बागपत में 'पड़ोसी' से 'दिल्लगी' का अंजाम इतना खौफनाक होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था. यहां पत्नी ने पति को पहले नींद की गोलियां देकर सुलाया और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक दिया. वहीं 7 दिन बाद 80 फीसद जल चुका पति जिंदगी से जंग हार गया और उसकी मौत हो गई. ये एक ऐसी दास्तां जिसने रूह को अंदर तक झकझोर दिया है.
दरअसल बागपत के बिनौली थाना क्षेत्र के बिजवाड़ा गांव का रहने वाला राजीव अपनी पत्नी निशा उर्फ नीशू के साथ रहता था. लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर कुछ ऐसा पक रहा था, जिसकी भनक भी राजीव को लग गई थी. पत्नी निशा का प्रेम-प्रसंग अपने ही पड़ोसी विक्रांत के साथ चल रहा था. राजीव आए दिन इस अवैध रिश्ते का कड़ा विरोध करता था, जो शायद निशा और उसके प्रेमी विक्रांत के लिए सबसे बड़ी बाधा बन चुका था.
ऐसे में 20 जून की रात को निशा और विक्रांत ने एक ऐसी साजिश को अंजाम दिया, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. योजना के मुताबिक निशा ने सबसे पहले अपने पति राजीव को गहरी नींद की गोलियां खिला दीं. जब राजीव बेसुध होकर चारपाई पर सो गया, तब निशा ने अपने प्रेमी विक्रांत को घर में बुलाया. क्रूरता की हदें पार करते हुए दोनों ने सोते हुए राजीव पर पेट्रोल छिड़का और आग के हवाले कर दिया.
80 प्रतिशत तक झुलस गया था राजीव
आग की लपटों में घिरे राजीव की चीखें सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. राजीव 80 प्रतिशत तक झुलस चुका था. गंभीर रूप से झुलसे राजीव को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. अस्पताल के बिस्तर पर 7 दिनों तक राजीव मौत और जिंदगी के बीच झूलता रहा. लेकिन वह बुरी तरह झुलस चुका था. आखिरकार उसने दम तोड़ दिया और अपनी अंतिम सांस लेते हुए पत्नी की बेवफाई का वह दर्द अपने साथ ले गया.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए निशा और उसके प्रेमी विक्रांत को गिरफ्तार कर लिया था. शुरुआती दौर में पुलिस ने मामले को 'हत्या के प्रयास' के तहत दर्ज किया था. लेकिन अब राजीव की मौत के बाद धाराओं में बदलाव (तरमीम) करते हुए इसे हत्या की धाराओं में बदल दिया गया है.