आगरा के ताजमहल में घूमने आई एक विदेशी महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. महिला स्मारक के सामने तस्वीरें खिंचवा रही थी, तभी कुछ लोग उसके आसपास जमा हो गए. कई लोग उसे लगातार देखने लगे और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे. भीड़ बढ़ने के साथ महिला असहज नजर आई.
वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला ताजमहल के सामने अपनी तस्वीरें खिंचवाने की कोशिश कर रही है. इसी दौरान कई पुरुष उसके आसपास खड़े हो जाते हैं. कुछ लोग मोबाइल फोन निकालकर उसकी तरफ कैमरा करते दिखाई देते हैं. महिला के हाव-भाव से उसके असहज होने का अंदाजा लगाया जा सकता है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग कह रहे हैं इस वीडियो को देख हम शर्मिंदा हैं.
फोटोग्राफर ने भीड़ को रोका
मामला बढ़ता देख वहां मौजूद एक फोटोग्राफर ने दखल दिया. वह भीड़ के पास पहुंचा और लोगों से पीछे हटने के लिए कहता नजर आया. उसका कहना था कि महिला को अपनी यात्रा का अनुभव सामान्य तरीके से करने दिया जाए और उसके आसपास इस तरह भीड़ न लगाई जाए.
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यही हिस्सा वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा में आया. सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि वहां मौजूद शख्स ने सिर्फ घटना को रिकॉर्ड करने के बजाय स्थिति को संभालने की कोशिश की.
वीडियो के साथ उठाया गया 'सिविक सेंस' का सवाल
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए 'सिविक सेंस' को लेकर सवाल उठाया गया. पोस्ट में कहा गया कि विदेशी पर्यटकों का पीछा करना, उन्हें घूरना या इस तरह उनके आसपास भीड़ लगाना मेहमाननवाजी का सही तरीका नहीं है. पोस्ट में लोगों से पर्यटकों की निजी जगह का सम्मान करने और उन्हें बिना परेशान किए घूमने देने की अपील भी की गई.
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने कहा कि एक तरफ हम 'अतिथि देवो भव:' की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ विदेशी पर्यटकों के साथ ऐसा व्यवहार देखने को मिलता है.
एक अन्य यूजर ने कहा कि भारतीयों में विदेशियों को लेकर एक अलग तरह का ऑब्सेशन दिखाई देता है. उसने तुलना करते हुए लिखा कि कई बार विदेशी पर्यटकों को इस तरह देखा जाता है, जैसे चिड़ियाघर में किसी जानवर को देखा जा रहा हो.
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वहीं, एक यूजर ने दावा किया कि इस तरह का व्यवहार भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए ऐसे दावों को व्यापक पर्यटन आंकड़ों के बराबर नहीं माना जा सकता.
सवाल सिर्फ एक वीडियो का नहीं
किसी मशहूर पर्यटन स्थल पर किसी विदेशी पर्यटक को देखकर उत्सुक होना अलग बात है, लेकिन उसकी तस्वीर या वीडियो बनाने के लिए उसके निजी स्पेस में पहुंच जाना अलग. पर्यटन स्थलों पर आने वाले हर व्यक्ति की निजी जगह और सहमति का सम्मान करना जरूरी है.
यह वीडियो इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना है कि किसी पर्यटक की तस्वीर लेने की इच्छा से ज्यादा जरूरी उसकी सहजता और निजी स्पेस का सम्मान करना है.