उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के चार राज्यों में हुए विधान परिषद (एमएलसी) के चुनाव नतीजे की तस्वीर साफ हो गई है. उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति में भले ही पिछड़ा-दलित का शोर दिखाई दे, लेकिन शिक्षक और स्नातक के मतदाताओं वाले इस एमएलसी चुनाव में सवर्णों का एकतरफा दबदबा देखने को मिला है.
विधान परिषद में सभी दलों ने क्षेत्र के सियासी समीकरण के लिहाज से प्रत्याशी उतारे थे. चुनावी नतीजों में बिहार में भूमिहार समाज का सियासी दबदबा नजर आया तो यूपी में ब्राह्मण समुदाय का वर्चस्व दिखा.
बिहार की 8 एमएलसी सीट पर चुनाव हुए, जिसमें 4 स्नातक और 4 शिक्षक कोटे की सीट हैं. इसी तरह यूपी की 11 विधान परिषद सीट में 6 शिक्षक तो 5 स्नातक कोटे की सीटों पर चुनाव हुए हैं. एमएलसी चुनाव में किस जाति के कितने एमएलसी बिहार और यूपी से चुने गए हैं?
बिहार MLC चुनाव में किसका पलड़ा भारी
बिहार की 8 विधान परिषद सीट पर चुनाव हुए, जिसमें बीजेपी तीन एमएलसी सीटें जीतने में कामयाब रही है. इसके अलावा आरजेडी, जेडीयू और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट पर जीत मिली है. दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार एमएलसी का चुनाव जीते हैं.
आरजेडी प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 30 सालों से काबिज बीजेपी के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव को हराकर बड़ा उलटफेर किया. इसी तरह से प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में अपना पहला ऐतिहासिक खाता खोला.
8 में से 5 सीटों पर भूमिहारों का कब्जा
बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर हुए चुनाव परिणामों में भूमिहार समुदाय का एकतरफा दबदबा देखने को मिला, भूमिहार समाज से पांच एमएलसी चुनाव जीते हैं. भूमिहार समाज से जीतने वालों में पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार, पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार, दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज से डॉ. सुरेश प्रसाद राय और दरभंगा स्नातक सीट पर बीजेपी के सर्वेश कुमार हैं. तिरहुत शिक्षक सीट पर बीजेपी के डॉ. नरेंद्र सिंह जीते हैं, जो भूमिहार समाज से हैं.
सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज जीते हैं, जो राजपूत समाज से हैं. कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव ने जीत हासिल की है, जो यादव समाज से हैं. तिरहुत स्नातक सीट से निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी ने जीत दर्ज की, जो मल्लाह समाज से हैं. इस तरह राजपूत, यादव और मल्लाह समाज से एक-एक एमएलसी चुने गए हैं.
यूपी एमएलसी चुनाव में कौन कितनी सीट जीती
उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव में बीजेपी और सपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला. सूबे की 11 एमएलसी सीटों में से 6 शिक्षक और पांच स्नातक कोटे की सीटें हैं. बीजेपी ने 6 सीटें जीत ली हैं, जिसमें चार सीटें शिक्षक कोटे की और 2 सीटें स्नातक क्षेत्र की हैं. वहीं, सपा पांच सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है. सपा ने तीन शिक्षक कोटे की और दो स्नातक क्षेत्र की सीटें जीती हैं, जिसमें वाराणसी स्नातक सीट भी शामिल है.
यूपी में किस जाति के कितने एमएलसी बने
यूपी एमएलसी चुनाव में सबसे ज्यादा ब्राह्मण समाज से नेता चुने गए हैं. इसके बाद यादव और वैश्य समुदाय से हैं. सिख/पंजाबी समुदाय से एक एमएलसी विधान परिषद जीते हैं. इसके अलावा ठाकुर, कुर्मी और कायस्थ समाज से एक-एक एमएलसी बने हैं. इस तरह एमएलसी चुनाव में ब्राह्मण समाज का दबदबा रहा.
ब्राह्मण समाज से मेरठ शिक्षक सीट पर बीजेपी के श्रीचंद शर्मा, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी और लखनऊ शिक्षक सीट पर बीजेपी के उमेश द्विवेदी जीते हैं. वैश्य समुदाय से मेरठ स्नातक सीट पर बीजेपी के दिनेश गोयल तो आगरा शिक्षक सीट पर सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल जीते हैं.
यादव समाज से दो एमएलसी चुने गए हैं और दोनों ही सपा से जीते हैं. वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव और झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव जीते हैं. सिख/पंजाबी समुदाय से बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों एमएलसी बने हैं.
ठाकुर समुदाय से आगरा स्नातक सीट पर बीजेपी के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की है. कुर्मी समुदाय से लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह पटेल जीतीं हैं, जो प्रतापगढ़ से सांसद एसपी सिंह की पत्नी हैं. कायस्थ समुदाय से वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा ने जीत दर्ज की है.