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NEET अभ्यर्थी मौत मामला: 'CBI जांच नहीं...हमें न्यायिक जांच चाहते हैं', बिहार सरकार के फैसले पर भड़का परिवार

बिहार के जहानाबाद में नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत के मामले में परिवार ने सीबीआई जांच को खारिज करते हुए न्यायिक जांच की मांग की है. परिवार का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से साक्ष्य मिटाए जा रहे हैं और उन्हें दबाया जा रहा है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना जताई गई है.

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NEET अभ्यर्थी मौत मामले में बिहार ने जाहिर किया गुस्सा. (photo: ITG)
NEET अभ्यर्थी मौत मामले में बिहार ने जाहिर किया गुस्सा. (photo: ITG)

बिहार के जहानाबाद में एक नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत के मामले में परिवार ने सीबीआई जांच की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है. परिवार का कहना है कि वे सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं और केवल न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इंक्वायरी) की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि शुरू से ही प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत है, जिससे साक्ष्य मिटाए जा रहे हैं और परिवार को दबाने की कोशिश की जा रही है.

परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'सीबीआई जांच की मांग से हम संतुष्ट नहीं हैं. न्यायिक जांच की मांग हमने पहले भी की थी और आज भी कर रहे हैं. शुरू से ही प्रशासन, हॉस्टल की मिलीभगत है. मैं कई बार मीडिया के माध्यम से ये बात कह चुका हूं. सरकार चाह रही है कि हमें दबाया जाए. सीबीआई जांच की मांग हमने नहीं की है, सरकार ने अपने मन से किया है. हमें कोई भरोसा नहीं है, बस न्यायिक जांच हो.'

'हमने नहीं की सीबीआई जांच की मांग'

जब उनसे पूछा गया कि गृह मंत्री ने तो सीबीआई जांच की सिफारिश की है. तो उन्होंने कहा, 'हमने तो कभी सीबीआई जांच की मांग की ही नहीं है. हम तो न्यायिक जांच की मांग कर रही हैं. हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में जांच होनी चाहिए, जिससे हमें निष्पक्ष न्याय मिल सके.'

उन्होंने ये भी कहा कि जो काम एसआईटी कर रही है, वहीं काम सीबीआई भी करेगी. उन्होंने डीजीपी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि डीजीपी तो बोल रहे हैं कि तुम्हारी बेटी ने सुसाइड किया है. वो तो हम लोगों पर निराधार आरोप लगा रहे हैं. हम उन पर भरोसा नहीं है.

'यही सुशासन है'

परिवार के सदस्य ने कहा कि बिहार पर सरकार के दबाव में काम कर रही है. आम जनता की बात कोई सुनने वाला नहीं, यही सुशासन है.

परिवार ने आगे कहा कि आम जनता को कोई देखने-सुनने वाला नहीं है. घटना को 25-26 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज भी उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.

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क्या है मामला

दरअसल, 6 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी बेहोशी की हालत में मिली थी. जहां से छात्रा को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई.

वहीं, नीट अभ्यार्थी की मौत के बाद परिवार ने यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया गया, जबकि फोरेंसिक रिपोर्ट में कपड़ों पर स्पर्म के निशान मिले हैं. पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन बाद में एसआईटी गठित की गई.

इसके बाद बिहार सरकार ने हाल ही में केंद्र से सीबीआई जांच की सिफारिश की है, ताकि पारदर्शी जांच हो सके. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र को पत्र लिखा है. हालांकि, परिवार का रुख सख्त है कि सीबीआई पर भी भरोसा नहीं, क्योंकि सबूत पहले ही मिटाए जा चुके हैं.

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