Meerut Saurabh Murder Case: अदालत द्वारा 22 चश्मदीदों की गवाही सुनने के बाद जज आज मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में अपना फैसला सुनाने जा रहे हैं. ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंद्रानगर निवासी सौरभ की हत्या के बाद उसकी पत्नी मुस्कान और उसके साथी साहिल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस खौफनाक वारदात के बाद से ही पीड़ित परिवार गहरे सदमे और डिप्रेशन में है. सौरभ की मां रेनू देवी और भाई बबलू ने आरोपियों के बेपरवाह रवैये पर दुख जताते हुए अदालत से न्याय की गुहार लगाई है. परिवार की एक ही मांग है कि दोनों दोषियों को सख्त सजा मिले.
कोर्ट के फैसले से पहले परिजनों की मांग
सौरभ की मां रेनू देवी का कहना है कि जब से उनके बेटे की हत्या हुई है, पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है। वे न ठीक से खा-पी पा रहे हैं और न ही रात में सो पाते हैं. वे सिर्फ प्रशासन से न्याय चाहती हैं और मांग करती हैं कि मुस्कान और उसके साथी साहिल दोनों को फांसी की सजा दी जाए.
शादी और विवाद के पीछे के सवाल
रेनू देवी ने बताया कि अगर उन्हें मौका मिले तो वे मुस्कान से पूछना चाहती हैं कि उसने सौरभ को क्यों मारा. अगर उसे साथ नहीं रहना था तो वह अलग हो सकती थी, क्योंकि उनका तलाक का केस पहले से चल रहा था. जब मुस्कान ने खुद अपनी मर्जी से भागकर शादी की थी, तो फिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया.
जेल में आरोपियों के बेपरवाह रवैये पर दुख
सौरभ के भाई बबलू और मां ने बताया कि पेशी के दौरान दोनों आरोपियों के चेहरे पर किसी पछतावा का निशान नहीं दिखा. ऐसा लगा जैसे वे जेल में रहकर भी खुश हैं. परिजनों का आरोप है कि मुस्कान जेल में पूजा-पाठ का नाटक कर रही है, जबकि उसने घर पर कभी दीया तक नहीं जलाया था. इसलिए वे उन्हें दूसरी जेलों में भेजने की मांग करेंगे.
बच्चों की कस्टडी और पारिवारिक कड़वाहट
मुस्कान ने अपनी पहली बेटी को अपने माता-पिता के पास छोड़ा है, जबकि दूसरी बेटी को उसने जेल में जन्म दिया है. सौरभ की मां ने कहा कि वे अपनी आठ साल की बड़ी पोती को अपने साथ रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन मुस्कान के पिता इसके लिए राजी नहीं हैं. वहीं जेल में जन्मी बच्ची से वे अपना कोई मतलब नहीं रखना चाहते.