अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक में महासचिव का पद मिलने के बाद महंत गोविंद देवगिरी महाराज ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की. दोनों के बीच कारसेवक पुरम स्थित भरत कुटी में बंद कमरे में बातचीत हुई. इस दौरान ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा भी मौजूद रहे.
महंत गोविंद देवगिरी महाराज की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर ट्रस्ट में बदलाव हुआ है. चंपत राय और अनिल मिश्रा इस मामले के बाद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. चंपत राय ने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महासचिव पद छोड़ा था.
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नाम के ऐलान के बाद भी दो घंटे चली थी बैठक
महासचिव बनने के बाद गोविंद देवगिरी महाराज और चंपत राय की इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है. इससे पहले दोनों के बीच बंद कमरे में हुई बातचीत करीब कई घंटे तक चली थी. इससे पहले जुलाई में भी दोनों की मुलाकात हुई थी. यह मुलाकात गोविंद देवगिरी महाराज के नए महासचिव के तौर पर नाम के ऐलान के बाद हुई थी.
चढ़ावा चोरी की शिकायतों के बाद चंपत राय को पद से हटाया गया
चढ़ावा गिनती में कथित अनियमितताओं के मामले में एसआईटी जांच भी शुरू हुई थी. इसके बाद चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दिया था. बाद में गोविंद देवगिरी महाराज ने कहा था कि चंपत राय की मुख्य गलती अपने करीबी सहयोगियों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना थी, न कि जानबूझकर कोई गलत काम करना.
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अब महासचिव का पद मिलने के बाद चंपत राय से उनकी बंद कमरे में हुई मुलाकात चर्चा में है. बैठक में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा की मौजूदगी भी रही.