मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जनपद अयोध्या में नव-नियुक्त आंगनवाड़ी वर्कर्स तथा सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी महिलाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की.
उन्होंने रैली की शुरुआत वृंदावन बिहारी लाल की जय के साथ की. सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए चार प्रकार की योजनाएं लेकर आए हैं. इनमें पांच लाख रुपये का हेल्थ कवर उपलब्ध कराना, साल में उपलब्ध होने वाली साड़ियों की संख्या बढ़ाना और रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराने के लिए टेक्नोलॉजी तथा स्मार्टफोन से आंगनवाड़ी केंद्रों को आच्छादित करना शामिल है.
'आंगनवाड़ी केंद्र भी स्मार्ट'
उन्होंने स्पष्ट किया, 'अब आंगनवाड़ी केंद्र भी स्मार्ट हैं, ये हम घोषित कर सकते हैं. मैं अयोध्या से इस योजना का शुभारंभ करने आया हूं, क्योंकि कल से पोषण माह शुरू हो रहा है, कल काशी में होगा. एक सम्मान जनक मानदेय के साथ अब आंगनवाड़ी खुद को तैयार कर पाएंगी और केंद्र भी बेहतर होंगे.'
'पहले अव्यवस्था का शिकार थे आंगनवाड़ी केंद्र'
सीएम ने याद दिलाया कि 9 वर्ष पहले आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर और अव्यवस्था के शिकार थे. तत्कालीन सरकार बेईमानी करती थी और पोषण से जुड़ी चीजें एक शराब माफिया द्वारा संचालित होती थीं. सरकार और माफिया मिलकर पूरी व्यवस्था चौपट करते थे, लेकिन बदनामी का खामियाजा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ता था. साल 2017 से पहले 3 से 5 वर्ष के बच्चे अपना सामान साथ लाते थे, वहां पानी तक नहीं होता था और केंद्र का पैसा माफिया के हाथ चला जाता था.
70 हजार केंद्रों का कायाकल्प
योगी ने पीएम मोदी के 2018 के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि आंगनवाड़ी वैसे ही काम कर रही हैं- जैसे यशोदा ने कान्हा के लिए किया था. बच्चों का मां के बाद पहला संवाद आंगनवाड़ी से ही होता है. सीएम ने बताया कि प्रदेश में 70 हजार से ज्यादा केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है. राज्य वित्त आयोग या अलग बजट से नए केंद्रों का निर्माण होगा, ताकि बचपन स्वस्थ और भारत समर्थ बने. पोषण माह का यह सिलसिला अयोध्या के बाद कल काशी पहुंचेगा.
सीएम ने जितेंद्र मिश्र से की मुलाकात
वहीं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचा. यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हनुमान जी का आशीर्वाद लिया. इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे. मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने उनका स्वागत किया. रामलला के दर्शन और पूजन के बाद योगी ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की. इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली.
इसके बाद सीएम ने मंदिर परिसर की स्वच्छता, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली.