Uttar Pradesh News: बलिया जिले के मनियर क्षेत्र के रानीपुर गांव की 7 साल की छात्रा रागिनी दिघेड़ा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-1 में पढ़ती है. छह महीने की उम्र में एक हादसे के कारण उसका एक पैर बुरी तरह डैमेज हो गया था, जिससे वह एक पैर से करीब 400 मीटर कूदकर स्कूल जाती थी. इस संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह अधिकारियों के साथ रागिनी के घर पहुंचे. उन्होंने उसे दो ट्राईसाइकिल, किताबें, खिलौना बैग, चॉकलेट प्रदान की और चिकित्सा सहायता सहित सड़क निर्माण का आश्वासन दिया.
हादसे में गंवाया पैर, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत
रागिनी की मां बबीता देवी ने बताया कि जब बेटी छह महीने की थी, तब एक हादसे में उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया था. परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बेहतर इलाज नहीं मिल सका. बच्ची दूसरे बच्चों को बस्ता ले जाते देख पढ़ने के लिए रोती थी. वह कभी-कभी खुद एक पैर से कूदते हुए स्कूल पहुंचती थी.
प्रशासन ने घर पहुंचकर बांटी राहत सामग्री
वीडियो वायरल होने के बाद डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और डॉक्टर को भेजा था. इसके बाद बुधवार को वह खुद अधिकारियों के साथ रागिनी के घर पहुंचे. उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि रागिनी की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी और सभी सरकारी योजनाएं दी जाएंगी.
इलाज, शौचालय और सड़क मरम्मत के निर्देश
जिलाधिकारी ने रागिनी के मेडिकल परीक्षण और पैर के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा गांव की खराब सड़क की जल्द मरम्मत कराने और घर में शौचालय निर्माण के लिए बजट स्वीकृत होने की जानकारी दी गई.