सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है. सोमवती अमावस्या के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है. इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है. मान्यता के अनुसार, पीपल के वृक्ष में देवी देवताओं का वास होता है (Somvati Amavasya puja).
यदि किसी की कुंडली में पितृ दोष हो तो, इस दिन स्नान, दान करने से मुक्ति मिलती है. साथ ही, कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस दिन दान करना चाहिए. इस दिन किसी पवित्र नदी, तालाब या कुंड में स्नान करना चाहिए और सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए. साथ ही, गायत्री मंत्र का पाठ भी करना चाहिए. इसके बाद, भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए (Somvati Amavasya Rituals).
पितरों का तर्पण भी किया जा सकता है और उनके मोक्ष की कामना करनी चाहिए. पूजा-पाठ के बाद, किसी जरूरतमंद को भोजन और वस्त्र दान भी कर सकते हैं. इस दिन देवी लक्ष्मी का पूजन करना भी शुभ माना जाता है. सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन स्त्रियां पीपल की पूजा करती हैं (Somvati Amavasya for Family).
Somwati Amavasya Night Upay: सोमवती अमावस्या का संयोग साल में सिर्फ एक या दो बार ही आता है. जानिए इस महासंयोग की कौन कौन से विशेष उपाय करने चाहिए, जिनसे घर दरिद्रता दूर होती है.
Somwati Amavasya 2026: वैसे तो सोमवती अमावस्या बहुत ही विशेष मानी जाती है. अमावस्या तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु और पितरों को समर्पित है. इस खास अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करने का विधान है. साथ ही विशेष चीजों का दान किया जाता है. मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से साधक के द्वारा अनजाने में किए गए सारे पाप कट जाते हैं.
ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपठी के मुताबिक, यह दुर्लभ संयोग करीब 100 वर्षों के बाद बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह संयोग ईश्वर की भक्ति और पितरों के प्रति कृतज्ञता के लिहाज से बहुत अनुकूल माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म, दान-पुण्य और पूजा-पाठ का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है.
इस सोमवती अमावस्या पर एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है. दरअसल, सोमवती अमावस्या पर शनि और बुध मिलकर केंद्र दृष्टि योग बना रहे हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह संयोग तीन राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है.
15 जून को साल की पहली सोमवती सोमवस्या पड़ रही है. यह सोमवती अमावस्या ज्येष्ठ माह में आ रही है और इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन भी हो रहा है. ज्योतिष गणना के अनुसार, ऐसा संयोग करीब 100 वर्षों बाद बनने जा रहा है.
Somwati Amavasya 2026: इस साल 15 जून को बेहद पवित्र सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी. जानें इस दिन पितृदोष, सुख-समृद्धि और आर्थिक तंगी दूर करने के अचूक उपाय और कौन सी गलतियां करने से आपको बचना चाहिए.
Somvati Amavasya: कल सोमवती अमावस्या का पर्व है.कल के दिन बन रहे 4 दुर्लभ शुभ योग. जानें पूजा विधि, दान का महत्व और किन राशियों को मिलेगा करियर और धन में लाभ.
अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर होगी और इसका समापन 15 जून 2026, सोमवार को सुबह 8 बजकर 24 मिनट पर होगा. उदिया तिथि के आधार पर 15 जून को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी. चूंकि इस दिन सोमवार है, इसलिए इसे विशेष रूप से शुभ और पुण्य फलदायी माना गया है.
Somwati Amavasya 2026: अमावस्या तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं, जो अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है. इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है. सोमवती अमावस्या का व्रत विवाहित स्त्रियां अपनी पति की लंबी कामने के लिए रखती है. इस दिन पति की लंबी उम्र के लिए कामना करते हुए महिलाएं व्रत रखती है.
Somwati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या के दिन इस बार सोमवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. हिंदू धर्म में यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन व्रत, स्नान-दान और पितरों का तर्पण करने से जीवन में सुख-समृद्धि, वैवाहिक खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा आती है.
इस बार वट सावित्री के दिन सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग भी बन रहा है. इसलिए इस दिन व्रत रखने से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी.
Somwati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या के दिन मात्र जलस्नान करना व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान फल दे देता है. आज के दिन कोई अपने पितरों की कामना करते हुए किसी भी प्रकार से 108 परिक्रमा कर ले, तो यह निश्चित समझिए कि व्यक्ति का कितना भी कठिनाईपूर्ण जीवन सुधर जाता है और व्यक्ति की मनोकामना इच्छितकामना पूर्ण हो जाती है.
Somvati Amavasya 2024: आज साल की आखिरी अमावस्या है और यह सोमवती अमावस्या है. सोमवती अमावस्या के दिन भी दान का महत्व बहुत अधिक होता है इस तिथि पर कुछ वस्तुओं का दान करना बहुत शुभ व कल्याणकारी माना गया है.
आज यानी 30 दिसंबर 2024 को सोमवती अमावस्या है. यदि आपके कार्यों में भी बार-बार बाधाएं आती हैं तो ज्योतिषी प्रवीण मिश्र से जानिए इस दिन क्या उपाय करने से लाभ होगा. सोमवती अमावस्या पर किसी नदी, तालाब, में स्नान करें, पितरों का तर्पण करें, पीपल के नीचे दीपक जलाएं, किसी एक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन सामग्री दान करें.
Somwati Amavasya 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सोमवती अमावस्या तिथि मनाई जाती है. अमावस्या तिथि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना की जाती है.
Somwati Amavasya 2024: इस बार सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर, सोमवार को मनाई जाएगी. सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है. हिंदू धर्म में अमावस्या बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना की जाती है.
Somvati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी. सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है. सोमवती अमावस्या के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है. इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है.
Somwati Amavasya 2024: आज सोमवती अमावस्या है. अमावस्या तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं, जो अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है.
Somvati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदि, तालाब या कुंड में स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना फलदायी माना गया है. सोमवती अमावस्या के दिन देवी लक्ष्मी का पूजन करना भी शुभ माना जाता है.
Somwati Amavasya Vrat katha 2023: सोमवती अमावस्या 17 जुलाई याली आज मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के लिए व्रत रखा जाता है. साथ ही यह अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है इसलिए यह अमावस्या बेहद महत्वपूर्ण हो गई है. सोमवती अमावस्या के व्रत की कथा सुनी जाए तो जीवन के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है.
Hariyali Amavasya 2023: इस बार हरियाली अमावस्या 17 जुलाई, सोमवार को मनाई जाएगी. हरियाली अमावस्या बेहद खास मानी जाती है क्योंकि इस दिन पेड़ पौधे लगाना बेहद शुभ माना जाता है. पेड़ पौधे लगाने से घर के सभी समाप्त हो जाते हैं. साथ ही, इस दिन हरियाली अमावस्या के दिन बेहद शुभ संयोग भी बनने जा रहा है.