उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जहरीले नाग के साथ खिलवाड़ करना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया. पूजा पंडाल में सांप के जहरीले दांत तोड़ने का प्रदर्शन कर रहे 26 वर्षीय नौमीलाल को नाग ने डस लिया. बेटे को बचाने के लिए पिता महेश आगे बढ़े, लेकिन सांप ने उन्हें भी पैर में काट लिया. दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई. घटना सतरिख थाना क्षेत्र के मुनक्कीपुरवा गांव की है. बताया जा रहा है कि रविवार रात पूजा पंडाल में बाग से पकड़कर लाए गए जहरीले काले नाग का तमाशा दिखाया जा रहा था. इसी दौरान नौमीलाल सांप के दांत तोड़ने का प्रदर्शन करने लगा. तभी उसकी पकड़ ढीली पड़ गई और नाग ने उसके पैर में डस लिया. कुछ ही देर में तमाशा जानलेवा घटना में बदल गया.
मुनक्कीपुरवा गांव में पूजा पंडाल में मौजूद लोगों के सामने नौमीलाल जहरीले काले नाग के साथ करतब दिखा रहा था. बताया जा रहा है कि सांप को बाग से पकड़कर लाया गया था. प्रदर्शन के दौरान नौमीलाल सांप के जहरीले दांत तोड़ने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान नाग ने उसके पैर में डस लिया.
बेटे को सांप के काटने के बाद पिता महेश उसे बचाने के लिए दौड़े. वह सांप को पकड़ने की कोशिश करने लगे, लेकिन नाग ने उनके पैर में भी डस लिया. इस तरह कुछ ही देर में पिता और बेटा दोनों सांप के जहर की चपेट में आ गए. घटना के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया. नौमीलाल की हालत गंभीर थी. डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. बाद में उसे गंभीर हालत में लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया. हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका. पिता महेश की भी इलाज के दौरान मौत हो गई.
20 वायल एंटी-स्नेक वेनम देने के बाद भी नहीं बची जान
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य के मुताबिक, नौमीलाल को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. उसे एंटी-स्नेक वेनम की 20 वायल दी गईं, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. डॉक्टर के अनुसार, नौमीलाल की आंखों की रोशनी चली गई थी. गला रुंधने के कारण उसे बोलने में भी परेशानी होने लगी थी. हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. पिता महेश की भी मौत हो गई. पिता-पुत्र को बचाने के लिए इलाज किया गया, लेकिन जहरीले सांप के काटने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी. इस घटना ने गांव में सांप के साथ करतब दिखाने के दौरान हुई लापरवाही के गंभीर नतीजे सामने रख दिए.
घर में दो बोरियों में रखे थे करीब दो दर्जन सांप
बताया जा रहा है कि महेश और नौमीलाल को सांप पकड़ने का शौक था. नौमीलाल सपेरे की तरह घूमता था और लोगों के घरों से भी सांप पकड़ता था. पकड़े गए सांपों को घर में एक जगह रखा जाता था. परिजनों के मुताबिक, घर में दो बोरियों में करीब दो दर्जन सांप रखे हुए थे. सांप पकड़ने और उनके साथ करतब दिखाने का शौक पिता-पुत्र की जिंदगी पर भारी पड़ गया. पूजा पंडाल में जिस जहरीले नाग के साथ प्रदर्शन किया जा रहा था, उसी ने पहले नौमीलाल और फिर उसे बचाने पहुंचे महेश को डस लिया.
एक तमाशे ने ले ली दो जान
बाराबंकी के मुनक्कीपुरवा गांव में हुई इस घटना में पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई. नौमीलाल को बचाने के लिए अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम की 20 वायल दी गईं, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. गंभीर स्थिति के कारण उसे लखनऊ रेफर किया गया, जबकि पिता महेश का भी इलाज के दौरान निधन हो गया. पूजा पंडाल में सांप का प्रदर्शन कुछ ही देर में एक दर्दनाक घटना में बदल गया. जहरीले नाग के साथ करतब दिखाने और उसे काबू करने की कोशिश का नतीजा इतना गंभीर हुआ कि पिता-पुत्र दोनों की जान चली गई.