समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी घोषणापत्र, किसानों के कल्याण, राज्यसभा चुनाव, बाढ़ प्रबंधन और गठबंधन की रणनीति पर अपनी राय जाहिर की. उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की खुलकर आलोचना की. अखिलेश यादव ने किसानों के लिए मुफ्त सिंचाई और गन्ना भुगतान में तेजी लाने का बड़ा ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के संपर्क में होने, बृजभूषण शरण सिंह के बयान और रायबरेली दौरे पर रिएक्शन दिया.
बृजभूषण सिंह के बयान पर अखिलेश ने कहा- हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं उनसे, यूपी के विकास के लिए हम सब एक हैं. वहीं, पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल पर कहा कि अब उन्हें तय करना होगा वो हरा और लाल गमछा डालेंगी या कोई और. अपने रायबरेली के दौरे पर अखिलेश ने कहा कि अगर रथ से हम राहुल जी के यहां चले गए चाय पीने तो आपको क्या तकलीफ है. क्योंकि रायबरेली के पार्टी के नेता उस दिन आए थे हमसे मिलने.
बीजेपी विधायकों का संपर्क और गठबंधन
अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं और सपा में आना चाहते हैं, लेकिन समायोजन की सीमा और वादाखिलाफी न करने की नीति के कारण रुकावट है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराना गठबंधन आगे भी जारी रहेगा और सीट बंटवारे का मुख्य आधार केवल जीत होगी.
अर्थव्यवस्था और राज्यसभा उम्मीदवार पर सफाई
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि यह चढ़ावा चोरी से नहीं बन सकती. धनराज को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में सपा ने उद्योग जगत से जुड़ने और नई पीढ़ी को मौका देने के लिए यह निर्णय लिया है. उन्होंने समाजवाद, समानता और समृद्धि की नई परिभाषा भी बताई.
बाढ़ प्रबंधन और सरकार पर निशाना
कुशीनगर और गोरखपुर में बाढ़ की स्थिति पर अखिलेश यादव ने कहा कि नदियों में मिट्टी भरने और बंधों के सही डिजाइन न होने से यह स्थिति बनी है. उन्होंने लखनऊ के रिवर फ्रंट का उदाहरण देकर मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए. इसके साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर भी तंज कसा.
किसानों के लिए बड़े चुनावी वादे
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में किसानों की सिंचाई मुफ्त होगी और गन्ना किसानों का भुगतान 24 से 48 घंटों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि घोषणापत्र जारी होने पर किसानों के हित में कई और ऐतिहासिक फैसले लिए जाएंगे. उन्होंने चौधरी साहब के बलिदान को भी याद किया.