राबड़ी देवी
राबड़ी देवी (Rabri Devi) बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री हैं (Former Chief Minister of Bihar). उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में तीन कार्यकालों की सेवा की, इस पद को संभालने वाली पहली और एकमात्र महिला हैं (Rabri Devi, Only Woman CM of Bihra). वह बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता के रूप में कार्यरत थीं (RJD). वह बिहार विधान परिषद की सदस्य हैं.
25 जुलाई 1997 को राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं (First Woman CM of Bihar), जब उनके पति लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को चारा घोटाले (Fodder scam) के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. राबड़ी देवी राघोपुर सीट से तीन बार बिहार विधानसभा के लिए चुनी गईं. 2010 के बिहार विधान सभा चुनाव में, राबड़ी देवी ने दो सीटों- राघोपुर और सोनपुर विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों सीट हार गईं, जहां राष्ट्रीय जनता दल को हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में सारण से चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से हार गईं (Rabri Devi Political Career).
राबड़ी देवी का जन्म 1 जनवरी 1956 में बिहार के गोपालगंज (Gopalganj, Bihar) में हुआ था (Rabri Devi Age). उनका नाम उनके परिवार में एक रिवाज के अनुसार एक भारतीय मिठाई के नाम पर रखा गया है (Rabri Devi's Name based on sweets). उनकी बहनों के नाम जलेबी, रसगुल्ला और पान भी हैं (Rabri Devi sisiters). राबड़ी देवी की शादी मात्र 17 साल की उम्र में लालू प्रसाद यादव से हुई थी (Rabri Devi Husband). उनके नौ बच्चे है जिनमें सात लड़कियां और दो लड़के हैं.
रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के आरोपों से जुड़े 'लैंड फॉर जॉब' स्कैम में अब अदालती प्रक्रिया तेज हो गई है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 मार्च से ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है. इस मामले में लालू परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं, जबकि कुछ आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है. अब इस हाई-प्रोफाइल केस पर सभी की निगाहें अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
आईआरसीटीसी घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ करप्शन और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे.
कोई बिखरा हुआ परिवार एक होता है, तो सहज ही खुशी होती है. लालू यादव ने पहली बार तेज प्रताप यादव की घर वापसी के संकेत दिए हैं. तेजस्वी यादव की तरफ से तो कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आरजेडी को अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल में विलय की सलाह देकर तेज प्रताप यादव ने नई मुसीबत मोल ली है.
तेज प्रताप यादव के दही चूड़ा भोज में सबसे महत्वपूर्ण रहा लालू यादव की मौजूदगी. आने को तो न्योता पाने वाले कई नेता नहीं आए, लेकिन राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की गैर मौजूदगी भी अहम रही - लेकिन पिता का आशीर्वाद पाकर तेज प्रताप यादव का जोश हाई हो गया है.
मकर संक्रांति के मौके पर पटना में आयोजित दही-चूड़ा भोज के दौरान पारिवारिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जनशक्ति जनता दल (JJD) के मुखिया तेज प्रताप यादव द्वारा आयोजित इस भव्य दावत में उनके पिता और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव तो आशीर्वाद देने पहुंचे, लेकिन छोटे भाई तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही.
IRCTC घोटाले मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने निचली अदालत के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. 13 अक्टूबर को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए थे. इस याचिका पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच 5 जनवरी को सुनवाई करेगी.
जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपनी मां के जन्मदिन पर X पर भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा कि मां हमारे परिवार की आत्मा हैं, हर हंसी, हर प्रार्थना और हर पल उनके कारण है. तेज प्रताप ने मां को भगवान की देन बताया और उनके प्रेम, बलिदान और प्रेरणा के महत्व को साझा किया.
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर आवास को लेकर बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि बंगले में तहखाना हो सकता है. इस पर आरजेडी ने पलटवार किया है.
बिहार की राजनीति में लगभग दो दशकों तक सत्ता और विपक्ष की प्रमुख व्यक्ति राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला अब खाली किया जा रहा है. राज्य सरकार द्वारा नोटिस जारी करने के बाद राबड़ी देवी की संपत्ति वहां से सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस कार्रवाई को लेकर बीजेपी की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का '10 सर्कुलर रोड' बंगला अब खाली होने लगा है. राबड़ी देवी को राज्य सरकार द्वारा जारी नोटिस के बाद अब वहां से सामान शिफ्ट करने की प्रोसेस शुरू हो गई है.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपना चर्चित आवास '10 सर्कुलर रोड' खाली करना शुरू कर दिया है. सरकार से मिले नोटिस और नए आवास के आवंटन के बाद रात के वक्त वहां से सामान शिफ्ट किया जा रहा है.
यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज चार मामलों से जुड़ी थी. राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि विशेष जज विशाल गोगने उनके मामलों में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं, इसलिए इन मामलों की सुनवाई किसी अन्य अदालत में कराई जानी चाहिए.
IRCTC स्कैम केस की सुनवाई मौजूदा विशेष जज विशाल गोंगने से हटाकर किसी अन्य जज को सौंपने की राबड़ी देवी की याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी. अब मामला 9 दिसंबर को सुना जाएगा. राबड़ी देवी ने आरोप लगाया है कि जज पक्षपात कर रहे हैं, कानूनी प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं कर रहे और आरोप तय करते समय चुनाव के दौरान उन्हें दिल्ली बुलाकर परेशान किया गया.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दिल्ली की एक अदालत में अर्जी दाखिल कर अपने खिलाफ चल रहे लैंड-फॉर-जॉब्स और IRCTC घोटाला से संबंधित तीन भ्रष्टाचार मामलों को स्पेशल जज विशाल गोगने से किसी अन्य जज को स्थानांतरित करने की मांग की है.
बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को खाली करने का नोटिस दिया है, जो उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के नाते मिला हुआ था. अब उन्हें विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष होने के लिहाज से पटना के हार्डिंग रोड पर नया आवास दिया गया है. सवाल है कि इस बंगले में लालू परिवार कितने दिन रह पाएगा?
राबड़ी देवी का बंगला बदला जाना नए राजनीतिक समीकरणों से उपजा संदेश है. नीतीश की तरफ से ये संदेश लालू यादव को है, या बीजेपी नेतृत्व को? समझने वाली बात ये भी है. और, ऐसे सवालों को जन्म देती है नीतीश कुमार के सरकारी आवास और राबड़ी देवी के पुराने और नए बंगले की बीच की दूरी.
20 साल पहले बिहार में सत्ता बदली तो नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी को पूर्व सीएम होने के नाते राजधानी पटना में 10 सर्कुलर रोड पर सरकारी बंगला आवंटित किया था, जिसे अब उन्हें छोड़ना होगा. यह फैसला सरकार ने तेजस्वी यादव की ओर से दायर केस के चलते लिया है.
बिहार में राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड वाला आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद सियासी घमासान मचा है. बिहार में विधायकों के बंगले की नई नीति क्या है, जिससे राबड़ी देवी नाराज हो गई हैं?
बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को अपना सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड खाली करने का आदेश दिया गया है. भवन निर्माण विभाग ने उन्हें नया आवास प्रदान किया है और संयुक्त सचिव-सह-भू-सम्पदा पदाधिकारी शिव रंजन ने इस आदेश की जानकारी दी है. नए आवास के मिलने के बाद राबड़ी देवी को पुराना बंगला खाली करना होगाय यह आदेश भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी किया गया है और इस मामले में राबड़ी देवी तथा संबंधित विभाग के बीच चर्चा जारी है.
10 सर्कुलर रोड का बंगला पिछले दो दशकों से बिहार की सियासत का सबसे चर्चित पता रहा है. अब बिहार की नई एनडीए सरकार ने इस बंगले को राबड़ी देवी से खाली कराने का आदेश जारी कर दिया है.
बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी का सरकारी आवास बदलने जाने पर उनकी बेटी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि घर से निकालना आसान है, लेकिन जनता के दिल से निकालेंगे.