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1 करोड़ की सैलरी हो, तब भी लोन मत लेना! AI के दौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर लड़की ने क्यों दी ये सलाह

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक टेक प्रोफेशनल ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को लंबी अवधि का लोन लेने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि आज की सैलरी और नौकरी की स्थिति को अगले 10-15 साल तक एक जैसा मानकर चलना वित्तीय जोखिम बढ़ा सकता है.

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सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है (Photo: Ai Generated)
सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है (Photo: Ai Generated)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तेजी से टेक इंडस्ट्री का हिस्सा बन रहा है. कोड लिखने से लेकर टेस्टिंग और दूसरे कई कामों में एआई टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है. ऐसे में टेक प्रोफेशनल्स के बीच नौकरी, सैलरी और भविष्य की स्किल्स को लेकर चर्चा भी तेज है.

इसी बीच एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को सलाह दी है कि मौजूदा सैलरी और नौकरी की स्थिति देखकर बहुत लंबी अवधि का लोन लेने से पहले सावधानी बरतें.

इंस्टाग्राम पर प्रिंसी वर्शवाल ने एक वीडियो शेयर किया. इसमें उन्होंने कहा कि अगर किसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर का पैकेज 40 लाख, 50 लाख या 1 करोड़ रुपये है, तब भी उसे यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि अगले 10-15 साल तक उसकी नौकरी, सैलरी और स्किल्स इसी तरह बनी रहेंगी.

उन्होंने कहा, "अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, चाहे आपका पैकेज कितना भी हो, लॉन्ग टर्म लोन लेने से पहले बहुत सावधानी बरतें, क्योंकि एआई बहुत वास्तविक है."

'ईएमआई के साथ नौकरी जाना अलग स्तर का तनाव'

वर्शवाल ने नौकरी जाने के बाद ईएमआई चुकाने के दबाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अभी नौकरी सुरक्षित हो सकती है और अगले एक-दो साल तक भी सब ठीक रह सकता है, लेकिन 15 साल काफी लंबा समय है. इस दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की भूमिका, जरूरी स्किल्स और कंपनियों की जरूरतों में बड़ा बदलाव हो सकता है.

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उनके वीडियो पर लिखे टेक्स्ट में भी इसी वित्तीय दबाव को दिखाया गया. इसमें लिखा था, "नौकरी जाना तनावपूर्ण है. ईएमआई चुकाने के साथ नौकरी जाना अलग स्तर का तनाव है."

उन्होंने यह भी साफ किया कि वह यह नहीं कह रही हैं कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरियां खत्म हो जाएंगी. उनका कहना है कि 15 साल की वित्तीय जिम्मेदारी लेते समय यह मान लेना ठीक नहीं है कि नौकरी, सैलरी और स्किल्स इतने लंबे समय तक एक जैसी रहेंगी.

यह भी पढ़ें: क्या AI छीन लेगा हेयर ड्रेसर की नौकरी? वायरल वीडियो ने छेड़ी बहस

एआई से बदल रहा है सॉफ्टवेयर का काम

एआई के आने से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का काम पूरी तरह खत्म होने के बजाय उसके तरीके में बदलाव देखने को मिल रहा है. कोड जनरेशन, कोड रिव्यू, टेस्टिंग, डिबगिंग और डॉक्यूमेंटेशन जैसे कामों में एआई टूल्स का इस्तेमाल बढ़ा है.

इसका मतलब यह नहीं है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरियां खत्म हो रही हैं. बल्कि टेक इंडस्ट्री में जरूरी स्किल्स और काम करने के तरीके बदल रहे हैं. ऐसे में लगातार नई टेक्नोलॉजी सीखना और अपनी स्किल्स को अपडेट रखना प्रोफेशनल्स के लिए अहम होता जा रहा है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

वर्शवाल के वीडियो पर कई यूजर्स ने उनकी सलाह को व्यावहारिक बताया. एक यूजर ने लिखा कि यह वास्तव में प्रैक्टिकल सलाह है. वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि लॉन्ग टर्म ईएमआई भविष्य में बड़ा वित्तीय बोझ बन सकती है.

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हालांकि, किसी व्यक्ति की नौकरी या कमाई का भविष्य केवल एआई के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. इसका असर कंपनी, भूमिका, अनुभव, स्किल्स और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है.

इसलिए इस वीडियो का मुख्य सवाल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के खत्म होने का नहीं, बल्कि 15-20 साल की वित्तीय जिम्मेदारी लेते समय भविष्य की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखने का है.

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