उत्तर प्रदेश के बांदा में रोडवेज बस में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है. चित्रकूट से बांदा आ रही बांदा डिपो की बस की हेडलाइट रास्ते में खराब हो गई. इसके बावजूद चालक ने वाहन को रोकने के बजाय अंधेरे में ही आगे बढ़ाना जारी रखा. इस दौरान बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया.
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो को चित्रकूट-बांदा मार्ग का बताया जा रहा है. इसमें बस का नंबर और अंदर बैठे यात्रियों की स्थिति दिखाई गई है. वीडियो बना रहा शख्स बस की खराब हेडलाइट का जिक्र करते हुए यात्रियों से भी सवाल करता नजर आ रहा है. एक यात्री ने बताया कि बस में लाइट नहीं है और वह बांदा जा रही है.
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वीडियो में यह भी दावा किया गया कि सरकारी बस पूरी तरह अंधेरे में सड़क पर आगे बढ़ रही थी. यात्रियों के मुताबिक, खराब रोशनी के बावजूद वाहन चलाए जाने से उन्हें रास्ते में हादसे का डर सताता रहा. बताया जा रहा है कि कुछ यात्री अपनी सुरक्षा को देखते हुए रास्ते में ही बस से उतर गए. मामले का वीडियो सामने आने के बाद रोडवेज विभाग के अधिकारियों से चालक की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे.
खराब हेडलाइट के बावजूद नहीं रोकी बस
स्थानीय लोगों के अनुसार, हेडलाइट खराब होने के बाद चालक को बस रोककर यात्रियों को दूसरी बस से भेजना चाहिए था. आरोप है कि ऐसा करने के बजाय बस को उसी हालत में चलाया गया. रात के समय बिना पर्याप्त रोशनी के किसी बड़े यात्री वाहन को सड़क पर दौड़ाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता था. इसी वजह से वायरल वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया.
मामला सामने आने पर बांदा रोडवेज के ARM ने इसका संज्ञान लिया. उन्होंने बताया कि घटना 18 अगस्त की है. उनके अनुसार, सफर के दौरान बस की लाइट अचानक खराब हो गई थी. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि संभवत: बस का कोई फ्यूज उड़ गया था, जिसके कारण हेडलाइट ने काम करना बंद कर दिया.
देखें वीडियो...
ARM के मुताबिक, चालक को निर्देश दिया गया था कि यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर भेजा जाए और खराब वाहन को लाइट ठीक कराने के बाद लाया जाए. इसके बावजूद चालक और परिचालक ने अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट नहीं किया. इसके बाद दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है.
ड्राइवर-कंडक्टर ड्यूटी से हटाए गए
ARM ने बताया कि चालक और परिचालक को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है. दोनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है. विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बस में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद कर्मचारियों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया और यात्रियों को दूसरी बस से भेजने के निर्देश के बावजूद वाहन को आगे क्यों ले जाया गया.
वायरल वीडियो में बस के अंदर का माहौल भी दिखाई देता है, जहां यात्री अंधेरे में सफर करते नजर आ रहे हैं. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने बस की स्थिति को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसके बाद लोगों ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए. हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही लापरवाही की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
फिलहाल रोडवेज विभाग ने चालक और परिचालक को ड्यूटी से हटाकर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी बसों की तकनीकी जांच और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.