दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र संघ है. लगभग 91 संबद्ध कॉलेजों और 16 संकायों में फैले 7 लाख से अधिक छात्रों के साथ, डीयूएसयू दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है. इसका गठन 1949 में हुआ था और 1954 में पहली बार डीयूएसयू चुनाव आयोजित किए गए. यह सदस्य कॉलेजों, विश्वविद्यालय संकायों और शिक्षण विभागों के छात्रों का प्रतिनिधि संगठन है. सदस्य कॉलेजों और विश्वविद्यालय के संकायों एवं शिक्षण विभागों के छात्र संघ के सदस्य होते हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति संघ के संरक्षक होते हैं. संघ का आधिकारिक कार्यकाल और कार्य-वर्ष हर साल 16 अगस्त से शुरू होकर अगले वर्ष 15 अगस्त तक चलता है.
1922 में दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से ही इसके छात्र स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष का हिस्सा बने. विश्वविद्यालय में छात्र संगठन स्थापित करने की लंबे समय से मांग उठ रही थी. अंततः 1947 में, उस समय दिल्ली विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष वी के आर वी राव की अध्यक्षता में एक अस्थायी समिति बनाई गई, जिसमें सभी संबद्ध कॉलेज यूनियनों के अध्यक्ष शामिल थे. इस समिति को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) का संविधान तैयार करने का अधिकार दिया गया. अंततः 9 अप्रैल 1949 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डूसू का उद्घाटन किया.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 में दीपांशु 100कीन (शौकीन) ने बिना किसी बड़े राजनीतिक घराने या पार्टी के समर्थन के उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की. वे एक आम परिवार से आते हैं, जिनके पिता दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में कॉन्ट्रैक्ट बेस पर कंडक्टर हैं. दीपांशु ने अपने संघर्ष और 'नंगे पैर' विरोध के जरिए छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी. जानिए उनके बारे में...
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में केंद्रीय पैनल के 10 उम्मीदवारों में से 7 बौद्ध अध्ययन विभाग से थे. इस विभाग के ABVP उम्मीदवार यश डबास ने अध्यक्ष पद जीता, जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष बने.
DUSU की सियासत में ABVP और NSUI जैसे बड़े संगठनों के बीच एक निर्दलीय चेहरे दीपांशु शौकीन की जीत ने हलचल मचा दी है. चार साल पहले फ्रेशर्स पार्टी में ‘आज अकेला चल रहा हूं, एक दिन पीछे काफिला होगा’ कहने वाला दीपांशु अब सचमुच काफिले के साथ खड़ा है. लेकिन इस जीत के पीछे सिर्फ तुक्का नहीं, लंबी तैयारी और कई समीकरण हैं.
जेपी नड्डा ने DUSU के नतीजों पर 'आजतक' से बातचीत करते हुए कहा कि यह सिर्फ छात्रों की गूंज नहीं, बल्कि छात्रों का धमाका है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ झूठ की राजनीति करना जानते हैं.
DUSU चुनाव में NSUI की हार के बाद कांग्रेस के भीतर उठ रहे सवालों के बीच जितेंद्र भारद्वाज ने अपने पद को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा राहुल गांधी के पास है और संगठन किसी एक व्यक्ति की बपौती नहीं है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में ABVP ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत हासिल की है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर NSUI से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु ने जीत दर्ज की.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीतकर सुर्खियां बटोरी हैं. वे पहले एनएसयूआई से जुड़े थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे. दीपांशु के पिता दिल्ली परिवहन निगम में बस कंडक्टर हैं. छात्र मुद्दों को लेकर उन्होंने लंबे समय तक नंगे पैर अभियान चलाया. अंतिम नतीजों में उन्हें 30,615 वोट मिले और उन्होंने उपाध्यक्ष पद अपने नाम किया.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के नतीजे घोषित हो गए हैं. अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे. उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीता. इस तरह चार केंद्रीय पदों में एबीवीपी को तीन सीटें मिलीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई. मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं. ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है, वहीं उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शोकीन विजयी रहे हैं. इस चुनाव में ABVP ने अपना दबदबा कायम रखते हुए 4 में से 3 मुख्य पदों पर जीत दर्ज की है, जबकि NSUI को करारी हार का सामना करना पड़ा है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में कुल 40.46% वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले साल के 39.45% से मामूली बेहतर है. एबीवीपी और एनएसयूआई अपने-अपने वोट बैंक के दम पर क्लीन स्वीप का दावा कर रहे हैं, लेकिन कम वोटिंग टर्नआउट ने अप्रत्याशित नतीजों की संभावना बढ़ा दी है. फिलहाल काउंटिंग जारी है, देखते हैं छात्रों ने किसे अपना प्रेसिडेंट चुना है.
डूसू चुनाव में मतदान खत्म हो चुका है. इस बार मुकाबला ABVP, NSUI और वामपंथी छात्र संगठनों (AISA-SFI) के बीच रहा. वोटिंग दो पारियों, मॉर्निंग और इवनिंग, में हुई. चुनाव के दौरान किसी तरह की हिंसा न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात रहे.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के मतदान से पहले नॉर्थ कैंपस में दो छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी है. डीसीपी निहारिका भट्ट मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं.
इस बार का DUSU चुनाव केवल पोस्टर, नारों और बड़ी गाड़ियों के शो-ऑफ तक सीमित नहीं है. 'जेन जी' के नाम से जानी जाने वाली नई पीढ़ी इस तमाशे से परे ठोस जवाबदेही मांग रही है. वहीं कैंपस में हर तरफ डूसू चुनाव के रंग साफ नजर आ रहे हैं. यहां डीयू का पारंपरिक चुनाव भी नजर आ रहा है तो वहीं बदलते वक्त के साथ नये चेंजेज भी. पढ़ें- स्पेशल रिपोर्ट.
चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल जॉइंट मीटिंग हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, कॉलेजों के प्राचार्यों, हॉस्टल प्रोवोस्ट-वार्डन और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया.जानिए- क्या तय हुआ?
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में वोटिंग के लिए अब कुछ ही घंटे बचे हैं. इस बीच कैंपस में दो बड़े छात्र संगठन NSUI और ABVP हॉस्टल मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं. एक तरफ एनएसयूआई का आरोप है कि दिल्ली सरकार की 10 हजार हॉस्टल बेड की घोषणा का टाइमिंग चुनाव पर असर डालने के लिए है, वहीं एबीवीपी ने इस पर एनएसयूआई को करारा जवाब दिया है. पढ़ें- पूरी खबर...
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 में NSUI ने आदिवासी समुदाय से आने वाले विजय शंकर मीणा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है. राजस्थान के साधारण परिवार से आने वाले मीणा सामाजिक न्याय और छात्र अधिकारों के मुद्दों पर जोर दे रहे हैं. आइए जानते हैं उनका चुनावी एजेंडा और पूरा बैकग्राउंड...
ABVP और NSUI ने अपने घोषणापत्र दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के लिए जारी कर दिए हैं. ABVP ने सुरक्षित और किफायती छात्र आवास, नए हॉस्टल, महिला सुरक्षा, समय पर परीक्षा परिणाम सहित कई मुद्दों को प्राथमिकता दी है. वहीं, NSUI ने जवाबदेही, छात्र अधिकार, किफायती PG, किराया नियंत्रण, सस्ता मेट्रो पास का वादा किया है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU) के लिए ABVP ने घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस घोषणापत्र में PG, होस्टल, महिला सुरक्षा, शिक्षा सुधारों जैसे वादे किए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने SRCC की उपलब्धियों की सराहना करते हुए 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए डीयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है. चुनाव प्रचार के लिए छपे हुए पोस्टरों पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है और प्रचार सिर्फ 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर ही किया जा सकेगा.
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कैंपस इवेंट्स के लिए नए नियमों का ऐलान कर दिया है. अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.