मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में ₹352 करोड़ से अधिक की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट किया कि यूपी की धरती पर किसी विदेशी आक्रांता का स्मारक या मेला स्वीकार नहीं किया जाएगा.
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी ने 21 जुलाई को बहराइच में एक कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने महसी और नानपारा विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹352 करोड़ से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. साथ ही उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया. अपने भाषण में उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जो काम 1947 में होना चाहिए था, वह उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हो रहा है.
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
सीएम योगी ने कहा कि 1857 के बलिदानी महाराजा बलभद्र सिंह चहलारी और महाराजा सुहेलदेव को स्वतंत्र भारत में जो सम्मान सबसे पहले मिलना चाहिए था, वह कांग्रेस और सपा ने नहीं दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों के एजेंडे में विकास कभी नहीं था, बल्कि केवल स्वयं और अपने परिवार का विकास ही उनका मकसद था. इसी वजह से बहराइच की उपेक्षा की गई और राज्य के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था.
विदेशी आक्रांताओं के आयोजनों पर रोक का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को रौंदने और मां पाटेश्वरी धाम को लूटने आए विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर पिछली सरकारों ने गाजी मियां का मेला शुरू कराया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि नए भारत और नए यूपी में किसी विदेशी आक्रांता के नाम पर आयोजन स्वीकार नहीं होगा. बहराइच की जनता द्वारा गाजी के नाम पर होने वाले आयोजन को रोकने की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन न हों, इसके पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे.