बहराइच
बहराइच (Bahraich) भारत के राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक शहर और जिला है. बहराइच लोक सभा के अंतर्गत पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Assembly Constituency).
साल 2017 के विधान सभा चुनाव में समाजवादी नेता रूबाब सय्यैद को हराकर भारतीय जनता पार्टी के नेता अनुपमा जयसवाल ने बहराइच से जीत हासिल की थी.
2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक बहराइच की जनसंख्या लगभग 35 लाख है और हर एक वर्ग किलोमीटर में 666 लोग रहते हैं (Bahraich Population). इसका क्षेत्रफल 5,234 वर्ग किमी है. इस जिले की 49.36 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 58.34 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 39.18 फीसदी है (Bahraich Literacy). जिले का लिंग अनुपात 892 है (Sex ratio).
बहराइच का इतिहास बहुत पुराना है. यहां भगवान श्रीराम और उनके लड़के लव और कुश ने राज किया था. इस जिले ने स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई है. महाराजा सुहेलदेव की गौरवगाथा इसी शहर से जुड़ी हुई है (Bahraich History).
बहराइच जिला के उत्तरी भाग पर नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा (Bahraich Nepal Border)है जो तराई क्षेत्र है और घने प्राकृतिक वन से ढका हुआ है. नेपाल के साथ जुड़े होने के कारण कृषि उत्पाद और इमारती लकड़ी का व्यापार प्रमुख रूप से होता है. केला, धान, मकई, गेहूं और सफेद चना की उपज ज्यादा की जाती है (Bahraich Crops).
यहां गन्ना मुख्य रूप से उगाया जाता है साथ ही यहां कई चीनी मिलें भी हैं (Bahraich Sugar Mill).
उत्तर प्रदेश के बहराइच में जिला प्रशासन ने शनिवार को महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध रूप से बनी दस मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह कार्रवाई नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ की गई. सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद के अनुसार मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने डीएम और एसपी को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि कॉलेज परिसर में स्थित मजारों के संबंध में पहले भी कई स्तरों पर सुनवाई हो चुकी है और इन्हें हटाने के स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद इन्हें नहीं हटाया जा रहा है.
बहराइच में जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध रूप से बनी 10 मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई. प्रशासन के अनुसार साल 2002, 2004 और 2019 में मजारें हटाने के आदेश दिए गए थे लेकिन संचालन समिति ने पालन नहीं किया. इसके बाद 17 जनवरी तक खुद हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था.
बहराइच में जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध रूप से बनी 10 मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई. प्रशासन के अनुसार साल 2002, 2004 और 2019 में मजारें हटाने के आदेश दिए गए थे लेकिन संचालन समिति ने पालन नहीं किया.
बहराइच में अपहरण मामले में रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है. कोलकाता से अपहृत लड़की की बरामदगी के बाद आरोपी को छोड़ने के बदले ₹1 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में मटेहरा थाने के SHO समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. शिकायत पर जांच में आरोप सही पाए गए. विभागीय कार्रवाई जारी है.
बहराइच जिले के कोत बाजार इलाके में 42 वर्षीय महिला ने अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार, महिला को बेटे को जन्म न देने को लेकर पति और ससुराल पक्ष से ताने और प्रताड़ना दी जा रही थी. पुलिस ने पति और परिजनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया है.
बहराइच की महसी तहसील में तैनात ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आलोक प्रसाद विवादों में घिर गए हैं. उनके सुरक्षाकर्मी ने उन पर जातिसूचक गाली देने और सजा के तौर पर ग्राउंड के चक्कर लगवाने का आरोप लगाया है. हालांकि, जिला प्रशासन की जांच में इन आरोपों को आधारहीन पाया गया है.
बहराइच की महसी तहसील में तैनात एसडीएम आलोक प्रसाद विवादों में घिर गए हैं. उनके खिलाफ होमगार्ड रमाकांत मिश्रा ने अभद्रता और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है. होमगार्ड का आरोप है कि आईएएस अधिकारी ने उसे जातिसूचक गालियां दीं जूते से मारने और चोटी उखाड़ने की धमकी दी इसके साथ ही उसे ग्राउंड के पांच चक्कर लगाने का आदेश दिया गया.
बहराइच में भेड़ियों के हमले में 12 बच्चों की मौत के बाद सीएम योगी के आदेश पर डीएफओ राम सिंह यादव को हटा दिया गया है. वहीं, वन विभाग ने मुठभेड़ में आठवें भेड़िये को मार गिराया है. एटा के डीएफओ सुंदरेशा को बहराइच की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. ग्रामीण इलाकों में दहशत के बीच वन विभाग की टीम ने एक और नरभक्षी भेड़िए को मार गिराया है. यह सातवां भेड़िया है, जिसे विभाग की कार्रवाई में ढेर किया गया. लगातार हो रहे हमलों में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 10 मासूम बच्चे शामिल हैं.
बहराइच में जंगल के जानवरों ने कहर मचाया. चनैनी गांव में तेंदुए ने दो लोगों को घायल किया, जबकि रुपैदेह के पास पचपाकरी गांव में बाघ ने तीन लोगों पर हमला किया. सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं. वहीं, वन विभाग, पुलिस और सशस्त्र सीमा बल मिलकर जानवरों को जंगल में लौटाने और आगे के हमलों को रोकने के लिए सक्रिय हैं.
बहराइच में इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास बाघ के हमले से दहशत फैल गई. रूपईडीहा के पचपकरी गांव में एक बालिका समेत तीन लोग घायल हो गए. सभी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि एक की हालत गंभीर है। वन विभाग ने पिंजड़ा लगाया है और एसएसबी के साथ ड्रोन से सर्च ऑपरेशन चला रहा है. लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पिछले चार महीनों से आदमखोर भेड़ियों ने आतंक मचा रखा है. ये भेड़िये बच्चों समेत तेरह लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. प्रशासन सतर्क है और ड्रोन से निगरानी कर रहा है, लेकिन बावजूद इसके हमले रुक नहीं रहे. भेड़िया अब जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में भी बच्चों को उठाता है जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है. कई बार तो बच्चे घर के आंगन से ही उठा लिए गए हैं.
बहराइच जिले में आदमखोर भेड़िए का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है. ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे. ताजा घटना ने प्रशासन और वन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार हो रहे हमलों के बावजूद आदमखोर वन्य जीव को पकड़ना अब तक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
यूपी में पिछले दो तीन दिनों में ऐसे अहम सियासी सवाल उठाये गए हैं, जिसके मूल में सवाल है कि धर्म बड़ा या संविधान? क्योंकि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बहराइच पुलिस के एक कार्यक्रम के वीडियो पर कुछ ऐसा ही सवाल उठाया है. दरअसल बहराइच में एक कथावाचक का कार्यक्रम पुलिस कप्तान ने कराया था. उसमें कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. ये वीडियो जब वायरल हुआ तो सवाल उठे कि कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर क्यों और किस हैसियत से दिया गया. देखें दंगल.
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद विवाद खड़ा हो गया. इस घटना ने सोशल और प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यूपी के डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को तलब किया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए.
बहराइच पुलिस लाइन में मशहूर कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने और परेड की सलामी लेने का मामला अब तूल पकड़ चुका है. डीजीपी द्वारा स्पष्टीकरण तलब किए जाने के बाद पुलिस ने दावा किया है कि पुलिसकर्मियों का मानसिक अवसाद दूर करने के लिए यह आयोजन हुआ था.
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद इस घटना को लेकर विवाद छिड़ गया. यूपी के डीजीपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एसपी को तलब करके घटना की जांच के लिए निर्देश दिए हैं. आरोप है कि इस कार्यक्रम में निर्धारित मानकों का उल्लंघन किया गया है. राज्य पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले में जवाब मांगा है ताकि उचित कार्रवाई की जा सके.
बहराइच में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दिए जाने का वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया. डीजीपी राजीव कृष्ण ने परेड ग्राउंड के अनधिकृत उपयोग को गंभीर मानते हुए एसपी बहराइच से स्पष्टीकरण मांगा है. विपक्ष ने इसे प्रशासनिक मर्यादा और संवैधानिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं.
बहराइच के कैसरगंज में आदमखोर भेड़ियों का खौफ जारी है. देर शाम आंगन में खेल रही 3 साल की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया, जिसे परिजनों ने पीछा कर छुड़ाया. वहीं, पिछले हफ्ते भी एक मासूम को भेड़िया अपना शिकार बना चुका है. वन विभाग लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है.
बहराइच के कैसरगंज थाना क्षेत्र में आदमखोर भेड़ियों का आतंक पिछले तीन महीनों से जारी है, जिसमें अब तक नौ मासूम और एक बुजुर्ग दंपत्ति की मौत हो चुकी है. शनिवार तड़के एक वर्षीय मासूम बच्ची को भेड़िया ने उसकी मां के पास से उठाकर गन्ने के खेत में शिकार बना लिया, लेकिन शाम तक वन कर्मियों की गोली से वही भेड़िया मारा गया.
बहराइच सांप्रदायिक हिंसा मामले में गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया है. मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा दी गई, जबकि अन्य नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली. कुल 13 अभियुक्तों में तीन को संदेह का लाभ देकर बरी किया गया. 13 अक्टूबर 2024 को महराजगंज बाजार में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान राम गोपाल मिश्रा की हत्या हुई थी.