scorecardresearch
 

UDF के साथ हाथ मिलाएगी केरल कांग्रेस (M)? विधानसभा चुनाव से पहले अटकलें तेज

सीपीआई ने कहा कि केरल कांग्रेस (एम) एलडीएफ का हिस्सा बनी रहेगी. इस बारे में कोई स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है. जोस के. मणि से भी इस बारे में बातचीत हो चुकी है.

Advertisement
X
जोस के मणि (Credit: Nolan Pinto/India Today)
जोस के मणि (Credit: Nolan Pinto/India Today)

केरल में सियासी गहमागहमी तेज हो गई है. वोटिंग के ऐलान से पहले यूडीएफ (United Democratic Front) और एलडीएफ (Left Democratic Front) में नए साथियों के जुड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. चर्चा है कि एलडीएफ का साथ छोड़कर केरल कांग्रेस (मणि) यूडीएफ से हाथ मिला सकती है.

हालांकि, यूडीएफ के नेताओं ने ऐसी अटकलों को खारिज कर दिया है. केरल कांग्रेस (एम) के अध्यक्ष जोस के मणि ने भी कहा है कि इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है. लेफ्ट फ्रंट छोड़ने का पार्टी का कोई इरादा नहीं है. केरल कांग्रेस (एम) पूर्व में यूडीएफ की सहयोगी रह चुकी है. साल 2020 में वह एलडीएफ के साथ आ गई थी.

यूडीएफ के संयोजक अदूर प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस (एम) के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. मैं यह आधिकारिक रूप से कह सकता हूं.

हालांकि उन्होंने साफ किया कि कोई भी दल अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र है. यदि कोई पार्टी यूडीएफ में आना चाहती है तो यह उसका फैसला होगा. हम किसी पार्टी पर ऐसा करने के लिए दबाव नहीं डालेंगे.

सीपीआई के स्टेट सेक्रेटर बिनॉय विश्वम ने भी कहा कि केरल कांग्रेस (एम) एलडीएफ का हिस्सा बनी रहेगी. इस बारे में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है. जोस के. मणि से भी इस बारे में बातचीत हो चुकी है.

Advertisement

बता दें कि केरल में अभी सीपीआई (एम) की अगुवाई वाली लेफ्ट फ्रंट की सरकार है. इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों गठबंधन पूरा जोर लगा रही है.

(PTI इनपुट्स के साथ)

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement