जेईई परीक्षा
संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) भारत में विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित एक इंजीनियरिंग प्रवेश मूल्यांकन है. यह दो अलग-अलग परीक्षाओं द्वारा गठित किया गया है: जेईई मेन (JEE Main) और जेईई एडवांस (JEE Advance)
संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) कुल 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिसरों, 31 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिसरों, 25 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान परिसरों और 19 अन्य सरकारी वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों (GFTI) के आधार पर संयुक्त प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करता है. जेईई मेन और जेईई एडवांस में एक छात्र का रैंक होता है (Rank of the Students).
कुछ संस्थान हैं, जैसे भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER), भारतीय पेट्रोलियम और ऊर्जा संस्थान (IIPE), राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (RGIPT), भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (IIST), और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC), जो प्रवेश के आधार के रूप में जेईई एडवांस परीक्षा में प्राप्त अंकों का उपयोग करते हैं. ये संस्थान परीक्षा के बाद परामर्श सत्र (JoSAA) में भाग नहीं लेते हैं. कोई भी छात्र जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश लेता है, वह फिर से जेईई एडवांस परीक्षा के लिए उपस्थित नहीं हो सकता है, लेकिन NIT, IISC, IISER, RGIPT, IIPI और IIST के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि उनके पास अलग और विशेष परामर्श सत्र हैं.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी की 18 वर्षीय तन्वी शर्मा ने वह कर दिखाया, जिसके बारे में उनके इलाके की बहुत कम लड़कियां सोच पाती हैं. 12वीं के बाद जब उनके सामने NEET और JEE जैसे कई विकल्प थे, तब उन्होंने मर्चेंट नेवी का रास्ता चुना. इस फैसले पर उन्हें घर वालों की डांट भी सुननी पड़ी और कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. सिर्फ एक महीने की सेल्फ-स्टडी के दम पर तन्वी ने परीक्षा पास की और अब अगस्त में मर्चेंट नेवी में अपनी नई पारी शुरू करने जा रही हैं.
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र जस्टिन सातो ने लिंक्डइन पर बताया कि उन्हें JEE में 360 में से सिर्फ 53 नंबर मिले थे. लेकिन उनका यह पोस्ट कुछ देर में ही वायरल हो गया, जिसके बाद भारत की JEE आधारित IIT प्रवेश प्रणाली और अमेरिका के शीर्ष विश्वविद्यालयों में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई. इतने कम नंबर आने के बावजूद छात्र को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में एडमिशन मिल गया है.
सरकार अब मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं (NEET और JEE) का एकतरफा दबाव कम करने की तैयारी में है. सोर्सेज के मुताबिक अब एडमिशन और मेरिट में बोर्ड परीक्षा के नंबरों को 50 फीसदी तक वेटेज देने पर विचार किया जा रहा है. शिक्षा मंत्रालय की 9 सदस्यीय कमेटी जल्द सौंप सकती है अंतिम रिपोर्ट.
JoSAA ने IIT, NIT, IIIT और GFTI में प्रवेश के लिए दूसरे दौर के सीट आवंटन का परिणाम जारी कर दिया है. उम्मीदवारों को अब रिपोर्टिंग पूरी करनी होगी, फ्रीज, फ्लोट या स्लाइड में से विकल्प चुनना होगा और जारी हो रहे शेड्यूल पर नजर बनाई रखनी होगी.
कहते हैं कि जब हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी, तो किस्मत की लकीरों और शारीरिक अक्षमताओं को भी आपके सामने घुटने टेकने ही पड़ते हैं. कुछ ऐसी ही अविश्वसनीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली मिसाल पेश की है बिहार के एक बेहद साधारण किसान परिवार के लाल ने, इनकी संघर्षगाथा आज देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट को लेकर अब नया बवाल शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर छात्रों के कई पोस्ट से ऐसा दावा किया जा रहा है कि कई कैंडिडेट्स के दोनों पेपर के नंबर में फर्क देखने को मिल रहा है जिसके बाद से ऐसा माना जा रहा है कि परीक्षा में नकल हुई है. हालांकि, आईआईटी रुड़की की ओर से इसपर कोई सफाई नहीं आई है.
असल जिंदगी की कुछ कहानियां फिल्म की स्क्रिप्ट सी खूबसूरत नजर आती हैं. मगर इनके पीछे कुछ घंटे की शूटिंग या डायलॉग नहीं होते बल्कि पूरी जिंदगी लगी होती है. हमने इन्हें 'मातृरूपेण संस्थिताम्' से परिभाषित करते हुए ये संदेश दे दिया है कि माता ही देव स्वरूप है. आइए जानते हैं इनकी पूरी कहानी...
IIT रुड़की ने जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा पास किए उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर IIT रुड़की ने कहा कि 12वीं में 75 प्रतिशत से कम होने पर भी जोसा काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे. हालांकि, सीट पक्की करने के लिए उम्मीदवारों को 15 जुलाई तक संशोधित मार्कशीट जमा करना होगा. उन्होंने ये भी कहा है कि रिजल्ट सुधरने तक छात्रों की रैंक सुरक्षित रहेगी.
मृतक की पहचान आर्यन ओझा (17) पुत्र कृपा शंकर, निवासी सतकवीर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. आर्यन वर्तमान में कोटा के पुराना राजीव गांधी नगर क्षेत्र में रहकर एक निजी कोचिंग संस्थान से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी कर रहा था. बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था.
देशभर में जहां जेईई एडवांस्ड के टॉप रैंकर्स का सपना अक्सर आईआईटी बॉम्बे की कंप्यूटर साइंस सीट होती है, वहीं कोटा में पढ़े ओडिशा के जुड़वा भाइयों ने सफलता की एक अलग मिसाल पेश की है. तीन साल तक कोटा में रहकर तैयारी करने वाले महारूफ और मसरूर ने न सिर्फ शानदार रैंक हासिल की बल्कि भाईचारे की ऐसी कहानी लिख दी, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है.
जेईई एडवांस्ड 2026 में शामिल हुए लाखों छात्रों का डेटा लीक हो गया है. उम्मीदवारों के रिजल्ट के साथ ही उनका नाम, मोबाइल नंबर और डेट ऑफ बर्थ को आसानी से एक्सेस किया जा सकता है. अपनी इस गलती को आईआईटी रुड़की ने भी स्वीकार कर लिया है.
NEET और IIT JEE परीक्षाओं के भरोसे देश में हजारों करोड़ की कोचिंग इंडस्ट्री पनपी. लेकिन, NEET पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड भी कोचिंग वाले ही निकले. दुर्भाग्य ये रहा कि बजाय अपने पेश की ‘गंदी मछली’ के खिलाफ आवाज उठाने के, कोचिंग का तालाब शांत पड़ा रहा. विरोध की कोई लहर नहीं उठी.
CBSE 12वीं की कॉपियों को लेकर अभी तक को साफ जवाब सामने नहीं आया है. उधर कल यानी 2 जून से JoSAA की काउंसलिंग शुरू होने वाली है. लेकिन छात्रों के दिमाग में चल रही खींचा-तानी बंद होने का नाम नहीं ले रही है. हालांकि, IIT ने ये साफ कर दिया है कि जेईई एडवांस्ड पास किए उम्मीदवार JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं लेकिन दूसरी तरफ अभी री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रोसेस अभी शुरू भी नहीं हो पाया है.
जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. लेकिन एक सवाल जो छात्रों के बीच लगातार उठ रहा है वह ये है कि जेईई परीक्षा तो पास कर ली है लेकिन अगर 12वीं के नंबर कम रह गए तो, क्या एडमिशन मिला है. इस बीच IIT रुड़की ने साफ कहा है कि सभी सफल छात्र JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं. हालांकि, 12वीं पात्रता की शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है.
जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. ऐसे में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार की कहानी युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है. मीडिल क्लास परिवार से आने वाले शुभम का लक्ष्य अब आईआईटी बॉम्बे है. उनके पिता हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं शुभम के बारे में.
इस साल कुल 1,87,389 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और 56,880 उम्मीदवारों ने आईआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई किया है. दिल्ली जोन ने टॉप-3 रैंकर्स में पूरी तरह से कब्जा किया है. लड़कियों में आरोही देशपांडे टॉपर बनी हैं. अब JoSAA 2026 काउंसलिंग शुरू होगी जिसमें 12वीं के मार्क्स की बाध्यता नहीं होगी.
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब भी स्टाफ की कमी से जूझ रही है. सरकार ने हाल ही में चार नए सीनियर अफसरों की नियुक्ति की है, लेकिन एनटीए के 16 में से 8 शीर्ष पद अब भी खाली हैं. राधाकृष्णन समिति ने एनटीए की संरचनात्मक कमजोरियों और संविदा कर्मचारियों पर निर्भरता को बड़ा खतरा बताया था.
इस साल NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के विवादों के बाद रद्द कर दी गई है जिससे छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस पूरे मामले की जांच को CBI को सौंप दिया गया है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि NEET के पेपर में गड़बड़ी सामने आई है. इसके पहले भी साल 2024 में इसे लेकर विवाद सामने आए थे. ऐसे में इस पूरे मामले के बाद अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर NEET परीक्षा में ही क्यों पेपर लीक के मामले सामने आते हैं. NTA, JEE Mains की परीक्षा का भी आयोजन करता है पर कभी पेपर लीक नहीं होता. क्यों? तो चलिए जानते हैं इससे जुड़ा कारण.
जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा में हिस्सा लेने वाले छात्रों को सबसे पहले एडमिट कार्ड और एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड करना होगा जो आज जारी कर दी जाएगी. रजिस्टर्ड उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.nic.in पर लॉगिन कर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे. परीक्षा 17 मई को दो पालियों में आयोजित होगी.
अगर आप भी IIT रुड़की जैसे बड़े संस्थान से पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन भारी-भरकम फीस की वजह से चिंता में हैं, तो इसके लिए अब आपको निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगर छात्र JEE Advanced परीक्षा में अच्छी रैंक लाता है, तो IIT रुड़की उसके लिए अच्छी स्कॉलरशिप देगी.
कई बार आप जिंदगी से चाहते कुछ और हैं और आपको मिल कुछ और जाता है. लेकिन संजय बी ने वह कर दिखाया है, जो हर किसी के लिए प्रेरणा से कम नहीं है. तीन बार नीट में फेल हुए, JEE में कोई रैंक नहीं लेकिन बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अब वह डेटा साइंटिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं.