अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में गुरुवार को अयोध्या की अदालत ने मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली. अयोध्या पुलिस ने कोर्ट से 48 घंटे की रिमांड की मांग की थी, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एक दिन की रिमांड देने का फैसला सुनाया.
अब पुलिस रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला से चढ़ावे की कथित हेराफेरी, बरामद नकदी के स्रोत, अन्य आरोपियों से उसके संबंध और पूरे नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ करेगी. जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.
दरअसल, पुलिस जांच के दौरान अब तक सबसे बड़ी नकद बरामदगी अविनाश शुक्ला के घर से हुई है. उसके कब्जे से 20 लाख 39 हजार रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं. यही वजह है कि पुलिस उसे इस मामले का अहम आरोपी मान रही है.
लवकुश की पत्नीको जारी हुआ नोटिस
इससे पहले पुलिस ने आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया था और उसके परिजनों से पूछताछ की थी. इसी बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर बन रहे एक मकान को लेकर नोटिस जारी किया है. आरोप है कि सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में बिना विकास प्राधिकरण की मंजूरी के निर्माण कार्य कराया जा रहा था.
पुलिस के अनुसार, जांच में अब तक अलग-अलग आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है. अविनाश शुक्ला के अलावा करुणेश पांडे के पास से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा के पास से 14.25 लाख रुपये, रामाशंकर मिश्रा के पास से 7.32 लाख रुपये और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं.
जांच के दौरान पुलिस ने अयोध्या स्थित एक योग केंद्र से रामराज्य कोष नाम का एक दानपात्र भी बरामद किया है, जिस पर पेटीएम का क्यूआर कोड लगा हुआ था. पुलिस के मुताबिक, अविनाश शुक्ला पिछले करीब दस वर्षों से इसी योग केंद्र में रह रहा था.
बता दें कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई. अब तक चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस मामले की हर कड़ी की गहन जांच कर रही है. अब सभी की नजरें अविनाश शुक्ला से होने वाली पूछताछ पर टिकी हैं.