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'बहुत हो गया, I Quit!' दिल्ली में Gen Z की फेक रिजाइनेशन पार्टी, बॉस पर निकली भड़ास

दिल्ली में नौकरी छोड़े बिना 'आई क्विट' का जश्न मनाया, बॉस की फोटो पर पंचिंग बैग चलाए और ऑफिस की परेशानियां खुलकर शेयर कीं. लेकिन इस मजेदार पार्टी के पीछे की कहानियां सुनेंगे तो समझ आएगा कि आखिर लोग कॉरपोरेट जिंदगी से कितने परेशान हैं. आइये ले चलते हैं, इस पार्टी में.

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पार्टी में मौजूद ज्यादातर लोगों ने नौकरी नहीं छोड़ी थी
पार्टी में मौजूद ज्यादातर लोगों ने नौकरी नहीं छोड़ी थी

'मुझसे अब नौकरी नहीं होगी...' कॉरपोरेट जॉब करने वाले कई लोगों के मन में कभी न कभी यह ख्याल जरूर आता है. कोई बॉस से परेशान होता है, कोई काम के दबाव से, तो कोई वर्क-लाइफ बैलेंस न होने से. लेकिन हर महीने आने वाली सैलरी के कारण नौकरी छोड़ना इतना आसान नहीं होता. ऐसे में दिल्ली में जेन ज़ी के लिए हुई एक अनोखी पार्टी चर्चा में है, जहां लोगों ने नौकरी छोड़े बिना ही 'आई क्विट' का जश्न मनाया.

'द फैमिली मैन 2' का सीन याद है?

कॉरपोरेट नौकरी की फ्रस्टेशन का एक चर्चित फिल्मी उदाहरण 'द फैमिली मैन 2' में भी देखने को मिला था. सीरीज में मनोज बाजपेयी का किरदार श्रीकांत तिवारी इंटेलिजेंस की नौकरी छोड़कर कॉरपोरेट कंपनी में काम करने लगता है. यहां बॉस के साथ उसका तनाव बढ़ता जाता है और एक वक्त पर उसका गुस्सा फूट पड़ता है.

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यह सीन उन लोगों को काफी रिलेटेबल लगा था, जो ऑफिस के दबाव और बॉस की डांट से परेशान रहते हैं. असल जिंदगी में हालांकि कर्मचारी अपने बॉस को जवाब देने या नौकरी छोड़ने का फैसला इतनी आसानी से नहीं कर पाते.

देखें वीडियो

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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दिल्ली में लगी 'फेक रिजाइनेशन पार्टी'

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इसी दबे हुए गुस्से को निकालने का मौका दिल्ली में हुई एक फेक रिजाइनेशन पार्टी में मिला. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग 'आई क्विट' बोलते, हंसते और अपनी नौकरी से जुड़ी परेशानियां शेयर करते नजर आए.

पार्टी में रिजाइनेशन लेटर, पंचिंग बैग, डार्ट्स और कॉरपोरेट जेल जैसे फोटो बूथ लगाए गए थे. एक पंचिंग बैग पर लिखा था- 'इमैजिन योर बॉसेज फेस हियर'. यानी अपने बॉस का चेहरा सोचिए और गुस्सा निकालिए.

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कुछ लोगों ने सच में छोड़ दी थी नौकरी

हालांकि पार्टी में मौजूद ज्यादातर लोगों ने नौकरी नहीं छोड़ी थी, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह मजाक नहीं था. वीडियो में एक महिला बताती हैं कि उन्होंने अपनी मानसिक सेहत के लिए वास्तव में नौकरी छोड़ी है.

एक दूसरी महिला ने बताया कि उनका बॉस सिर्फ दो मिनट देर से आने पर आधे दिन की सैलरी काट लेता था. ऐसे अनुभवों ने पार्टी को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा. लोगों ने अपनी वर्कप्लेस की परेशानियां एक-दूसरे के साथ शेयर कीं, जिसे उन्होंने 'ट्रॉमा बॉन्डिंग' तक बताया.

पार्टी खत्म, फिर ऑफिस जाना है

इस पार्टी की सबसे दिलचस्प बात यही रही कि 'आई क्विट' बोलने के बाद भी कई लोगों को अगले दिन ऑफिस लौटना था. वीडियो में जब एक महिला से पूछा जाता है कि क्या वह अगले दिन काम पर जाएंगी, तो वह कहती हैं- 'आई विल गो टू वर्क टुमॉरो.'यानी एक रात के लिए बॉस और ऑफिस की भड़ास निकालने के बाद अगली सुबह फिर वही कॉरपोरेट जिंदगी.

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वर्क-लाइफ बैलेंस भी बड़ा मुद्दा

भारत में वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है. रिमोट के ग्लोबल लाइफ-वर्क बैलेंस इंडेक्स 2025 में भारत 60 देशों में 42वें स्थान पर रहा. इस इंडेक्स में काम के घंटे, छुट्टियां, वेतन, हेल्थकेयर और दूसरे मानकों को शामिल किया गया था.

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