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कानपुर में हैवानियत की हद, कार की छत पर लेटाया, शीशों में हाथ फंसाकर 1.5 Km घसीटा, CCTV में कैद खौफनाक वारदात

कानपुर में 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश में आरोपियों ने उन्हें कार की छत पर डालकर दोनों हाथ खिड़कियों में फंसा दिए और करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा. आरोप है कि बाद में उनके ऊपर कार चढ़ाकर आरोपी फरार हो गए. पुलिस जांच कर रही है.

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कानपुर में पुरानी रंजिश ने ली युवक की जान. (Photo: ITG)
कानपुर में पुरानी रंजिश ने ली युवक की जान. (Photo: ITG)

चलती कार की छत पर फंसा एक युवक, खिड़कियों के शीशों में दबे उसके दोनों हाथ और सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ी. कानपुर में एक युवक की मौत के मामले में परिजनों ने ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात का आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि आरोपियों ने पहले युवक को टक्कर मारकर गिराया और फिर उसके साथ मारपीट की. इसके बाद उसे कार की छत पर डालकर दोनों हाथ आगे की खिड़कियों के शीशों में फंसा दिए. शीशे बंद करने के बाद कार को तेज रफ्तार में दौड़ाया गया.

परिजनों के मुताबिक, युवक को करीब डेढ़ किलोमीटर तक इसी हालत में ले जाया गया. इसके बाद उसे सड़क पर गिरा दिया और उसके ऊपर कार चढ़ाकर आरोपी मौके से फरार हो गए. गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उसकी मौत हो गई. परिवार का दावा है कि इस पूरी घटना के आसपास लगे 12 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने की संभावना है. घटना मंगलवार रात कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र की है.

मृतक की पहचान अर्रा निवासी 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया के रूप में हुई है. वह एक खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करता था. परिवार में पत्नी रीना, बेटियां सीवी और ईशानी, बेटा विराज, पिता राम शंकर सिंह और बड़ा भाई कुलदीप सिंह भदौरिया हैं. बीरू के पिता राम शंकर सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उनके बेटे का खाड़ेपुर नई बस्ती निवासी राजवीर और मेवालाल से विवाद हुआ था. इस कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी. परिवार का दावा है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते बीरू को निशाना बनाया गया.

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दशहरा मेला देखकर घर लौट रहा था बीरू

परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात बीरू दशहरा मेला देखकर घर लौट रहा था. रास्ते में मेवालाल अपने साथियों के साथ कार लेकर पहुंचा. आरोप है कि कार में राजवीर और तीन अन्य युवक भी मौजूद थे. उन्होंने बीरू को रोककर उसके साथ मारपीट की. जब वह अपनी जान बचाने के लिए भागा, तो उसे कार से टक्कर मार दी गई.

परिवार ने आरोप लगाया कि बीरू को कार की छत पर डालने के बाद उसके दोनों हाथ आगे की खिड़कियों के शीशों में फंसा दिए गए. इसके बाद शीशे बंद कर दिए गए और कार तेज रफ्तार में दौड़ने लगी. बीरू इस दौरान कार की छत पर फंसा रहा और उसके हाथ खिड़कियों के बीच दबे रहे. परिजनों के मुताबिक, कार सवार युवक उसे करीब डेढ़ किलोमीटर तक इसी तरह ले गए. राजेंद्र नगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास उसे नीचे गिरा दिया गया.

आरोप है कि इसके बाद कार उसके ऊपर चढ़ा दी गई और आरोपी वहां से भाग निकले. इस दौरान बीरू के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आईं. परिवार का कहना है कि कार की खिड़कियों में हाथ फंसने के कारण उसकी उंगलियां भी बुरी तरह कुचल गई थीं. यह पूरा घटनाक्रम कितना लंबा चला और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी जांच पुलिस कर रही है.

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राहगीर ने पहचाना, अस्पताल में तोड़ा दम

घटना के बाद वहां से गुजर रहे देवेंद्र सिंह चौहान ने घायल बीरू को पहचान लिया. उन्होंने उसके परिवार को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और बीरू को एक निजी अस्पताल लेकर गए. हालत गंभीर होने पर उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया. बुधवार दोपहर करीब तीन बजे डॉक्टरों ने बीरू को मृत घोषित कर दिया. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों ने इसे सड़क हादसा मानने के बजाय पुरानी रंजिश में की गई हत्या बताया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

इस मामले में दो सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात कही जा रही है. इनमें तेज रफ्तार से गुजरती कार की छत पर एक युवक फंसा दिखाई देता है. परिवार का दावा है कि आसपास लगे 12 से ज्यादा कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है. हालांकि, सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जानकारी अभी सामने नहीं आई है. परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए बुधवार को हंगामा भी किया. उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद शुरुआत में एफआईआर दर्ज नहीं की गई. परिवार का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.

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पुलिस बोली, पहले सड़क हादसे की शिकायत मिली थी

डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि परिवार ने शुरुआत में हनुमंत विहार थाने में सड़क हादसे की शिकायत की थी. अब परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने कार के नंबर और आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर भी पड़ताल की है. शुरुआती जांच में मोबाइल लोकेशन फतेहपुर के जहानाबाद में मिली है. आरोपियों की तलाश की जा रही है. फिलहाल, बीरू की मौत के मामले में परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कार के नंबर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है. आरोपियों की भूमिका और घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
 

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