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मराठी में बात करते दिखे बिहार के सांसद, फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर बिहार के एक सांसद का वीडियो वायरल हो रहा है, जो मराठी में बात कर रहे हैं. उनका फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल है.

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बिहार के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का मराठी बोलते हुए एक वीडियो वायरल है. (Photo: X/shubham_9909)
बिहार के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का मराठी बोलते हुए एक वीडियो वायरल है. (Photo: X/shubham_9909)

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. वीडियो बिहार के सीतामढ़ी का है और वीडियो में दिख रहे नेताजी वहां के सांसद हैं. लेकिन, वो मैथिली या हिंदी में बात नहीं कर रहे, बल्कि काफी अच्छी मराठी बोलते नजर आ रहे हैं. जहां उत्तर भारतीयों के मराठी ना बोलने पर महाराष्ट्र में विवाद आ रहा है, वहीं इस वायरल वीडियो को लेकर लोग कह रहे हैं कि इस वक्त इस तरह की भाषाई सद्भाव की जरूरत थी. अब समझते हैं कि आखिर ये वीडियो है किसका और किस वजह से चर्चा में है. 

दरअसल, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान महाराष्ट्र के कई लोग नेपाल गए हुए थे, जो अब बचकर बिहार में प्रवेश कर गए हैं. नेपाल से आए 100 से अधिक इन यात्रियों की जिला प्रशासन ने मेजबानी की, भोजन और रहने की व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित रूप से नागपुर भेजने की तैयारी की. ये काम किया देवेश चंद्र ठाकुर ने, जो सीतामढ़ी से जेडीयू के लोकसभा सांसद हैं. इन लोगों की व्यवस्था के दौरान ही वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मराठी में बात कर रहे थे. 

उनके मराठी में बात करने का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है और लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं. इस दौरान वो फडणवीस से कह रहे हैं, 'हो साहब! कोई समस्या नहीं है. वे सभी हमारे साथ सुरक्षित हैं.'  इस दौरान एक महिला लंबे टाइम बाद अच्छा खाना मिलने का बाद कहती नजर आ रही हैं, 'एकदम शानदार महाराष्ट्रीयन खाना. इसने हमारे दिल को खुश कर दिया. साहब, ये भाजी तो लाजवाब है. खाना प्यार से बनाया गया है.'

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अब लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि आखिर बिहार के नेता कैसे इतनी अच्छी मराठी बोल रहे हैं, जबकि पूर्वी राज्यों के लोगों को मराठी बोलने के लिए दबाव डाला जाता है. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि ठाकुर ने मराठी इसलिए सीखी क्योंकि वे महाराष्ट्र में रहे और वहीं से पढ़ाई की. 

कैसे मराठी जानते हैं सांसद? 

सीतामढ़ी के सांसद को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आईटी और सोशल मीडिया सह-प्रभारी राहुल झा ने X पर लिखा, 'देवेश चंद्र ठाकुर जी का महाराष्ट्र में सालों से एक सुस्थापित व्यवसाय है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानने के नाते, मैं कह सकता हूं कि उन्हें मराठी भाषा पर अच्छी पकड़ है.' बता दें कि सीतामढ़ी में जन्मे ठाकुर ने पुणे जाने से पहले नासिक के सैनिक स्कूल में पढ़ाई की. संसद की वेबसाइट पर मौजूद उनकी प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से बीए ऑनर्स की डिग्री पूरी की और आईएलएस लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की. 

ठाकुर ने पुणे में छात्र राजनीति में प्रवेश किया और तत्कालीन पुणे विश्वविद्यालय (अब सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय) में छात्र संघ का चुनाव लड़ा. सीतामढ़ी जिला प्रशासन की वेबसाइट पर मौजूद उनकी प्रोफाइल के अनुसार, ठाकुर 1970 से 1980 तक महाराष्ट्र राज्य युवा कांग्रेस कमेटी के सदस्य थे.

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इसके बाद उन्होंने 1980 से 1985 के बीच महाराष्ट्र राज्य कांग्रेस कमेटी में अपनी सेवाएं दीं. बाद में वे महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं विलासराव देशमुख और सुशीलकुमार शिंदे के साथ मिलकर काम किया, जो दोनों आगे चलकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने. इस वजह से ठाकुर बड़े अच्छे से मराठी बोलते हैं और अब सामाजिक कार्य के साथ मराठी बोलने की वजह से उनकी काफी चर्चा हो रही है. 
 

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