आजकल लोग घूमने-फिरने के दौरान अच्छी तस्वीरें लेने और सोशल मीडिया पर उन्हें पोस्ट करने के लिए अलग-अलग तरह के कपड़े पहनना पसंद करते हैं. लेकिन चीन में इसका एक नया और चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है. यहां कुछ पर्यटक ऐसे कपड़े खरीद रहे हैं, जिन्हें सिर्फ एक बार पहनने के बाद फेंक दिया जाता है. इसे ‘डिस्पोजेबल क्लोदिंग’ या ‘डिस्पोजेबल फैशन’ कहा जा रहा है. इस ट्रेंड को लेकर पर्यावरण को होने वाले नुकसान और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल गर्मियों में चीन के सोशल मीडिया पर ‘डिस्पोजेबल कपड़ों’ का चलन तेजी से लोकप्रिय हुआ. इस शब्द से जुड़े हैशटैग को एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 68 लाख से ज्यादा बार देखा गया, जबकि करीब 1.35 लाख चर्चाएं भी हुईं. लोग इन कपड़ों को सस्ता और यात्रा के दौरान सुविधाजनक बता रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि घूमने जाते समय ज्यादा कपड़े साथ ले जाने और बाद में उन्हें धोने की परेशानी से बचने के लिए ऐसे कपड़े खरीदना आसान विकल्प है. एक महिला ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसने सात दिन की यात्रा के लिए पांच सेट कपड़े खरीदे और इसके लिए 200 युआन यानी करीब 30 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा खर्च नहीं किए. यात्रा खत्म होने के बाद उसका इन कपड़ों को संभालकर रखने का कोई इरादा नहीं था.
सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए खरीदे जा रहे कपड़े
इन कपड़ों की एक खास बात यह है कि इन्हें रोजमर्रा में पहनने के लिए नहीं, बल्कि खास जगहों पर तस्वीरें लेने के लिए डिजाइन किया जाता है. इनमें चमकीली लंबी ड्रेस, लंबे क्लोक, जैकेट और अलग-अलग तरह के आकर्षक कपड़े शामिल हैं. कई कपड़े किसी खास पर्यटन स्थल या मौके को ध्यान में रखकर बेचे जाते हैं. उदाहरण के लिए समुद्र किनारे घूमने के लिए अलग ड्रेस, पारंपरिक चीनी त्योहारों के लिए हानफू और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की यात्रा के लिए अलग तरह के कपड़े उपलब्ध हैं.
हर महीने 15 हजार कपड़े बेच रहा एक स्टोर
रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला कपड़ों की दुकान के मालिक ने बताया कि उसका स्टोर हर महीने करीब 15 हजार कपड़े बेचता है. इन कपड़ों को खरीदने वालों में ज्यादातर 18 से 30 साल की उम्र के लोग हैं. इन कपड़ों की कीमत भी काफी कम रखी गई है. सबसे ज्यादा बिकने वाले कपड़ों की कीमत करीब 10 से 50 युआन यानी लगभग 1.5 से 7.5 अमेरिकी डॉलर के बीच है. भारतीय रुपये में देखें तो यह कीमत एक सामान्य बजट खाने के बराबर बैठती है.
सस्ता फैशन, लेकिन पर्यावरण के लिए बड़ी चिंता
लोगों के लिए यह ट्रेंड भले ही सस्ता और सुविधाजनक हो, लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसे लेकर चिंता बढ़ रही है. अगर कोई कपड़ा सिर्फ एक बार पहनकर फेंक दिया जाता है, तो इससे कपड़ों का कचरा बढ़ना तय है. फैशन इंडस्ट्री पहले से ही बड़ी मात्रा में कपड़ों के प्रोडक्शन और कचरे को लेकर सवालों के घेरे में रहती है. ऐसे में एक बार पहनकर कपड़े फेंकने की आदत बढ़ती है तो इससे समस्या और गंभीर हो सकती है. इसके अलावा बेहद सस्ते कपड़ों की गुणवत्ता और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. यही वजह है कि चीन में लोकप्रिय हो रहा यह नया फैशन ट्रेंड अब सिर्फ सोशल मीडिया की चर्चा नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ी बहस का मुद्दा भी बन गया है.
सोशल मीडिया पर हर यात्रा को खास दिखाने की चाह ने फैशन के इस नए तरीके को बढ़ावा दिया है. लोग अलग-अलग जगहों के हिसाब से नए कपड़े खरीदते हैं, तस्वीरें लेते हैं और फिर उन्हें दोबारा इस्तेमाल करने की बजाय फेंक देते हैं. सवाल यह है कि कुछ मिनटों की तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए खरीदे गए ये कपड़े पर्यावरण पर कितने लंबे समय तक असर डालेंगे. फिलहाल चीन में ‘डिस्पोजेबल फैशन’ तेजी से चर्चा में है और इसके बढ़ते चलन ने सस्ते फैशन के साथ-साथ जिम्मेदार और टिकाऊ फैशन की जरूरत पर भी बहस शुरू कर दी है.