दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार है. इससे ट्रैफिक जाम कम हो सकता है. जलनिकासी व्यवस्था भी बेहतर की जाएगी. नगर निगम ने इसकी योजना बनाई है. शासन से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई. इस पर 131 करोड़ रुपये खर्च होंगे. नाले के ऊपर बनेगी सड़क...
यह प्रोजेक्ट शाहबेरी क्षेत्र में बनेगा. यहां एक बड़े नाले को ढका जाएगा. नाले की लंबाई 1752 मीटर है. इसके ऊपर नई सड़क बनाई जाएगी. सड़क करीब 12 मीटर चौड़ी होगी. यह नाला इंडस्ट्रियल एरिया से गुजरता है. शुरुआत रेलवे लाइन के पास होगी. रास्ता एबीईएस कॉलेज से होकर जाएगा. इसके बाद सड़क शाहबेरी तक पहुंचेगी.
इससे नया वैकल्पिक रास्ता मिलेगा. एनएच-9 का दबाव भी घटेगा. शाहबेरी जाना आसान हो सकेगा. क्रॉसिंग रिपब्लिक को भी फायदा होगा. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की राह खुलेगी.
अभी सड़क पर रहता है दबाव
नेशनल हाइवे-9 पर वाहनों का दबाव है. खासकर शाहबेरी मार्ग काफी व्यस्त रहता है. यहां रोज बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. इनमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाले हैं. क्रॉसिंग रिपब्लिक के वाहन भी गुजरते हैं. मौजूदा सड़क का विस्तार मुश्किल है. सड़क किनारे आवासीय इमारतें बनी हैं. दूसरी तरफ बड़ा नाला मौजूद है. यह नाला करीब 12 मीटर चौड़ा है. इसलिए जगह की कमी बनी है. नगर निगम ने इसका समाधान निकाला. नाले को पूरी तरह ढका जाएगा. उसी जगह नई सड़क बनेगी. इससे सड़क के लिए जगह बढ़ेगी. मौजूदा मार्ग का दबाव भी घटेगा.
नाले की सफाई भी होगी
नाले को पहले पक्का किया जाएगा. इसके बाद इसे पूरी तरह ढकेंगे. ऊपर 12 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी. सड़क की लंबाई 1752 मीटर रहेगी. नाले की सफाई का इंतजाम रहेगा. इसके लिए डक्ट भी बनाए जाएंगे. इनसे नाले तक पहुंच संभव होगी. जरूरत पर सफाई की जा सकेगी. इससे जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी. खुले नाले की समस्या भी घटेगी. आसपास के लोगों को राहत मिलेगी. सड़क की उपलब्धता भी बढ़ जाएगी.
मंजूरी के बाद अब धनराशि का इंतजार
मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने जानकारी दी. प्रोजेक्ट को शासन की मंजूरी मिली है. अब धनराशि जारी होने का इंतजार है. पैसा मिलते ही काम आगे बढ़ेगा.
इसी मार्ग पर एक बॉटलनेक है. पेट्रोल पंप के पास सड़क संकरी है. यहां अक्सर यातायात का दबाव बढ़ता है. इसका समाधान भी किया जा रहा है. लोक निर्माण विभाग ने प्रक्रिया बढ़ाई है.
दोनों काम पूरे होने से राहत मिलेगी. शाहबेरी का सफर आसान हो सकेगा. ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाना भी आसान होगा.
ड्रेनेज पर भी निगम का फोकस
महापौर सुनीता दयाल ने जानकारी दी. शहर में ड्रेनेज पर काम जारी है. कई बड़े नालों को सुधारा जाएगा. पुराने नालों की स्थिति भी बदलेगी. नई जरूरतों के हिसाब से निर्माण होगा.
शाहबेरी का प्रोजेक्ट काफी अहम है. इससे दो समस्याओं का समाधान होगा. पहली समस्या जलनिकासी से जुड़ी है. दूसरी समस्या यातायात की है. नाले के ऊपर सड़क बनाई जाएगी. इससे अतिरिक्त रास्ता उपलब्ध हो सकेगा. गाजियाबाद के लोगों को फायदा मिलेगा. नोएडा जाने वालों को भी राहत मिलेगी. ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सफर सुधरेगा.
स्थायी समाधान पर जोर
नगर निगम का लक्ष्य साफ है. सिर्फ नए नाले बनाना पर्याप्त नहीं है. जलनिकासी का स्थायी समाधान भी चाहिए. इसके लिए अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं. शाहबेरी योजना इसी दिशा में है. नाले के ऊपर सड़क तैयार होगी. इससे यातायात के लिए जगह बढ़ेगी. ड्रेनेज सिस्टम भी व्यवस्थित किया जाएगा.
कविनगर में भी बनेगा नाला
एक और योजना मंजूर हुई है. यह योजना कविनगर क्षेत्र से जुड़ी है. यहां नया नाला बनाया जाएगा. इसकी लागत करीब 84 करोड़ रुपये है. नाला आरडीसी फ्लाईओवर से शुरू होगा. यह जैन मंदिर से होकर गुजरेगा. आगे विवेकानंद नगर तक जाएगा. यहां पुराना नाला खराब हालत में है. पुराना निर्माण ईंटों से किया गया था. अब नया नाला बनाया जाएगा. इससे जलनिकासी बेहतर होने की उम्मीद है.
मोरटा के लिए 68 करोड़ का प्रस्ताव
मोरटा गांव के लिए भी योजना है. यहां जलनिकासी बड़ी समस्या बनी है. इसके समाधान का प्रस्ताव भेजा गया है. प्रस्ताव अभी शासन के पास है. इसकी लागत करीब 68 करोड़ रुपये है. नाला बिजलीघर के तालाब से निकलेगा. यह मेरठ रोड तक जाएगा. भट्टा नंबर-5 रोड से भी गुजरेगा. आगे राजनगर एक्सटेंशन ड्रेन से जुड़ेगा. योजना में दो तरह के नाले होंगे. करीब 1080 मीटर नाला कवर होगा. करीब 2220 मीटर नाला खुला रहेगा. फिलहाल शासन की मंजूरी बाकी है.
महापौर ने प्रयास जारी रखने की बात कही. स्थानीय लोगों को इससे राहत मिलेगी. मंजूरी के लिए शासन से प्रयास होंगे. शाहबेरी प्रोजेक्ट इनमें सबसे अलग है. यहां नाले की जगह इस्तेमाल होगी. नाले के ऊपर नई सड़क बनेगी. इससे ड्रेनेज सिस्टम भी मजबूत होगा. साथ ही यातायात का दबाव घटेगा.