गिरते बाजार में भी एक स्टॉक ने निवेशकों को कमाल का रिटर्न दिया है. यह शेयर अब भी अपर सर्किट पर कारोबार कर रहा है. हर दिन इसमें तेजी देखी जा रही है. यह इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि शेयर बाजार में बाकी शेयर फीके लग रहे हैं. इस स्टॉक ने साल 2026 में 700 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.
हम जिस शेयर की बात कर रहे हैं, वह स्टॉक स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज है. मंगलवार को भी यह शेयर 5 फीसदी चढ़कर ₹825.60 पर पहुंच गया. तीन दिनों से शेयर लगातार अपर सर्किट लगा रहा है. एक वीक में यह शेयर 11 फीसदी से ज्यादा चल चुका है. 1 महीने के दौरान शेयर में 30 फीसदी की तेजी आई है.
1 साल के दौरान कमाल का रिटर्न
पिछले 3 महीने में यह शेयर 40 फीसदी चढ़ा है, लेकिन छह महीने की बात करें तो इस शेयर में 370 फीसदी की तेजी आई है. वहीं एक साल के दौरान शेयर में 645.33% की उछाल देखने को मिली है .
वहीं अगर सिर्फ जनवरी से अभी तक के रिटर्न का कैलकुलेशन करें तो यह शेयर 705 फीसदी तक उछल चुका है. जनवरी 2026 को यह शेयर करीब 100 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था, लेकिन आज यह शेयर 825 रुपये के पार पहुंच चुका है.

क्यों इतना भाग रहा ये शेयर?
कंपनी के बोर्ड ने प्रोडक्शन क्षमता को करीब 50 फीसदी के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडेचर को मंजूरी दी है. यह टारगेट वित्त वर्ष 2029 तक के लिए है.
कंपनी मैनेजमेंट ने FY29 तक 20,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का टारगेट रखा है, जो मौजूदा स्तर से 4 गुना से भी ज्यादा है. इसके साथ ही EBITDA मार्जिन को 27% से ऊपर ले जाने का टारगेट है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के विस्तार के चलते डेटा सेंटर्स में हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर केबल्स और एडवांस कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस की भारी मांग पैदा हुई है. कंपनी का रेवेन्यू मिक्स अब कम मार्जिन वाले टेलीकॉम प्रोडक्ट्स से बदलकर हाई-मार्जिन AI डेटा सेंटर सॉल्यूशंस की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहा है.
कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़कर 18,600+ करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, जिससे आगामी तिमाहियों के लिए मजबूत आय का भरोसा मिला है.
क्या करती है कंपनी?
स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (STL) एक ग्लोबल डिजिटल नेटवर्क और कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. यह हाई-स्पीड इंटरनेट, 5G और डेटा सेंटर को आपस में जोड़ने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है. यह कंपनी का मुख्य बिजनेस है. कंपनी ग्लास प्रीफॉर्म (कच्चा माल) से लेकर ऑप्टिकल फाइबर और हाई-डेंसिटी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) खुद बनाती है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)