Beautiful Villages in India: कई बार घूमने का असली मजा किसी जगह पर पहुंचने में नहीं, बल्कि वहां तक के सफर में होता है. पहाड़ों के बीच से गुजरती सड़कें, ठंडी हवाएं, हरियाली और रास्ते में दिखने वाले खूबसूरत नजारे सफर को यादगार बना देते हैं. भारत में ऐसी कई जगहें हैं, जहां पहुंचने के लिए आपको खूबसूरत वादियों और अनोखे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है. इन जगहों पर पहुंचकर आप न सिर्फ प्रकृति के करीब समय बिता सकते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी करीब से जान सकते हैं. अगर आप इस छुट्टी में किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां रास्ते का हर मोड़ एक नया नजारा दिखाए तो भारत के इन 8 खूबसूरत गांवों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
चितकुल (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश में बसा चितकुल भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित आखिरी आबाद गांव के रूप में जाना जाता है. समुद्र तल से करीब 11,319 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस गांव की खूबसूरती देखने लायक है. हालांकि, यहां पहुंचने का सफर भी किसी रोमांच से कम नहीं है. दिल्ली से शिमला होते हुए आप चितकुल जा सकते हैं. रास्ते में कुफरी की पहाड़ियां, नारकंडा के सेब के बगीचे और सतलुज नदी के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं. आगे सांगला घाटी और रकछम गांव से गुजरते हुए आप चितकुल पहुंच सकते हैं. यहां के शांत माहौल और पहाड़ों के नजारे आपका मन मोह लेंगे.
लाचुंग (सिक्किम)
सिक्किम का लाचुंग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए मशहूर है. गंगटोक से लाचुंग तक का रास्ता पहाड़ों, गहरी घाटियों, घने जंगलों और झरनों से होकर गुजरता है. रास्ते में तीस्ता नदी के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं. चुंगथांग में लाचेन और लाचुंग नदियों का संगम भी देखने लायक है. आगे बढ़ने पर सेवन सिस्टर्स और भीम नाला जैसे झरने सफर की खूबसूरती बढ़ा देते हैं. लाचुंग पहुंचने पर बर्फ से ढकी चोटियां और ऊंचे पहाड़ आपको कुछ समय रुककर प्रकृति को निहारने पर मजबूर कर देंगे.
पेरियार (केरल)
अगर आपको जंगल, हरियाली और वन्यजीव पसंद हैं, तो केरल का पेरियार आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. पेरियार और उसके आसपास का इलाका पश्चिमी घाट की प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. यहां तक पहुंचने के रास्ते में हरे-भरे जंगल, छोटे गांव, चाय के बागान और धुंध से ढकी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं. थेक्कडी के रास्ते पेरियार पहुंचते समय मौसम और आसपास का नजारा भी बदलने लगता है. यहां आप जंगलों की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं और पेरियार टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को देखने का मौका भी पा सकते हैं. हालांकि, वन्यजीव दिखना आपकी किस्मत और परिस्थितियों पर निर्भर करता है.
जीरो वैली (अरुणाचल प्रदेश)
अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली उन लोगों के लिए खास है, जिन्हें हरियाली, पहाड़ और शांत माहौल पसंद है. ईटानगर से जीरो तक का रास्ता जंगलों और पहाड़ियों के बीच से गुजरता है. सफर के दौरान आपको छोटे-छोटे गांव और अपातानी जनजाति की संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिलता है. यहां के पारंपरिक घर, खेती करने के अनोखे तरीके और पुरानी परंपराएं इस जगह को खास बनाते हैं. जीरो पहुंचने पर दूर तक फैले खेत, पहाड़ियों पर छाई धुंध और पक्षियों की आवाजें आपका ध्यान खींचती हैं. शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय बिताने के लिए यह जगह अच्छी है.
हानू गांव (लद्दाख)
लद्दाख के हानू गांव तक पहुंचने का सफर पहाड़ों और नदियों के खूबसूरत नजारों से भरा है. श्रीनगर से लद्दाख की ओर जाते समय जोजिला दर्रा, द्रास, कारगिल और लामायुरू के आसपास के नजारे देखने को मिलते हैं. आगे सिंधु घाटी के रास्ते धा और हानू गांव तक पहुंचा जा सकता है. यहां सूखे पहाड़ों के बीच बहती नीली नदियां और पत्थरों से बने पारंपरिक घर अलग ही अनुभव देते हैं. हानू गांव ब्रोखपा समुदाय की अनोखी संस्कृति और परंपराओं के लिए भी जाना जाता है. यहां के बगीचों में खुबानी भी देखने को मिलती है. पहाड़ों और स्थानीय जीवन को करीब से जानने के लिए यह सफर यादगार हो सकता है.
अराकू वैली (आंध्र प्रदेश)
आंध्र प्रदेश की अराकू वैली तक का सफर आपको अलग-अलग तरह के नजारे दिखाता है. हैदराबाद से विशाखापत्तनम और फिर वहां से अराकू पहुंचने की यात्रा में मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ियों तक का अनुभव मिलता है. विशाखापत्तनम से आगे बढ़ने पर पूर्वी घाट की पहाड़ियां और रास्ते में दिखने वाली हरियाली सफर को खास बना देती है. यहां कॉफी के बागान, धुंध से ढकी ढलानें और दूर तक फैली घाटियां देखने को मिलती हैं. रास्ते में बोरा गुफाएं भी घूमने के लिए एक खास जगह हैं. अगर आप प्रकृति के साथ-साथ अलग-अलग नजारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो अराकू वैली जा सकते हैं.
हम्पी (कर्नाटक)
कर्नाटक का हम्पी अपने ऐतिहासिक मंदिरों, विशाल चट्टानों और पुराने खंडहरों के लिए मशहूर है. बेंगलुरु से हम्पी जाते समय रास्ते में शहरों और खुले मैदानों के नजारे देखने को मिलते हैं. हम्पी पहुंचने पर विजयनगर साम्राज्य के पुराने अवशेष, विट्ठल मंदिर का प्रसिद्ध पत्थर का रथ और विरुपाक्ष मंदिर आपका ध्यान खींचते हैं. यहां आप ऐतिहासिक इमारतों को करीब से देख सकते हैं और मातंग हिल से सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा भी देख सकते हैं. तुंगभद्रा नदी और विशाल चट्टानों के बीच बसा यह इलाका इतिहास और प्रकृति, दोनों में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए खास है.
मावलिननॉन्ग (मेघालय)
मेघालय का मावलिननॉन्ग अपनी साफ-सफाई और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. यहां पहुंचने के लिए आपको शिलॉन्ग से पहाड़ियों और घुमावदार सड़कों के बीच से गुजरना पड़ता है. रास्ते में हरे-भरे खासी गांव, सुपारी के पेड़ और धुंध से ढकी घाटियां दिखाई देती हैं. मौसम साफ होने पर आसपास के बांग्लादेशी मैदानी इलाकों के नजारे भी देखे जा सकते हैं. गांव में पारंपरिक बांस के घर और रंग-बिरंगे बगीचे इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं. यहां से कुछ दूरी पर रिवाई गांव का प्रसिद्ध लिविंग रूट ब्रिज भी है, जिसे पेड़ों की जड़ों से तैयार किया गया है. यह जगह प्रकृति और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखने का अच्छा मौका देती है.
अगर आप इस छुट्टी में किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां पहुंचने से पहले ही सफर आपको रोमांच और सुकून का अनुभव दे तो भारत के इन गांवों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. यहां पहाड़ों, जंगलों, नदियों और खूबसूरत घाटियों के नजारे देखने के साथ स्थानीय संस्कृति को जानने का मौका भी मिलता है. हालांकि, पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में जाने से पहले मौसम, सड़क की स्थिति और स्थानीय यात्रा संबंधी सलाह जरूर जांच लें.