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जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश के निचले सुबनसिरी जिले में स्थित जीरो वैली (Ziro Valley, Arunachal Pradesh) भारत के सबसे खूबसूरत और शांत पर्यटन स्थलों में से एक मानी जाती है. समुद्र तल से लगभग 1,500 मीटर की ऊंचाई पर बसी यह घाटी अपनी हरियाली, धान के खेतों, पहाड़ियों और अनोखी जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है. प्राकृतिक सौंदर्य और पारंपरिक जीवनशैली का ऐसा मेल देश में बहुत कम देखने को मिलता है.

जीरो वैली अपातानी जनजाति का निवास स्थान है. अपातानी लोग अपनी विशिष्ट कृषि प्रणाली के लिए जाने जाते हैं, जिसमें धान और मछली की संयुक्त खेती की जाती है. यह पर्यावरण के अनुकूल खेती पद्धति आज भी बिना आधुनिक मशीनों के अपनाई जाती है. उनकी सामाजिक व्यवस्था, लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान और हस्तशिल्प जीरो की पहचान को और समृद्ध बनाते हैं.

यह घाटी चारों ओर से हरे-भरे जंगलों और देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है. यहां की ठंडी और सुखद जलवायु साल भर पर्यटकों को आकर्षित करती है. ताल्ले वैली वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी, मेघना गुफा, शिव लिंगम, और किले पाक्हो रिजर्व फॉरेस्ट जैसे स्थान प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए खास हैं. सुबह के समय घाटी में फैली हल्की धुंध और पक्षियों की चहचहाहट मन को गहरा सुकून देती है.

जीरो वैली को अंतरराष्ट्रीय पहचान जीरो म्यूजिक फेस्टिवल से भी मिली है. हर साल आयोजित होने वाला यह संगीत महोत्सव देश-विदेश के कलाकारों और युवाओं को आकर्षित करता है. यहां लोक संस्कृति और आधुनिक संगीत का सुंदर संगम देखने को मिलता है.

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के लिए प्रस्तावित जीरो वैली न केवल पर्यटन स्थल है, बल्कि सतत जीवनशैली और प्रकृति के साथ संतुलन का बेहतरीन उदाहरण भी है. जो लोग शांति, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की तलाश में हैं, उनके लिए जीरो वैली एक आदर्श गंतव्य है.

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