ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष हैं. वे उत्तर प्रदेश के जहूराबाद ( Zahoorabad) निर्वाचन क्षेत्र से 17वीं विधानसभा के सदस्य हैं (MP) और वह एकता मंच गठबंधन के नेता हैं, जिसमें एसबीएसपी एक सदस्य है (Om Prakash Rajbhar Member of SBSP).
ओमप्रकाश 2017 से, जहूराबाद का प्रतिनिधित्व किया है. 19 मार्च 2017 को, वह पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और विकलांग जन विकास विभाग के मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बनें लेकिन 20 मई 2019 को, राजभर को गठबंधन विरोधी गतिविधियों के कारण मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था (Om Prakash Rajbhar Political Career).
राजभर उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के सदस्य हैं. 2017 से वे जहूराबाद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और SBSP के सदस्य हैं.
19 मार्च 2017 को, राजभर योगी आदित्यनाथ सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कैबिनेट मंत्री बने.
अक्टूबर 2021 में, राजभर ने घोषणा की कि उनकी पार्टी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करेगी.
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में SP के साथ गठबंधन में काम करते हुए, SBSP ने UP में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और पार्टी नेता ओम प्रकाश राजभर समेत 6 सीटों पर जीत हासिल की.
मार्च 2024 में, ओम प्रकाश राजभर उन चार मंत्रियों में शामिल थे जिन्हें राज्य कैबिनेट में शामिल किया गया, उन्हें राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शपथ दिलाई.
राजभर का जन्म 15 सितंबर 1962 को वाराणसी में सन्नू राजभर के घर हुआ था (Om Prakash Rajbhar Date of Birth). और वह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसरा ब्लॉक के रामपुर गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने 1983 में बलदेव डिग्री कॉलेज, बड़ागांव, वाराणसी से स्नातक की उपाधि हासिल की. वे पेशे से एक कृषिविद् हैं (Om Prakash Rajbhar Education).
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की बिसात बिछाई जाने लगी है. बीजेपी यूपी की सभी 403 सीटों पर सीक्रेट सर्वे करा रही है, सर्वे सिर्फ अपनी ही सीटों पर ही नहीं बल्कि सहयोगी दलों की सीटों पर रिपोर्ट तैयार कर रही है. माना जा रहा है कि कई पुराने चेहरों को पत्ता कट सकता है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में जातीय राजनीति फिर से उभर कर सामने आई है. सुभासपा प्रमुख और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सवाल दागा है.
अखिलेश यादव के दिल्ली में प्रोटेस्ट को लेकर ओमप्रकाश राजभर ने उन पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सपा सरकार के नकल और नौकरी भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि सपा नेताओं को शिक्षा पर बोलने का हक नहीं है. उन्होंने धर्मेंद्र यादव की योग्यता पर भी सवाल उठाए.
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि 2012 में सत्ता में आते ही सपा कार्यकर्ताओं ने भदोही के मकदूमपुर गांव में दलित बस्ती को निशाना बनाया, घरों में आग लगाई और महिलाओं से बदसलूकी की. राजभर के मुताबिक उस वक्त प्रशासनिक दबाव के चलते पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई थी.
संजय निषाद ने यूपी चुनाव से पहले गठबंधन के विकल्पों को लेकर सवाल पर भी बेबाक जवाब दिया. उन्होंने कहा है कि राजनीति नए अवसर खोजती है.
यूपी में चुनाव समर से पहले लगातार समाजवादी पार्टी में टूट का दावा करने वाले मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अब एक और बड़ा दावा किया है. ओपी राजभर ने कहा कि 22 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, और तभी समाजवादी पार्टी टूट जाएगी. देखें वीडियो.
ओमप्रकाश राजभर अपना यूपी विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन नए तरीके से चला रहे हैं. यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को लगातार टार्गेट कर रहे हैं. कभी सपने देखने के बहाने तो कभी किसी और तरीके से - और समाजवादी पार्टी के नेता पर गंभीर आरोप भी लगा रहे हैं.
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक खुला पत्र लिखकर सपा कार्यकर्ताओं के कथित ‘आर्थिक शोषण’ का मुद्दा उठाया है।
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को उनके ही मजबूत गढ़ आजमगढ़ में विपक्ष ने घेराबंदी में जुट गए हैं. बसपा प्रमुख मायावती सीधे सपा पर अटैक करने का दांव चल रही हैं तो ओम प्रकाश राजभर बीजेपी की नैया पर सवार होकर अपने सियासी आधार के जरिए मात देना चाहते हैं.
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए उनके कार्यकर्ताओं से मिलने के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि सपा के सुरक्षा घेरे में फोटो और मुलाकात के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है.
लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित एनडीए सहयोगियों की अहम बैठक में शामिल होने जा रहे सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने अपनी ही शैली में तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में लोग जब तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो उन्हें कट्टे का लाइसेंस थमा दिया जाता है.
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई देते हुए तंज भरी सलाह दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि अखिलेश आलसी और आरामतलब जिंदगी छोड़कर एसी-पीसी वाली राजनीति से बाहर निकलें. राजभर ने कहा कि अखिलेश को गांव-देहात में जाकर गैर-यादव पिछड़ों, गरीबों, दलितों और समाज के हर वर्ग के बीच जाना चाहिए और उनके सुख-दुख में शामिल होना चाहिए.
समाजवादी पार्टी के पूर्व MLC उदयवीर सिंह ने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी और निषाद पार्टी के बीच चल रही खींचतान को लेकर बड़े दावे किए हैं. उनके मुताबिक, राजभर के विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी टूट के दावे के बाद अब गोमती रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर नया मोर्चा खुल गया है. सोशल मीडिया पर 'सैफई परिवार का भ्रष्टाचार' नाम से पोस्टर जारी कर अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा गया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि रिवर फ्रंट का बजट विकास की जगह साल 2017 के चुनाव और तिजोरी में चला गया, साथ ही चेतावनी भी दी गई है.
ऑपरेशन लोटस पर जुबानी जंग चल रही है. अखिलेश यादव के विरोधियों की ओर से लगातार ये दावा हो रहा है. ममता-उद्दव के बाद अखिलेश के सांसदों में फूट की अटकलें चल रही है. यूपी सरकार के मंत्री राजभर ने शिगूफा छोड़ा. फिर तो डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता भी इस शोर को आवाज देने लगे और सपा की ओर से भी जवाबी हमले शुरू हो गए.
समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने ओपी राजभर के दावों को खारिज किया है. उन्होंने गुटबाजी का आरोप लगाया, लेकिन अखिलेश यादव और पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताया है.
उत्तर प्रदेश में चुनावी तपिश के साथ ही सियासत गर्मा गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ एनडीए के ओबीसी नेताओं की तिकड़ी फ्रंटफुट पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है. अखिलेश यादव को दलित-पिछड़ा विरोधी कठघरे में खड़े करने की कोशिश तेज हो गई है?
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद तीखी पोस्ट साझा की है. उन्होंने यूपी पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (PDA) के नारे पर सीधा हमला बोला और दलित उत्पीड़न के मामलों में सपा समर्थकों की संलिप्तता का आरोप लगाया.
उत्तर प्रदेश की सियासत में ओम प्रकाश राजभर ने सपा में टूट का दावा कर सियासी चलचल मचा दी है. उन्होंने कहा कि बागी बलिया का लाल सपा के बगावत का नेतृत्व करेगा. इस पर बलिया से ताल्लुक रखने वाले सपा के दोनों ही सांसद सामने आकर राजभर को खरी-खरी सुनाने के साथ ही सारे दावों की हवा निकाल दी है.
यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. आरोप-प्रत्यारोप के बीच जुबानी जंग में भी नेता पीछे नहीं है. ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व ‘बागी भूमि’ का एक नेता करेगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश बाबू ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है, जहां ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित टूट का दावा किया है. उनके मुताबिक कुछ सांसद अलग गुट बना सकते हैं, जिसका नेतृत्व प्रदेश की ‘बागी भूमि’ से जुड़ा नेता करेगा, जिससे सियासी समीकरण बदल सकते हैं.