ओमप्रकाश राजभर, राजनेता
ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष हैं. वे उत्तर प्रदेश के जहूराबाद ( Zahoorabad) निर्वाचन क्षेत्र से 17वीं विधानसभा के सदस्य हैं (MP) और वह एकता मंच गठबंधन के नेता हैं, जिसमें एसबीएसपी एक सदस्य है (Om Prakash Rajbhar Member of SBSP).
ओमप्रकाश 2017 से, जहूराबाद का प्रतिनिधित्व किया है. 19 मार्च 2017 को, वह पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और विकलांग जन विकास विभाग के मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बनें लेकिन 20 मई 2019 को, राजभर को गठबंधन विरोधी गतिविधियों के कारण मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था (Om Prakash Rajbhar Political Career).
राजभर का जन्म 15 सितंबर 1962 को वाराणसी में सन्नू राजभर के घर हुआ था (Om Prakash Rajbhar Date of Birth). और वह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसरा ब्लॉक के रामपुर गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने 1983 में बलदेव डिग्री कॉलेज, बड़ागांव, वाराणसी से स्नातक की उपाधि हासिल की. वे पेशे से एक कृषिविद् हैं (Om Prakash Rajbhar Education).
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद तीखी पोस्ट साझा की है. उन्होंने यूपी पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (PDA) के नारे पर सीधा हमला बोला और दलित उत्पीड़न के मामलों में सपा समर्थकों की संलिप्तता का आरोप लगाया.
उत्तर प्रदेश की सियासत में ओम प्रकाश राजभर ने सपा में टूट का दावा कर सियासी चलचल मचा दी है. उन्होंने कहा कि बागी बलिया का लाल सपा के बगावत का नेतृत्व करेगा. इस पर बलिया से ताल्लुक रखने वाले सपा के दोनों ही सांसद सामने आकर राजभर को खरी-खरी सुनाने के साथ ही सारे दावों की हवा निकाल दी है.
यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. आरोप-प्रत्यारोप के बीच जुबानी जंग में भी नेता पीछे नहीं है. ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व ‘बागी भूमि’ का एक नेता करेगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश बाबू ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है, जहां ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित टूट का दावा किया है. उनके मुताबिक कुछ सांसद अलग गुट बना सकते हैं, जिसका नेतृत्व प्रदेश की ‘बागी भूमि’ से जुड़ा नेता करेगा, जिससे सियासी समीकरण बदल सकते हैं.
ओम प्रकाश राजभर के सपा में टूट के दावे पर अखिलेश यादव ने करारा जवाब दिया है. साथ ही भाजपा पर दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा पहले भी कई चुनौतियों का सामना कर चुकी है और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी.
समाजवादी पार्टी में संभावित टूट के दावों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है. सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बयान के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोर्चा संभालते हुए पार्टी की एकजुटता का दावा किया है. उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि दूसरी पार्टियों में सेंध लगाना उसकी पुरानी राजनीति रही है. इस बयान के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है.
महाराष्ट्र में शिवसेना को लेकर उठे सियासी तूफान के बीच अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी टूट की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है. भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट का दावा किया है, जबकि सपा इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रही है. आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है.
उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के भीतर बड़ी टूट को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा के कई सांसद और नेता भाजपा में आने के लिए बिल्कुल तैयार बैठे हैं, जिस पर विपक्ष ने पलटवार किया है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी में संभावित टूट को लेकर बड़ा दावा किया है. वहीं भाजपा और सपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आए इन बयानों ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है और राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है.
सुभासपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि सपा के भीतर ही ऐसे लोग हैं जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने अखिलेश को सांसदों और विधायकों से गीता-कुरान पर शपथ दिलाने की चुनौती दी और कहा कि तब सच्चाई सामने आ जाएगी. राजभर ने गठबंधन टूटने की वजह भी बताई और कहा कि वह भाजपा के साथ मिलकर पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों के हितों के लिए काम कर रहे हैं.
यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की चर्चा छोड़िए, सपा के कई लोग भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठे हैं. वहीं दूसरी ओर सपा ने राजभर के बयान पर कहा कि उनकी आदत केवल बकवास करना है.
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट का दावा किया है. राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा है कि महाराष्ट्र बंगाल की बात छोड़िए, यूपी में पूरी समाजवादी पार्टी बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है. ओपी राजभर ने एक साल पहले मार्च के एक वीडियो का हवाला भी दिया है कि रामगोपाल यादव ने एक पर्ची केंद्रीय गृह मंत्री को दे दी है. राजभर ने क्या कहा है, सबसे पहले आपको वो सुनाते हैं.
उत्तर प्रदेश में सुहेलदेव को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा है. उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें राजा सुहेलदेव के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए थे. राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अपने इतिहास और नायकों का सम्मान करना जानती है तथा नेताओं को अपनी भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.
उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के दौरे से पहले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उनकी पार्टी पर निशाना साधा. राजभर ने एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव के अस्तित्व पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नेताओं को इतिहास और तथ्यों की जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की सलाह दी और कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अपने इतिहास, नायकों और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना जानती है.
यूपी एटीएस ने आजमगढ़ से एक संदिग्ध आतंकी को पकड़ा है. इस गिरफ्तारी को लेकर यूपी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एटीएस को बधाई दी है और विपक्षी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है.
चंदौली में सपा की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर घर में घुसकर हुए जानलेवा हमले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस बर्बरता को लेकर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'यादववादी जंगलराज' करार दिया है.
यूपी की योगी सरकार के सहयोगी दल सुभासपा में अजीत सिंह हत्याकांड के आरोपी प्रदीप सिंह कबूतरा की एंट्री से सियासत गरमा गई है. पूर्व वांटेड प्रदीप को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सदस्यता दिलाई. हालांकि, पार्टी प्रवक्ता अरुण राजभर ने नाम का कन्फ्यूजन बताते हुए इस दावे को खारिज किया है.
यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गाजीपुर के अनुदेशक सम्मान समारोह में अपने संघर्ष के दिनों का एक बेहद दिलचस्प और भावुक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि कैसे बनारस में ऑटो चलाने के दौरान एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर के थप्पड़ ने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल दी.
प्रतीक यादव की मौत को लेकर क्या बोले ओपी राजभर?
यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के कहने पर I-PAC को रखा था. उनके अनुसार, बंगाल कोयला घोटाले की फंडिंग रुकने और वहां चुनाव हारने के कारण ही अखिलेश ने ढाई महीने में यह कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बंगाल जाने के ऐलान पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तंज कसा है. राजभर ने कहा कि चुनाव में साथ न देने वाले अखिलेश अब हार के बाद केवल एसी में बैठकर सहानुभूति जताने जा रहे हैं. उन्होंने तंज किया कि अखिलेश गर्मी और पसीने से डरते हैं.