यूपी के झांसी में नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ. नगर निगम की टीम तीन बुलडोजर और पुलिस फोर्स के साथ पहुंची और सड़क किनारे लगी रेहड़ी, ठेलों और टपरों को हटाना शुरू कर दिया. कुछ ठेले बुलडोजर से उठाकर ले जाए गए, जबकि कुछ अस्थायी दुकानों को तोड़ दिया गया. कार्रवाई के दौरान रेहड़ी-पटरी वाले टीम के सामने हाथ जोड़कर मोहलत मांगते रहे.
मामला झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बाहर का है. यहां कई लोग हाथ ठेले और अस्थायी दुकानें लगाकर रोजी-रोटी कमाते हैं. नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता तीन बुलडोजर और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचा.
टीम ने मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर एक से लेकर गेट नंबर तीन तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाना शुरू किया. जैसे ही बुलडोजर आगे बढ़े, वहां मौजूद दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई. किसी ने अपना सामान समेटने की कोशिश की तो कोई अपना ठेला बचाने के लिए टीम के सामने पहुंच गया.

कार्रवाई के दौरान कुछ रेहड़ी वाले नगर निगम की टीम के सामने हाथ जोड़कर खड़े नजर आए. उनका कहना था कि यही ठेला और दुकान उनके परिवार की कमाई का सहारा है.
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कुछ लोगों ने टीम से थोड़ी मोहलत देने की मांग की, लेकिन कार्रवाई जारी रही. कई ठेले उठाकर नगर निगम की टीम अपने साथ ले गई, जबकि कुछ अस्थायी दुकानों और टपरों को तोड़ दिया गया. इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया, जिससे मौके पर हंगामा होने लगा.
रेहड़ी वालों ने लगाए गंभीर आरोप
रेहड़ी लगाने वाली नीतू और निकिता वर्मा ने कार्रवाई को लेकर अपनी परेशानी बताई. उनका आरोप है कि टीम ने उनकी दुकानें तोड़ दीं और ठेले उठाकर ले गई. नीतू का कहना है कि वह बीमार हैं और उनका इलाज चल रहा है.

बीमारी की वजह से उन्होंने दो दिन से दुकान भी नहीं खोली थी. जब उन्हें अतिक्रमण दस्ते के आने की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचीं, लेकिन भीड़ की वजह से ठेले की चाबी गिर गई और वह समय पर ठेला नहीं हटा सकीं.
उनका आरोप है कि इसके बाद टीम ठेला उठाकर ले गई और टपरा भी तोड़ दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे का मोबाइल छीन लिया गया और गाली-गलौज की गई. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. अतिक्रमण टीम प्रभारी प्रदीप अग्निहोत्री ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई वीरांगना नगर पुलिस चौकी से शुरू की गई और मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर एक से होते हुए गेट नंबर तीन तक की गई.

टीम के प्रभारी ने कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण की वजह से गंदगी और जाम की समस्या हो रही थी. कार्रवाई से एक दिन पहले ही लोगों को सूचना दे दी गई थी और टीम पहले भी पेट्रोलिंग के दौरान दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए कहती रही थी. प्रदीप अग्निहोत्री के मुताबिक, लोगों के नहीं हटने पर नगर निगम को कार्रवाई करनी पड़ी.
नगर निगम की टीम ने कार्रवाई के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों को आगे से दोबारा वहां दुकान या ठेला नहीं लगाने की चेतावनी भी दी. एक तरफ नगर निगम का कहना है कि सड़क और मेडिकल कॉलेज के आसपास अतिक्रमण की वजह से जाम और गंदगी की समस्या पैदा हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ रेहड़ी-पटरी वाले इसे अपनी रोजी-रोटी का सवाल बता रहे हैं.