वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक 19 जनवरी को शुरू हो रही है, जो23 जनवरी तक चलेगी. सरकारों, व्यवसायों, नागरिक समाज और शिक्षा जगत के वैश्विक नेता इन गंभीर चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस में इकट्ठा होंगे (Davos 2026).
दावोस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के कई वैश्विक नेता वैश्विक मुद्दों और आगे के रास्ते पर अपने विचार साझा करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 22 जनवरी को दावोस में बोलने की उम्मीद जताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके भाषण का फोकस हाउसिंग की किफायती दर पर होने की संभावना है.
बात करें थीम की तो इस साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की मुख्य थीम "A Spirit of Dialogue" यानी "संवाद की भावना" है. इस साल की थीम दुनिया के नेताओं के बीच खुली बातचीत, सहयोग और विश्वास को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देती है.
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बयान का पुरजोर खंडन किया. बेसेंट ने दावा किया था कि ट्रंप से बातचीत में कार्नी ने दावोस वाले बयान वापस लेने की कोशिश की थी.
ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईरान की घेराबंदी शुरू हो चुकी है और क्या इससे युद्ध की संभावना बढ़ गई है. स्विट्जरलैंड के मंच से ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि हथियार ईरान में पहुँच रहे हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. इस संदर्भ में ईरान की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय तनाव का विश्लेषण आवश्यक हो गया है.
भारत में प्रेस की आजादी पर एक सवाल का जवाब देते हुए इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस-चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी ने कहा कि मीडिया को कठोर वैचारिक ढांचे थोपने के बजाय सांस्कृतिक और सामाजिक वास्तविकताओं के दायरे में काम करना चाहिए.
WEF की मीटिंग में शिरकत करने पहुंचे सोमालिया के डिप्टी पीएम सलाह अहमद जमा ने हिंदी में कहा कि भारत उनके लिए अपने देश जैसा है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को हिंदी में जवाब दिया और कहा कि वे दुनिया भर की बातें कहते रहते हैं लेकिन मैं अपनी कहानी बताऊंगा. ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही सोमालिया के लिए काफी कटु शब्दों का इस्तेमाल किया है.
एलन मस्क ने ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर व्यंग्य किया और ग्रीनलैंड व वेनेजुएला से जुड़ा मजाक कर माहौल को हल्का करने की कोशिश की. इस पर हॉल में मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे. उनके इस बयान को ट्रंप की विदेश नीति और क्षेत्रीय दावों पर तंज के तौर पर देखा गया.
स्विट्जरलैंड का दावोस भले ही दुनिया के सबसे बड़े बिजनेस इवेंट वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए जाना जाता हो, लेकिन हकीकत यह है कि यह शहर घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है.
ब्रेमर ने यूक्रेन और गाजा में जारी युद्धों और वैश्विक शासन के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच कहा कि भारत जैसे देशों को अमेरिका से संवाद और बहुपक्षीय व्यवस्था की रक्षा के बीच संतुलन साधना होगा.
पीस बोर्ड पर साइन करने वाले देशों में अमेरिका, बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, मंगोलिया, पाकिस्तान, पराग्वे, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और उज्बेकिस्तान हैं. इस तरह बोर्ड में आठ इस्लामिक देश शामिल हैं.
19 जनवरी से शुरू हुई विश्व आर्थिक मंच (WEF) की सालाना बैठक के हर एजेंडे में इस बार 'सस्टेनेबिलिटी' और पर्यावरण प्रमुखता से शामिल है. जहां ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट ट्रैफिक तीन गुना हो गया, वहीं आंकड़े बताते हैं कि 19 और 20 जनवरी के बीच हर घंटे औसतन पांच प्राइवेट जेट एयरपोर्ट पर उतरे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मार्क और उन्होंने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र पर एक भविष्य के समझौते का फ्रेमवर्क तय करने पर सहमति बना ली है इसलिए अब यूरोपीय देशों पर वह टैरिफ नहीं लगाएंगे.
व्हाइट हाउस का कहना है कि बोर्ड ऑफ पीस के एग्जीक्यूटिव बोर्ड का हर सदस्य गाजा में शांति बहाली पर प्रमुखता से काम करेगा. इसके साथ ही एक तय पोर्टफोलियो की जिम्मेदारी संभालेगा. इसके अलावा बोर्ड का काम क्षेत्रीय संबंधों में सुधार, पुनर्निर्माण और फंडिंग पर भी रहेगा.
एसबीआई के चेयरमैन ने बताया कि बेहतर रिटर्न की तलाश में ग्राहक म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस, पेंशन फंड और अन्य बाजार आधारित प्रोडक्ट्स की ओर रुख कर रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावोस से रवाना होने से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि कल अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पीस बोर्ड की साइनिंग सेरेमनी में हिस्सा लेते हुए कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक है. यह गाजा पीस बोर्ड के आधिकारिक गठन का मौका है. मिडिल ईस्ट में शांति है लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा होगा. हमने आठ युद्ध रुकवाए हैं और मुझे लगता है कि एक और युद्ध जल्द ही सुलझने जा रहा है.
'हमास ने हथियार नहीं डाले तो खत्म कर दूंगा...', गाजा पीस बोर्ड की शुरुआत कर बोले ट्रंप
इसमें कोई दो राय नहीं कि आज की तारीख में अमेरिका सबसे ताकतवर मुल्क है. पर उसकी ताकत के पीछे यूरोप और कनाडा जैसे देशों का आंख मूंदकर मिलने वाला समर्थन भी रहा है. अगर ये दोनोंं ही ताकतें अमेरिका के खिलाफ खुलकर सामने आती हैं तो अमेरिकी प्रभुत्व का क्या होगा?
ग्रीनलैंड पर जारी तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड दिया लेकिन अब वो ग्रीनलैंड पर आनाकानी कर रहा है. ट्रंप ने फिर दोहराया कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है और वो उसे लेकर रहेंगे. ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड बर्फ का एक टुकड़ा है, जो उनकी बहुत छोटी सी मांग है. साथ ही ट्रंप ने कहा कि मुझे यूरोप से प्यार हैं. मैं चाहता हूं कि यूरोप भी तरक्की करे. लेकिन यूरोप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है.
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने दावोस गए हैं. शिवसेना (यूूबीटी) सांसद संजय राउत ने इसे पिकनिक बताया था. संजय राउत के बयान पर सीएम फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने पलटवार किया है.
मजबूत विकास दर, गहरे होते सुधार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए अब कड़े फैसलों और तेज क्रियान्वयन की जरूरत है. इसी विषय पर इंडिया टुडे ग्रुप के सहयोग से एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों दावोस में नीला चश्मा पहनकर पहुंचे थे. उनका ये लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. अब उनके इसी चश्मे पर ट्रंप ने अपने संबोधन में चुटकी ली है.