना भी की है.
सीमावर्ती जिलों में अलर्ट और तैयारियां
नेपाल में आई तबाही के असर से यूपी के महराजगंज और कुशीनगर में बाढ़ की आशंका गहराई है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन गंडक और नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है. प्रशासन को समय रहते सभी जरूरी इंतजाम पुख्ता करने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी तैनात
नेपाल में आई आपदा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है. एसएसबी (SSB) ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तैयार रखा है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं. घाघरा-कर्णाली और नारायणी नदी बेसिन से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है तथा सीमा पर तैनात बटालियनें स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं.
नेपाल में भीषण तबाही और तलाश जारी
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है. नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक 105 भारतीय पर्यटकों सहित 384 लोग लापता बताए जा रहे हैं. बाढ़ में 8 लोगों की मौत की खबर है और 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है. नेपाल में 15 हेलीकॉप्टरों के जरिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है और 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.