देश के सियासी गलियारे में शशि थरूर को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. ऐसी कहा जा रहा है कि थरूर और कांग्रेस आलाकमान के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं और जल्द ही तिरुवनंतपुरम सांसद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं. ऐसी चर्चाएं हैं कि लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने दुबई पहुंचे शशि थरूर ने वहां सीपीआईएम के कुछ सीनियर नेताओं से मुलाकात की और वह कांग्रेस छोड़कर केरल में वाम दलों के गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) में शामिल हो सकते हैं.
हालांकि, सीपीआईएम के केरल सचिव एमवी गोविंदन ने कांग्रेस नेता थरूर के वाम दलों के साथ कथित बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह काल्पनिक और आधारहीन बताया है. एमवी गोविंदन ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं इस सवाल पर हमेशा एक ही जवाब देता हूं. यह एक काल्पनिक सवाल है और इसका जवाब भी काल्पनिक ही है. बुनियादी तौर पर यह गलत है. ऐसे सवालों का कोई महत्व नहीं है.' उन्होंने जोर देकर कहा कि शशि थरूर कांग्रेस के एक प्रमुख नेता हैं और वह उसी भूमिका में बने हुए हैं.
सीपीएम नेता ने कहा कि हाल के दिनों में एक अजीब राजनीतिक प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, जिसमें शशि थरूर लगातार भाजपा नेताओं, यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सार्वजनिक रूप से सराहना करते नजर आ रहे हैं. गोविंदन के मुताबिक, इसी पृष्ठभूमि में यह कहना कि थरूर सीपीएम या वाम मोर्चे के साथ जुड़ने जा रहे हैं, पूरी तरह निराधार है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि थरूर और वाम दलों के बीच किसी तरह की बातचीत को लेकर दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में मीडिया में चल रही खबरें महज अफवाह हैं और राजनीतिक अटकलों से ज्यादा कुछ नहीं.
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एमवी गोविंदन ने कहा कि केरल की राजनीति में जानबूझकर इस तरह की चर्चाएं फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य भ्रम पैदा करना है. उन्होंने दोहराया कि सीपीएम किसी भी तरह के अफवाह आधारित अभियान का हिस्सा नहीं है और तथ्यों के बिना बनाई जा रही कहानियों पर प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं समझती. अंत में उन्होंने साफ कहा कि शशि थरूर के सीपीएम में शामिल होने या वाम मोर्चे के साथ किसी तालमेल की बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन्हें गंभीरता से लेने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह के सवाल और उनके जवाब दोनों ही गलत हैं और उनका कोई राजनीतिक मूल्य नहीं है.
वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दुबई में सीपीआई (एम) से जुड़े व्यक्तियों से मुलाकात की खबरों के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब दिया, लेकिन टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. थरूर ने कहा कि विदेश में रहते हुए ऐसे मामलों पर चर्चा करना अनुचित होगा. सूत्रों की मानें तो शशि थरूर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में कोच्चि में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान न देने और केरल में पार्टी नेतृत्व द्वारा खुद को दरकिनार किए जाने के प्रयासों से नाराज हैं.
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उनके कांग्रेस छोड़ने की अटकलों को तब और हवा मिली, जब उन्होंने पीएम मोदी के कार्यक्रम का हवाला देकर दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान द्वारा बुलाई गई केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा बैठक से दूरी बनाई. एलडीएफ के संयोजक टी पी रामकृष्णन ने थरूर के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया, लेकिन कहा कि वाम मोर्चा और सीपीआई (एम) के दरवाजे उन व्यक्तियों, समूहों या पार्टियों के लिए हमेशा खुले हैं जो उनके राजनीतिक रुख से सहमत हैं.