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दावोस में एक तरफ 'क्लाइमेट चेंज' पर चर्चा, दूसरी ओर रनवे पर खड़े दिखे 200 से ज्यादा प्राइवेट जेट

19 जनवरी से शुरू हुई विश्व आर्थिक मंच (WEF) की सालाना बैठक के हर एजेंडे में इस बार 'सस्टेनेबिलिटी' और पर्यावरण प्रमुखता से शामिल है. जहां ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट ट्रैफिक तीन गुना हो गया, वहीं आंकड़े बताते हैं कि 19 और 20 जनवरी के बीच हर घंटे औसतन पांच प्राइवेट जेट एयरपोर्ट पर उतरे.

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19 से 21 जनवरी के बीच दावोस में 850 से ज्यादा जेट उतरे. (Photo- ITG)
19 से 21 जनवरी के बीच दावोस में 850 से ज्यादा जेट उतरे. (Photo- ITG)

दुनिया के सबसे ताकतवर और रसूखदार लोगों का जमावड़ा एक बार फिर स्विट्जरलैंड के अल्पाइन शहर दावोस में लगा है. 19 जनवरी से शुरू हुई विश्व आर्थिक मंच (WEF) की सालाना बैठक के हर एजेंडे में इस बार 'सस्टेनेबिलिटी' और पर्यावरण प्रमुखता से शामिल है. लेकिन विडंबना यह है कि इन मुद्दों पर चर्चा करने आ रहे खास मेहमान 'कार्बन-इंटेंसिव' (भारी प्रदूषण फैलाने वाले) प्राइवेट जेट विमानों से पहुंच रहे हैं.

3D विजुअलाइजेशन में उन वैश्विक हॉटस्पॉट्स को दिखाया गया है, जहां से प्राइवेट जेट्स में सवार विशिष्ट अतिथि 19 और 20 जनवरी के बीच ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे.

WEF 2026 के दौरान ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्राइवेट विमानों (कम से कम पांच) के आगमन के स्रोत दर्शाता डेटा. (डेटा: 19-20 जनवरी)

जहां ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट ट्रैफिक तीन गुना हो गया, वहीं आंकड़े बताते हैं कि 19 और 20 जनवरी के बीच हर घंटे औसतन पांच प्राइवेट जेट एयरपोर्ट पर उतरे. इंडिया टुडे की OSINT (ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इसी अवधि में दावोस के सबसे नजदीकी बड़े एयरपोर्ट ज्यूरिख पर कुल 216 प्राइवेट जेट आगमन की पहचान की.

आम दिनों में स्विस आल्प्स के भीतर स्थित यह छोटा एयरपोर्ट 100 से थोड़े अधिक विमानों की आवाजाही संभालता है. लेकिन 19 से 21 जनवरी के बीच तीन दिनों में यहां 850 से ज्यादा जेट उतरे.

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इस उछाल का बड़ा कारण यूरोप की प्रमुख राजधानियां रहीं. अकेले लंदन से करीब 65 फ्लाइट्स आईं. एम्स्टर्डम से 34, फ्रैंकफर्ट से 35, बर्लिन से 26 और पेरिस से 23 फ्लाइट्स दर्ज की गईं. एथेंस, बार्सिलोना, बेलग्रेड, ब्रुसेल्स, बुडापेस्ट और कोपेनहेगन जैसे यूरोपीय शहरों का भी ट्रैफिक में बड़ा हिस्सा रहा.

मध्य पूर्व से भी फ्लाइट्स दर्ज की गईं. अबू धाबी से 8, दोहा से 6, दुबई से 10 और इस्तांबुल से 22 फ्लाइट्स दर्ज हुईं. भारत से कुल सात उड़ानें आईं, जिनमें तीन दिल्ली से और चार मुंबई से थीं.

आजतक द्वारा समीक्षा किए गए प्राइवेट जेट मूवमेंट के डेटा से पता चलता है कि यह उछाल मुख्य रूप से लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले, बड़े केबिन वाले बिज़नेस जेट्स के कारण था. आल्प्स के लिए प्राइवेट एविएशन का सबसे बड़ा गेटवे लंदन बनकर उभरा.

सबसे लोकप्रिय विमान Gulfstream G650 रहा, जो आजतक द्वारा ट्रैक किए गए लगभग 200 प्राइवेट जेट्स में से 32 का हिस्सा था. इसकी कीमत आमतौर पर 6.5 करोड़ रुपये से अधिक होती है, इसमें 19 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है और इसे डबल बेड व शॉवर जैसी लग्ज़री सुविधाओं के साथ कॉन्फ़िगर किया जा सकता है.

Bombardier Challenger 600 सीरीज के जेट्स भी दावोस पहुंचने वाले अभिजात वर्ग की अगली पसंद बने. JPMorgan, Bank of Utah, Citigroup और Lockheed Martin जैसी वैश्विक वित्तीय व कॉरपोरेट दिग्गजों से जुड़े कई विमानों को भी ट्रैक किया गया.

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इस हफ्ते दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच में दुनिया भर से सैकड़ों राजनीतिक नेता जुट रहे हैं, जिनमें 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख शामिल हैं. टेक जगत से प्रमुख नामों में JPMorgan के CEO जेमी डाइमोन, NVIDIA के जेन्सन हुआंग और माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला शामिल हैं, जो प्रमुख पैनलिस्टों में गिने जा रहे हैं.

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